- तीन योजनाओं में करीब 98 करोड़ की वित्तीय स्वीकृतियां, 181 हेल्पलाइन, महिला शक्ति केंद्र और सम्मान कोष पर जोर
भारत 19
लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई मौकों पर गरीब, महिला, किसान और युवा को देश की चार अहम जातियां बता चुके हैं। अब उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से कुछ माह पहले योगी सरकार की प्राथमिकताओं में भी इस एजेंडे की झलक दिखने लगी है। सरकार के हालिया शासनादेशों में महिला सुरक्षा, सशक्तीकरण और जरूरतमंद महिलाओं-बच्चों की सहायता पर फोकस नजर आ रहा है। 13 अगस्त को जारी तीन अलग-अलग शासनादेशों में ही इनसे जुड़ी योजनाओं के लिए करीब 98 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृतियां दी गई हैं।
सबसे बड़ी रकम रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष के लिए जारी हुई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में 152 करोड़ रुपये के प्रावधान के सापेक्ष सरकार ने इसकी दूसरी किस्त के रूप में 76 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। योजना के तहत महिला और बाल उत्पीड़न से जुड़े मामलों में सहायता के लिए धनराशि का प्रावधान है। इसके साथ ही हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ विमेन (महिला शक्ति केंद्र) के लिए केंद्र सरकार से प्राप्त 1.90 करोड़ रुपये से अधिक की राशि की वित्तीय स्वीकृति दी गई है। यह धनराशि योजना के तहत गैर-वेतन सहायता अनुदान के लिए है। वित्तीय वर्ष में इस योजना के लिए 26.81 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं महिलाओं की तत्काल मदद से जुड़ी 181-वूमेन हेल्पलाइन के संचालन को भी सरकार ने बजट उपलब्ध कराया है। मिशन शक्ति की उपयोजना ‘संबल’ के तहत केंद्र से मिली 20.70 लाख रुपये की दूसरी किस्त को मंजूरी दी गई है। इस वित्तीय वर्ष में 181 हेल्पलाइन के लिए कुल 1.25 करोड़ रुपये का प्रावधान है। पहले 10.35 लाख रुपये जारी हो चुके हैं।
महिला सुरक्षा से लेकर सशक्तीकरण और आर्थिक सहायता तक, तीनों स्तरों पर एक साथ धन जारी होना सरकार की प्राथमिकता का संकेत देता है। चुनाव से कुछ माह पहले महिला-केंद्रित योजनाओं के लिए वित्तीय फैसलों की यह श्रृंखला सरकार के एजेंडे की दिशा जरूर दिखाती है। शासन ने तीनों योजनाओं में करीब 97.91 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति ही नहीं दी बल्कि उसके इस्तेमाल की शर्तें भी तय कर दीं। 181 हेल्पलाइन की राशि को किसी दूसरी योजना या मद में खर्च नहीं किया जा सकेगा और जिलों को नई रकम देने से पहले पिछली राशि के उपयोग की स्थिति देखनी होगी।


