- खाद्य प्रसंस्करण, दुग्ध उत्पादन और छोटे कारोबार में बिजली खर्च घटाने पर जोर; बचत से महिलाओं और उद्यमियों की आय बढ़ाने का मॉडल
भारत 19
लखनऊ। गांवों में सौर ऊर्जा को बिजली के विकल्प से आगे कम लागत वाले कारोबार और अतिरिक्त कमाई के साधन के रूप में विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। किसानों, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं और छोटे उद्यमियों की आर्थिक गतिविधियों को सौर ऊर्जा से जोड़कर ऊर्जा खर्च घटाने की दिशा में काम करने की जरूरत है। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने शुक्रवार को वृंदावन ग्राउंड में ‘सौर ऊर्जा एवं नवीकरणीय ऊर्जा-2026’ प्रदर्शनी एवं संवाद कार्यक्रम में यह बात कही।
मौर्य ने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण, दुग्ध उत्पादन, पैकेजिंग, मसाला, अचार और पापड़ जैसे कामों में बिजली की लागत कम होने से कारोबार का मार्जिन बढ़ सकता है। स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं इन गतिविधियों से जुड़ी हैं। उनके कारोबार में सौर ऊर्जा का इस्तेमाल होने पर बची रकम को उत्पादन बढ़ाने या कारोबार विस्तार में लगाया जा सकता है।
महिलाओं के छोटे कारोबार पर फोकस
प्रदर्शनी में मौर्य ने महिला उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं से बातचीत की और उनके कामकाज की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि ग्रामीण महिलाओं के स्वरोजगार को ऊर्जा की कम लागत से जोड़ना उनकी आर्थिक आत्मनिर्भरता को मजबूत कर सकता है। उन्होंने किसानों, युवाओं और छोटे कामगारों को भी सौर ऊर्जा के आर्थिक लाभ से जोड़ने की जरूरत बताई। इससे स्थानीय उत्पादन और प्रसंस्करण गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं।
तकनीक और निवेश के अवसरों पर चर्चा
प्रदर्शनी में सौर एवं नवीकरणीय ऊर्जा, इलेक्ट्रिकल और संबंधित क्षेत्रों के निर्माताओं, उद्यमियों, निवेशकों और विशेषज्ञों ने तकनीक और उपकरणों का प्रदर्शन किया। मौर्य ने स्टॉलों का निरीक्षण कर आधुनिक तकनीकों और नवाचारों की जानकारी ली। उन्होंने सौर ऊर्जा से संबंधित मशीन का उद्घाटन और पुस्तक का विमोचन भी किया। मौर्य ने कहा कि उत्तर प्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार को ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़ने की संभावनाएं तलाशनी होंगी। सौर ऊर्जा से ऊर्जा खर्च के साथ रोजगार और निवेश के अवसर बढ़ाए जा सकते हैं। कार्यक्रम में राष्ट्रीय सोलर एसोसिएशन के अध्यक्ष सौरभ शर्मा, विधान परिषद सदस्य रामचंद्र प्रधान समेत उद्योग प्रतिनिधि, निर्माता और विशेषज्ञ मौजूद रहे।
