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त्योहारों से पहले यूपी की ग्रामीण सड़कें होंगी गड्ढामुक्त

  • सीएम योगी ने PMGSY मार्गों की मरम्मत और अनुरक्षण में तेजी के दिए निर्देश; 20,210 किमी से ज्यादा सड़कें अनुरक्षणाधीन, 3,039 मार्गों की जांच में 96 फीसदी संतोषजनक मिले**

भारत 19
लखनऊ।
त्योहारों से पहले गांवों की राह आसान करने के लिए उत्तर प्रदेश में ग्रामीण सड़कों की मरम्मत का अभियान तेज होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत बने मार्गों को प्राथमिकता के आधार पर गड्ढा मुक्त और सुगम बनाने के निर्देश दिए हैं। बारिश से प्रभावित मार्गों समेत जहां भी मरम्मत की जरूरत है, वहां काम तेजी से पूरा करने पर जोर है।

20 हजार किमी से ज्यादा सड़कें होनी है दुरुस्त


शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास पर उत्तर प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण (UPRRDA) के तहत PMGSY मार्गों की गड्ढामुक्ति और अनुरक्षण कार्यों की समीक्षा हुई। बैठक में मुख्यमंत्री ने आगामी त्योहारों को देखते हुए जरूरी मरम्मत, नवीनीकरण और अनुरक्षण कार्य प्राथमिकता से कराने के निर्देश दिए। UPRRDA के मुख्य कार्यपालक अधिकारी शिव सहाय अवस्थी के मुताबिक पांच वर्षीय अनुरक्षण अवधि में 2,405 मार्ग कुल 17,726.544 किमी और पोस्ट-डीएलपी के तहत 809 मार्ग कुल 2,484.205 किमी का रखरखाव होना हैं। अब तक 3,039 मार्गों का निरीक्षण किया गया है। इनमें 2,914 मार्ग यानी करीब 96 फीसदी संतोषजनक मिले, जबकि 125 मार्ग असंतोषजनक पाए गए। इन मार्गों पर सुधारात्मक कार्य कराया जा रहा है।

80 अंक से कम पर बिल नहीं होगा जनरेट

PMGSY मार्गों के अनुरक्षण की निगरानी ई-मार्ग पोर्टल के जरिए की जा रही है। रखरखाव के तहत मार्गों का प्रत्येक दो माह में जनपदीय पीआईयू के अवर अभियंता निरीक्षण करते हैं। निरीक्षण की जियोटैग तस्वीरें पोर्टल पर अपलोड की जाती हैं। इसके बाद सहायक अभियंता या अधिशासी अभियंता 12 निर्धारित मानकों पर 100 अंकों में मूल्यांकन करते हैं। 80 से कम अंक मिलने पर पोर्टल पर बिल जनरेट नहीं होता। इससे सड़क की गुणवत्ता और भुगतान प्रक्रिया को सीधे जोड़ा गया है।

ऑनलाइन बिलिंग से भुगतान तक डिजिटल निगरानी

कॉन्ट्रैक्टर ई-मार्ग पोर्टल पर मासिक बिल अपलोड करते हैं। अभियंता इनका परीक्षण करने के बाद निर्धारित अनुरक्षण दरों के आधार पर भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाते हैं। सीसीएल जारी होने के बाद संबंधित फर्म या कॉन्ट्रैक्टर को पीआईयू के माध्यम से पोर्टल पर भुगतान किया जाता है। विभाग के मुताबिक नियमित निरीक्षण, जियो टैगिंग, ऑनलाइन बिलिंग और डिजिटल मॉनिटरिंग से ग्रामीण सड़कों के अनुरक्षण में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा रही है। बैठक में प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास सौरभ बाबू समेत संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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