Hot Topics

बसपा मुखिया मायावती ने संगठन में किया बड़ा फेरबदल

  • पार्टी को राष्ट्रीय स्तर पर तीन सेक्टरों में बांटा गया, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की निगरानी खुद के पास रखी, बाकी राज्यों की जिम्मेदारी वरिष्ठ पदाधिकारियों को, चुनावी राज्यों में संगठन मजबूत करने पर जोर

भारत 19/ लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने रविवार, 27 सितंबर को पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में बड़ा बदलाव किया है। बसपा के राष्ट्रीय संगठन को तीन सेक्टरों में बांटकर अलग-अलग राज्यों की जिम्मेदारी केंद्रीय सेक्टर प्रभारियों को सौंपी गई है। यह बदलाव ऐसे समय हुआ है जब उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियां चल रही हैं। नई व्यवस्था के तहत उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को सेक्टर-3 में रखा गया है। इन दोनों राज्यों की गतिविधियों की निगरानी लखनऊ स्थित बसपा के केंद्रीय कैंप कार्यालय, 9 माल एवेन्यू, से सीधे की जाएगी। बाकी राज्यों को दो अन्य सेक्टरों में बांटकर केंद्रीय पदाधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है।

दस राज्य की जिम्मेदारी रामजी गौतम को

बसपा की नई व्यवस्था में सेक्टर-1 में 10 राज्य रखे गए हैं। इन राज्यों में पार्टी के कामकाज की जिम्मेदारी पूर्व राज्यसभा सदस्य रामजी गौतम और सुरेश राव को केंद्रीय सेक्टर प्रभारी के रूप में दी गई है। दोनों नेता मिलकर संबंधित राज्यों में संगठन की गतिविधियों की निगरानी करेंगे।

नौ राज्यों का प्रभार राजाराम अतरसिंह को

सेक्टर-2 में नौ राज्य शामिल किए गए हैं। इन राज्यों में पार्टी संगठन की जिम्मेदारी पूर्व राज्यसभा सदस्य राजाराम और पूर्व विधायक अतरसिंह राव को दी गई है। दोनों केंद्रीय सेक्टर प्रभारी मिलकर संबंधित राज्यों में पार्टी के कामकाज को देखेंगे।

यूपी उत्तराखंड की निगरानी लखनऊ से होगी

नई व्यवस्था में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को अलग सेक्टर में रखा गया है। दोनों राज्यों की जिम्मेदारी लखनऊ के 9 माल एवेन्यू स्थित केंद्रीय कैंप कार्यालय से सीधे संभाली जाएगी। इससे उत्तर प्रदेश के संगठन पर मायावती के केंद्रीय कार्यालय की सीधी निगरानी बनी रहेगी। उत्तर प्रदेश बसपा के लिए विशेष महत्व रखता है। पार्टी ने 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए संगठन को सक्रिय करने और जमीनी स्तर पर गतिविधियां बढ़ाने पर जोर दिया है।

बाढ़ प्रभावित राज्यों में मदद का निर्देश

संगठनात्मक बदलाव की घोषणा के साथ मायावती ने देश के कई हिस्सों में भारी बारिश, आंधी और तूफान से बने हालात का भी उल्लेख किया। उन्होंने केंद्र और संबंधित राज्य सरकारों से प्रभावित लोगों को हर स्तर पर मदद उपलब्ध कराने की अपील की। मायावती ने बसपा के सेक्टर प्रभारियों और कार्यकर्ताओं को भी प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की मदद करने के निर्देश दिए हैं। जरूरत पड़ने पर राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारियों को प्रभावित राज्यों में भेजने की बात भी सामने आई है।

ईशान आनंद को भी संगठन में जिम्मेदारी

बसपा के संगठनात्मक बदलावों के बीच मायावती के भतीजे ईशान आनंद की भूमिका भी महत्वपूर्ण हुई है। उन्हें पार्टी में राष्ट्रीय स्तर की जिम्मेदारी दी गई है और जरूरत के अनुसार प्रभावित राज्यों में संगठनात्मक गतिविधियों के लिए भेजे जाने की बात कही गई है। इससे पहले सितंबर में बसपा के राष्ट्रीय संगठन में कई बदलाव किए गए थे। अब तीन सेक्टर की नई व्यवस्था के जरिए राज्यों की जिम्मेदारियां और निगरानी तंत्र दोबारा निर्धारित किया गया है।

2027 चुनाव से पहले संगठन पर जोर

बसपा का यह फेरबदल उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले सामने आया है। नई व्यवस्था में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को सीधे लखनऊ के केंद्रीय कैंप कार्यालय के अधीन रखा गया है, जबकि दूसरे राज्यों के लिए अलग केंद्रीय सेक्टर प्रभारी नियुक्त किए गए हैं। पार्टी के मौजूदा संगठनात्मक ढांचे में इस बदलाव से राज्यों की जिम्मेदारी, केंद्रीय निगरानी और क्षेत्रवार समन्वय को नए तरीके से व्यवस्थित किया गया है।

Tags :

Bharat 19 News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent News