- प्राकृतिक संसाधनों और ऐतिहासिक-सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को लेकर प्रधानमंत्री को भेजा पत्र; बुंदेलखंड राष्ट्र समिति ने यूपी, एमपी और केंद्र में भाजपा सरकार को बताया अनुकूल अवसर
भारत 19
झांसी। बुंदेलखंड में खनन से प्राकृतिक संपदा और ऐतिहासिक धरोहर पर बढ़ते खतरे के बीच अलग बुंदेलखंड राज्य की मांग फिर तेज हो गई है। बुंदेलखंड राष्ट्र समिति ने शुक्रवार को जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजकर पृथक राज्य के गठन की मांग उठाई। समिति ने कहा कि जल-जंगल-जमीन, प्राकृतिक संसाधनों, भाषा और सांस्कृतिक पहचान के संरक्षण के लिए अलग राज्य जरूरी है। समिति के मुताबिक क्षेत्र लंबे समय से संसाधनों के दोहन, पर्यावरणीय संकट और विकास संबंधी चुनौतियों से जूझ रहा है। खनन गतिविधियों के प्रभाव को देखते हुए प्राकृतिक संपदा और ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण के लिए स्थायी व्यवस्था की जरूरत है।
खनन और विरासत संरक्षण को बनाया प्रमुख मुद्दा
समिति ने प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में खनन गतिविधियों से पर्यावरण और क्षेत्र की विरासत पर पड़ रहे असर को प्रमुखता से उठाया। प्रदेश अध्यक्ष यज्ञेश कुमार गुप्ता ने कहा कि बुंदेलखंड की अस्मिता और प्राकृतिक संपदा बचाने के लिए उसे अलग राज्य का दर्जा मिलना चाहिए। उनका कहना है कि पृथक राज्य बनने से स्थानीय जरूरतों के मुताबिक विकास की प्राथमिकताएं तय करने और संसाधनों के संरक्षण पर प्रभावी तरीके से काम किया जा सकेगा।
भाजपा सरकारों को बताया राज्य गठन का अवसर
समिति ने उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और केंद्र में भाजपा सरकार होने को अलग बुंदेलखंड राज्य के गठन के लिए अनुकूल राजनीतिक परिस्थिति बताया। पत्र में कहा गया कि तीनों स्तरों पर एक ही दल की सरकार होने के कारण राज्य निर्माण की दिशा में निर्णायक पहल का यह उपयुक्त समय है। समिति ने केंद्र से बुंदेलखंड की जनता की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए राज्य गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की अपील की।
स्थानीय जरूरतों के मुताबिक तय होंगी विकास प्राथमिकताएं
समिति का तर्क है कि अलग राज्य बनने पर क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए स्थानीय जरूरतों के अनुरूप नीतियां बनाई जा सकेंगी। जल, जंगल, जमीन और खनिज संसाधनों के संरक्षण को भी विकास की प्राथमिकताओं में बेहतर ढंग से शामिल किया जा सकेगा। पदाधिकारियों ने कहा कि अलग बुंदेलखंड राज्य की मांग को लेकर उनका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। ज्ञापन देने वालों में प्रदेश अध्यक्ष यज्ञेश कुमार गुप्ता, क्षेत्रीय महामंत्री ज्ञानेश्वर कुशवाहा, गोविंद दास, संजय आनंद, शिवम झा, लक्ष्मण प्रसाद, रमेश चंद्र, दीपक कुमार और पीयूष पयोधि पांडेय समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।


