ग्रोव स्कॉलर प्रोग्राम से 14 से अधिक राज्यों के छात्रों को मिली आर्थिक मदद, 13 ने अकादमिक एक्सीलेंस अवार्ड जीते, नौ को इंटर्नशिप या प्री-प्लेसमेंट ऑफर
भारत 19/ विक्सन सिकरोड़िया, कानपुर। आर्थिक संसाधनों की कमी प्रतिभाशाली छात्रों की पढ़ाई और आगे बढ़ने की राह में बाधा न बने, इसके लिए शुरू किए गए आईआईटी कानपुर के ग्रोव स्कॉलर प्रोग्राम के परिणाम अब छात्रों की उपलब्धियों में दिखाई दे रहे हैं। कार्यक्रम के तहत आर्थिक सहायता पाने वाले 70 छात्रों में से 13 ने अकादमिक एक्सीलेंस अवार्ड हासिल किए, जबकि नौ छात्रों को इंटर्नशिप या प्री-प्लेसमेंट ऑफर मिले। आठ छात्रों ने राष्ट्रीय स्तर या दूसरे संस्थानों के साथ आयोजित प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया और 11 छात्रों ने आईआईटी कानपुर में छात्र नेतृत्व की जिम्मेदारियां संभालीं। कार्यक्रम के योगदान को देखते हुए आईआईटी कानपुर को ‘महात्मा अवार्ड फॉर सीएसआर एक्सीलेंस 2026’ से सम्मानित किया गया है।
14 से अधिक राज्यों के छात्रों तक पहुंचा कार्यक्रम
ग्रोव फाउंडेशन के सहयोग से संचालित ग्रोव स्कॉलर प्रोग्राम के तहत 14 से अधिक राज्यों के स्नातक छात्रों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई। कार्यक्रम का फोकस सिर्फ ट्यूशन फीस के बोझ को कम करना नहीं रहा, बल्कि उन खर्चों को भी ध्यान में रखा गया जो उच्च शिक्षा के दौरान छात्रों के लिए लगातार चुनौती बन सकते हैं। इसके लिए वेल बीइंग स्कॉलरशिप और फुल राइड स्कॉलरशिप जैसी व्यवस्थाएं की गईं। आर्थिक जरूरत और परिस्थितियों के अनुसार सहायता मिलने से छात्रों को अपनी पढ़ाई जारी रखने के साथ अकादमिक और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में सक्रिय रहने का अवसर मिला।
फीस के साथ हॉस्टल, किताब और दूसरे खर्चों में मदद
आईआईटी जैसे संस्थान में दाखिले के बाद छात्रों के सामने केवल ट्यूशन फीस की चुनौती नहीं होती। हॉस्टल, मेस, किताबें, अध्ययन सामग्री, उपकरण, प्रोजेक्ट और यात्रा जैसे खर्च भी परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव डाल सकते हैं। खासकर आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से आने वाले छात्रों के लिए इन खर्चों का असर पढ़ाई के साथ दूसरी गतिविधियों में भागीदारी पर पड़ सकता है। ग्रोव स्कॉलर प्रोग्राम में इसी व्यापक जरूरत को ध्यान में रखते हुए सहायता का प्रावधान किया गया। इससे छात्रों को पढ़ाई के अलावा शोध, प्रतियोगिताओं, नई तकनीक सीखने और करियर से जुड़े अवसरों में हिस्सा लेने के लिए जरूरी संसाधन मिल सके। आर्थिक सहायता का उद्देश्य छात्रों को संस्थान में टिके रहने के साथ उपलब्ध शैक्षणिक और पेशेवर अवसरों तक पहुंच बनाने में मदद करना रहा।
13 छात्रों ने हासिल किया अकादमिक एक्सीलेंस अवार्ड
