Hot Topics

सऊदी के दो एयरपोर्ट पर हूती हमला, 3 की मौत

  • रियाद-अबहा एयरपोर्ट हमलों में 36 घायल, सऊदी गठबंधन का यमन में 82 हूती ठिकाने तबाह करने का दावा, तुर्की से एयर डिफेंस, ड्रोन और खुफिया सहयोग, फ्रांस ने सैनिक-रडार-डिफेंस सिस्टम भेजने का ऐलान किया, ब्रिटेन ने रिफ्यूलिंग विमान और एयर डिफेंस सपोर्ट बढ़ाया

भारत 19 डेस्क। सऊदी अरब के दो प्रमुख एयरपोर्ट पर हूती हमलों ने मध्य-पूर्व में तनाव को और बढ़ा दिया है। रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट और अबहा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए हमलों में तीन लोगों की मौत और 36 लोग घायल हुए हैं। अबहा में दो और रियाद में एक व्यक्ति की मौत हुई। हूतियों ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली है, जबकि सऊदी अधिकारियों के मुताबिक रियाद की ओर दागी गई बैलिस्टिक मिसाइल को इंटरसेप्ट किया गया।

हमलों के बाद सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमन में हूती ठिकानों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई तेज कर दी है। गठबंधन ने 82 हूती सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है। इसमें बैलिस्टिक मिसाइल भंडारण स्थल, कमांड सेंटर, संचार तंत्र और हथियारों से जुड़े ठिकाने शामिल बताए गए हैं। दूसरी ओर यमन में सऊदी समर्थित सरकारी बलों ने लाल सागर के रणनीतिक इलाकों में हूतियों के खिलाफ अभियान तेज किया है। बाब-अल-मंदेब के आसपास की लड़ाई खास तौर पर महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह समुद्री मार्ग ऊर्जा और वैश्विक व्यापार के लिए अहम है।

तुर्की की मदद में एयर डिफेंस से ड्रोन ऑपरेटर तक

सऊदी अरब को अब क्षेत्रीय सहयोगियों के साथ यूरोपीय देशों से भी रक्षा सहयोग मिल रहा है। तुर्की मुख्यतः रक्षात्मक और तकनीकी सहायता दे रहा है। इसमें एयर-डिफेंस सिस्टम, सैन्य उपकरण, हथियार प्रणालियां, ड्रोन ऑपरेटर, खुफिया जानकारी और इंटेलिजेंस, सर्विलांस एंड रिकॉनिसेंस यानी ISR क्षमता शामिल है। तुर्की रणनीतिक सैन्य योजना और लॉजिस्टिक सपोर्ट में भी सहयोग कर रहा है। फिलहाल यह मदद मुख्यतः द्विपक्षीय स्तर पर है। ये सहयोग मक्का संयुक्त रक्षा समझौते के संदर्भ में भी अहम है। अगस्त में तुर्की, पाकिस्तान और सऊदी अरब ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें एक सदस्य पर सशस्त्र हमला तीनों पर हमला माना गया है। हालांकि तुर्की की संसद से समझौते की औपचारिक पुष्टि अभी बाकी है, इसलिए मौजूदा सहायता का स्वरूप मुख्यतः तकनीकी और रक्षात्मक रखा गया है।

फ्रांस ने सऊदी के यांबू की सुरक्षा संभाली

फ्रांस ने भी सऊदी अरब की सुरक्षा में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाने का फैसला किया है। राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सितंबर में घोषणा की थी कि फ्रांस सऊदी अरब के यांबू तेल टर्मिनल की सुरक्षा के लिए सैनिक, रडार और एयर-डिफेंस सिस्टम भेजेगा। यांबू लाल सागर तट पर स्थित महत्वपूर्ण तेल केंद्र है और ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन के जरिए सऊदी तेल निर्यात का अहम हिस्सा यहां पहुंचता है। मैक्रों ने स्पष्ट किया था कि फ्रांसीसी मिशन का उद्देश्य सऊदी ऊर्जा अवसंरचना की रक्षा करना है, न कि सीधे संघर्ष में उतरना। फ्रांसीसी सहायता ऐसे समय में अहम है जब सऊदी अरब को मिसाइल और ड्रोन हमलों से अपनी ऊर्जा अवसंरचना की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त एयर-डिफेंस क्षमता की जरूरत है। फ्रांस ने हूती हमलों की निंदा करते हुए सऊदी अरब के साथ एकजुटता भी जताई है।

ब्रिटेन ने बढ़ाया एयर डिफेंस और रिफ्यूलिंग सपोर्ट

ब्रिटेन भी सऊदी की रक्षा में पहले से सक्रिय है। ब्रिटिश सरकार ने सऊदी अरब के अनुरोध पर एक RAF Voyager एयर-टू-एयर रिफ्यूलिंग विमान उपलब्ध कराने की घोषणा की है। इसका उद्देश्य सऊदी लड़ाकू विमानों को लंबे समय तक हवाई अभियानों में बनाए रखने में मदद करना है। ब्रिटेन पहले से ही सऊदी एयर डिफेंस में उपकरण और अपने सैन्य personnel तैनात कर चुका है, जो मिसाइल और ड्रोन हमलों से बचाव में मदद कर रहे हैं। ब्रिटिश सरकार ने कहा है कि उसका सहयोग रक्षात्मक प्रकृति का है और इसका उद्देश्य सऊदी अरब तथा क्षेत्र की महत्वपूर्ण ऊर्जा एवं व्यापारिक अवसंरचना की सुरक्षा में मदद करना है।

सऊदी के साथ खड़ा हो रहा बहु-देशीय रक्षा नेटवर्क

इस घटनाक्रम से सऊदी अरब के आसपास एक व्यापक बहु-देशीय रक्षात्मक नेटवर्क उभरता दिख रहा है। तुर्की तकनीकी, एयर-डिफेंस, ड्रोन और खुफिया सहयोग दे रहा है; फ्रांस यांबू जैसे महत्वपूर्ण ऊर्जा केंद्र की सुरक्षा के लिए सैनिक, रडार और एयर-डिफेंस क्षमता उपलब्ध करा रहा है; जबकि ब्रिटेन रिफ्यूलिंग और एयर-डिफेंस सपोर्ट बढ़ा रहा है। पाकिस्तान भी सऊदी के साथ हुए संयुक्त रक्षा समझौते का हिस्सा है। हूती हमलों और सऊदी जवाबी कार्रवाई के कारण संघर्ष का दायरा केवल यमन तक सीमित नहीं रह गया है। एयरपोर्ट, तेल प्रतिष्ठान और लाल सागर के समुद्री मार्ग अब इस संघर्ष के प्रमुख केंद्र बन गए हैं। इससे मध्य-पूर्व की सुरक्षा के साथ वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार पर भी दबाव बढ़ रहा है।

Tags :

Bharat 19 News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent News