– हनुमानगढ़ी की ओर जाने वाले रास्ते पर अमावा मंदिर के पास पड़ी मिली थी हीरे जड़ी सोने की चेन
भारत 19
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में सेवा कर रहे सेवादार ध्रुवेश मिश्रा ने करीब 20 लाख रुपये कीमत की हीरे जड़ी सोने की चेन उसके मालिक तक पहुंचाकर ईमानदारी की मिसाल पेश की। हनुमानगढ़ी जाने वाले रास्ते पर मिली यह चेन मुजफ्फरनगर की श्रद्धालु निर्मला देवी की थी। चेन उनके स्वर्गीय पति की दी हुई निशानी थी, इसलिए उसके खोने से वह बेहद परेशान थीं। चेन वापस मिलने पर उन्होंने सेवादार को आशीर्वाद दिया।
ध्रुवेश मिश्रा को शनिवार को अमावा मंदिर के समीप हनुमानगढ़ी की ओर जाने वाले रास्ते पर हीरे जड़ी सोने की चेन पड़ी मिली। चेन की कीमत करीब 20 लाख रुपये बताई गई। उन्होंने चेन को अपने पास रखने के बजाय उसके मालिक की तलाश शुरू की। इसके लिए वह पीएफसी कार्यालय पहुंचे और वहां से चेन मिलने की उद्घोषणा कराई। उद्घोषणा के बाद मुजफ्फरनगर निवासी श्रद्धालु निर्मला देवी पत्नी मोहन कुमार सामने आईं। पुलिसकर्मियों के माध्यम से चेन के संबंध में पूछताछ और पहचान की पुष्टि की गई। संतुष्टि होने के बाद चेन निर्मला देवी को सौंप दी गई।
कीमत से ज्यादा थी भावनात्मक अहमियत
चेन वापस मिलने के बाद निर्मला देवी ने बताया कि यह चेन उनके अब स्वर्गीय पति ने उन्हें निशानी के तौर पर दी थी। यही वजह है कि उनके लिए इस चेन का महत्व करीब 20 लाख रुपये की बाजार कीमत से कहीं अधिक था। खोई हुई चेन वापस मिलने पर वह भावुक हो गईं और उन्होंने ध्रुवेश मिश्रा के प्रति आभार जताते हुए उन्हें आशीर्वाद दिया।
चंदा विवाद के बीच सामने आया सकारात्मक उदाहरण
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर प्रबंधन से जुड़े लोगों पर चंदे से संबंधित एक मामले में सवाल उठने के बीच मंदिर के एक सेवादार की यह पहल अलग तस्वीर सामने रखती है। लाखों रुपये कीमत की वस्तु मिलने के बावजूद उसे अपने पास रखने के बजाय उसके मालिक की तलाश करना सेवा, संवेदना और ईमानदारी का उदाहरण है। ध्रुवेश मिश्रा की पहल इसलिए भी उल्लेखनीय है कि उन्होंने केवल चेन को सुरक्षित रखने तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि उद्घोषणा कराकर और पुलिस के माध्यम से पहचान की पुष्टि कराकर उसे वास्तविक स्वामिनी तक पहुंचाया।


