- 12 लाख कर्मचारियों और छह लाख पेंशनरों को तीन प्रतिशत डीए-डीआर, अराजपत्रित कर्मियों को 3,400 से 7,000 रुपये तक बोनस मिलने की तैयारी; 2.70 लाख आउटसोर्स कर्मियों के मानदेय में भी बढ़ोतरी संभव
भारत 19/ लखनऊ। उत्तर प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए दिवाली से पहले बड़ी आर्थिक राहत की तैयारी चल रही है। योगी आदित्यनाथ सरकार करीब 18 लाख राज्य कर्मचारियों और पेंशनरों को बढ़े हुए महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) का लाभ देने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इसके साथ ही अराजपत्रित कर्मचारियों के लिए 3,400 से 7,000 रुपये तक तदर्थ बोनस देने की तैयारी है। वित्त विभाग ने इससे जुड़ी प्रक्रिया शुरू कर दी है। हालांकि, अंतिम आदेश जारी होने के बाद ही भुगतान की तारीख और पात्रता की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।
जुलाई से लागू हो सकता है तीन प्रतिशत बढ़ा डीए
ताजा रिपोर्टों के मुताबिक राज्य कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में तीन प्रतिशत की वृद्धि प्रस्तावित है। पेंशनरों को भी इसी अनुपात में महंगाई राहत (DR) का लाभ दिए जाने की तैयारी है। यह वृद्धि जुलाई 2026 से प्रभावी मानी जा रही है। इसका अर्थ है कि मंजूरी मिलने पर कर्मचारियों और पेंशनरों को जुलाई से बढ़ी दर का लाभ मिलेगा और बकाया अवधि का भुगतान भी प्रक्रिया के अनुसार किया जा सकता है।
12 लाख कर्मचारियों और छह लाख पेंशनरों को लाभ
प्रस्तावित फैसले का दायरा बड़ा है। रिपोर्टों के अनुसार प्रदेश के 12 लाख से अधिक राज्य कर्मचारियों और करीब छह लाख पेंशनरों को इसका लाभ मिल सकता है। यानी करीब 18 लाख लोगों को सीधे डीए/डीआर बढ़ोतरी और अन्य प्रस्तावित राहत का फायदा मिलने की संभावना है। त्योहारी सीजन में इस भुगतान का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि जुलाई से लागू होने वाली वृद्धि का बकाया और बोनस, यदि निर्धारित समय में जारी होते हैं, तो कर्मचारियों के हाथ में एक साथ अतिरिक्त रकम पहुंच सकती है।
अराजपत्रित कर्मचारियों को 3,400 से 7,000 रुपये बोनस
डीए के साथ अराजपत्रित कर्मचारियों के तदर्थ बोनस का प्रस्ताव भी चर्चा में है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक बोनस की राशि 3,400 रुपये से लेकर 7,000 रुपये तक हो सकती है। यह राशि कर्मचारी की पात्रता और लागू नियमों के आधार पर तय होगी। अभी इसे अंतिम भुगतान मानने के बजाय प्रस्तावित राहत के रूप में देखना उचित होगा।
नवंबर में बढ़ा वेतन मिलने की संभावना
रिपोर्टों में दावा है कि अक्टूबर का बढ़ा हुआ वेतन नवंबर में मिलने वाले भुगतान में शामिल किया जा सकता है। इसी समय बोनस और डीए से संबंधित भुगतान को भी दिवाली से पहले जारी करने की तैयारी बताई जा रही है। हालांकि, भुगतान की अंतिम तारीख शासनादेश जारी होने के बाद ही निश्चित होगी। इसका सीधा असर कर्मचारियों की त्योहारी खर्च क्षमता पर पड़ सकता है। डीए की वृद्धि से मासिक वेतन में बढ़ोतरी होगी, जबकि बोनस अलग से एकमुश्त राहत देगा।
2.70 लाख आउटसोर्स कर्मचारियों पर भी नजर
सरकार की प्रस्तावित राहत केवल नियमित कर्मचारियों और पेंशनरों तक सीमित नहीं है। विभिन्न विभागों में आउटसोर्स व्यवस्था के तहत काम कर रहे करीब 2.70 लाख कार्मिकों के मानदेय में बढ़ोतरी की भी तैयारी बताई जा रही है। नई व्यवस्था में श्रेणी के अनुसार न्यूनतम मानदेय 20 हजार से 40 हजार रुपये प्रतिमाह तक किए जाने की संभावना है। प्रस्तावित ढांचे में श्रेणी-1 के लिए 40 हजार, श्रेणी-2 के लिए 25 हजार, श्रेणी-3 के लिए 22 हजार और श्रेणी-4 के लिए 20 हजार रुपये का उल्लेख किया गया है। जो कार्मिक पहले से इससे अधिक मानदेय पा रहे हैं, उनके मामले में अलग स्थिति हो सकती है।
सितंबर से बढ़े मानदेय का एरियर भी संभव
आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए बढ़ा मानदेय सितंबर 2026 से लागू किए जाने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में यदि शासनादेश इसी आधार पर जारी होता है तो नवंबर में मिलने वाले अक्टूबर के मानदेय के साथ सितंबर का एरियर भी जोड़े जाने की संभावना बन सकती है। लेकिन यह भुगतान आदेश की अंतिम शर्तों पर निर्भर करेगा।
आदेश जारी होने के बाद तस्वीर होगी साफ
फिलहाल इस पूरी प्रक्रिया में सबसे महत्वपूर्ण अगला कदम शासनादेश है। डीए/डीआर की दर, प्रभावी तिथि, बोनस की पात्रता, भुगतान का समय और आउटसोर्स कर्मियों के मानदेय की अंतिम दरें सरकारी आदेश के बाद ही आधिकारिक रूप से तय मानी जाएंगी।