कार्यक्रम से जुड़े छात्रों की उपलब्धियों में उनका अकादमिक प्रदर्शन खास तौर पर उल्लेखनीय रहा। आर्थिक सहायता पाने वाले 13 छात्रों ने अकादमिक एक्सीलेंस अवार्ड हासिल किया। वहीं, नौ छात्रों को इंटर्नशिप या प्री-प्लेसमेंट ऑफर मिले। इसके अलावा आठ छात्रों ने राष्ट्रीय स्तर और दूसरे संस्थानों के साथ आयोजित प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। 11 छात्रों ने आईआईटी कानपुर में छात्र नेतृत्व की जिम्मेदारियां भी संभालीं। इन उपलब्धियों को केवल छात्रवृत्ति का प्रत्यक्ष परिणाम मानना उचित नहीं होगा। छात्रों की अपनी मेहनत और शैक्षणिक क्षमता के साथ आईआईटी कानपुर का अकादमिक वातावरण और उपलब्ध संसाधन भी इसमें महत्वपूर्ण हैं। हालांकि, आर्थिक सहायता ने उन छात्रों के लिए इन अवसरों तक पहुंच आसान बनाने में भूमिका निभाई, जिन्हें संसाधनों की कमी के कारण अतिरिक्त दबाव का सामना करना पड़ सकता था।
आर्थिक सहयोग ने बढ़ाए अवसरों के रास्ते
उच्च शिक्षा में आर्थिक सहायता का असर अक्सर फीस भुगतान से कहीं आगे जाता है। आर्थिक दबाव कम होने पर छात्र अपना समय और ऊर्जा पढ़ाई के साथ उन गतिविधियों में भी लगा सकते हैं, जो आगे चलकर उनके अकादमिक और पेशेवर विकास में मदद करती हैं। ग्रोव स्कॉलर प्रोग्राम में इसी पहलू पर जोर दिया गया है। अलग-अलग जरूरतों के अनुरूप छात्रवृत्ति उपलब्ध कराने से छात्रों को पढ़ाई के दौरान जरूरी संसाधन हासिल करने और संस्थान में उपलब्ध अवसरों का इस्तेमाल करने का आधार मिला। 70 छात्रों की उपलब्धियों में अकादमिक पुरस्कार, इंटर्नशिप, प्री-प्लेसमेंट ऑफर, प्रतियोगिताओं में भागीदारी और छात्र नेतृत्व जैसी अलग-अलग गतिविधियां इस पहल के व्यापक प्रभाव को सामने रखती हैं।
IIT कानपुर को मिला CSR सम्मान
ग्रोव स्कॉलर प्रोग्राम के योगदान के लिए आईआईटी कानपुर को ‘महात्मा अवार्ड फॉर सीएसआर एक्सीलेंस 2026’ से सम्मानित किया गया। संस्थान ने इस सम्मान के लिए ग्रोव फाउंडेशन का आभार जताया है। कार्यक्रम को आगे बढ़ाने में योगदान देने वाले अमित सचदेवा और उनकी टीम की भी सराहना की गई। आईआईटी कानपुर ने महात्मा अवार्ड को समर्थन देने के लिए आदित्य बिड़ला समूह के योगदान के प्रति भी आभार व्यक्त किया।
महात्मा अवार्ड किस तरह के काम को सम्मानित करता है
महात्मा अवार्ड सामाजिक बदलाव, कॉरपोरेट सामाजिक जिम्मेदारी, शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और समाज के हित में किए गए उल्लेखनीय कार्यों को सम्मानित करने के लिए दिया जाता है। इसे महात्मा फाउंडेशन की ओर से प्रदान किया जाता है। फाउंडेशन की स्थापना गांधीवादी विचारों से प्रेरित सामाजिक उद्यमी अमित सचदेवा ने की है। इसका उद्देश्य महात्मा गांधी के विचारों और सिद्धांतों को आगे बढ़ाने के साथ सामाजिक क्षेत्र में काम करने वाले लोगों और संस्थाओं को प्रोत्साहित करना है। महात्मा अवार्ड के आयोजन और संचालन में लाइव वीक ग्रुप की भूमिका है।
ग्रोव स्कॉलर प्रोग्राम के संदर्भ में आईआईटी कानपुर को मिला यह सम्मान इस बात को रेखांकित करता है कि उच्च शिक्षा में आर्थिक सहयोग का मूल्य केवल छात्रवृत्ति की राशि तक सीमित नहीं है। जब सहायता छात्रों को पढ़ाई के साथ शोध, प्रतियोगिता, नेतृत्व और करियर के अवसरों से जोड़ने में मदद करती है, तो उसका असर संस्थान में उनके पूरे शैक्षणिक अनुभव पर दिखाई दे सकता है।


