- केशव मौर्य ने राहुल गांधी, अखिलेश यादव और ममता बनर्जी पर एसआईआर को लेकर गुमराह करने का आरोप लगाया; पीडीए पर भी निशाना साधते हुए भाजपा को गरीब, किसान, नौजवान, महिला और वंचित वर्ग की सेवा करने वाली पार्टी बताया
भारत 19
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने एसआईआर को लेकर विपक्ष के रुख पर तीखा हमला किया। रविवार को पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने राहुल गांधी, अखिलेश यादव और ममता बनर्जी पर इस मुद्दे को लेकर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया। मौर्य ने कहा कि निर्वाचन आयोग एसआईआर से संबंधित निर्णय प्रक्रिया पर अपनी स्थिति स्पष्ट कर चुका है। उन्होंने कहा कि आयोग के अनुसार एसआईआर से जुड़े फैसले मुख्य निर्वाचन आयुक्त और दोनों निर्वाचन आयुक्तों की सर्वसम्मति से लिए गए हैं। मौर्य ने विपक्षी नेताओं से इस मुद्दे पर दुष्प्रचार बंद करने और देश की जनता से माफी मांगने की मांग की।
राहुल-अखिलेश-ममता पर मौर्य का सीधा हमला
उपमुख्यमंत्री ने एसआईआर को लेकर विपक्ष की रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि आयोग की ओर से स्थिति स्पष्ट किए जाने के बावजूद इस मुद्दे को लेकर बयानबाजी जारी है। उन्होंने राहुल गांधी, अखिलेश यादव और ममता बनर्जी को निशाने पर लेते हुए कहा कि विपक्ष को जनता को भ्रमित करने की राजनीति बंद करनी चाहिए। मौर्य ने अपने बयान में ‘भेड़िया आया’ वाली कहानी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बार-बार गलत चेतावनी देने पर लोगों का भरोसा खत्म हो जाता है और विपक्ष की स्थिति भी ऐसी ही हो गई है।
PDA पर अखिलेश यादव को भी घेरा
एसआईआर के बाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी के पीडीए को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि पीडीए का कोई भविष्य नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने भाजपा को गरीब, किसान, नौजवान, महिला और वंचित वर्ग की सेवा करने वाली पार्टी बताया। पीडीए समाजवादी पार्टी की पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक सामाजिक गोलबंदी से जुड़ा राजनीतिक सूत्र है। मौर्य की टिप्पणी इसी सामाजिक समीकरण को लेकर सपा पर किए जा रहे भाजपा के राजनीतिक हमले का हिस्सा है।
2027 से पहले सियासी टकराव और तेज
मौर्य का बयान ऐसे समय आया है जब उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के साथ भाजपा और सपा के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो रही है। पीडीए दोनों दलों के बीच राजनीतिक बहस का प्रमुख मुद्दा बना हुआ है। मौर्य पहले भी अखिलेश यादव की पीडीए रथ यात्रा को लेकर टिप्पणी कर चुके हैं। ताजा बयान में उन्होंने एसआईआर के मुद्दे के साथ पीडीए को भी जोड़कर सपा की राजनीतिक रणनीति पर निशाना साधा।
अशोक सिंघल की जन्मशताब्दी पर राम मंदिर का जिक्र
मौर्य ने इसी दौरान अशोक सिंघल की जन्मशताब्दी के अवसर पर उनके योगदान को याद किया। उन्होंने सिंघल को राम जन्मभूमि आंदोलन के प्रमुख नेताओं में बताते हुए कहा कि उन्होंने रामभक्तों और हिंदू समाज में जागरण की महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मौर्य के मुताबिक अशोक सिंघल और रामभक्तों के लंबे संघर्ष के परिणामस्वरूप अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर का निर्माण हुआ। उन्होंने सिंघल के योगदान को रामभक्ति और राष्ट्रभाव की चेतना से जोड़ा। अशोक सिंघल का जन्म 27 सितंबर 1926 को हुआ था। उनकी जन्मशताब्दी के अवसर पर देशभर में कार्यक्रमों की शुरुआत हुई है।
बयान में विपक्ष पर हमला और राम मंदिर
मौर्य के बयान का पहला हिस्सा एसआईआर को लेकर विपक्ष पर हमले पर केंद्रित रहा। इसके बाद उन्होंने अखिलेश यादव के पीडीए पर निशाना साधा और भाजपा को विभिन्न सामाजिक वर्गों की सेवा करने वाली पार्टी बताया। बातचीत के दूसरे हिस्से में उन्होंने अशोक सिंघल की जन्मशताब्दी और राम जन्मभूमि आंदोलन में उनके योगदान को रेखांकित किया।


