Hot Topics

सीएसजेएमयू में शुरू हुआ एमबीए इन फाइनेंशियल सर्विसेज

  • प्रदेश के पहले राज्य विश्वविद्यालय में नया कोर्स, फिनएक्स एजुटेक से करार; इंडस्ट्री प्रोफेशनल पढ़ाएंगे, लाइव प्रोजेक्ट से मिलेगा व्यावहारिक प्रशिक्षण

भारत 19 
विक्सन सिकरोड़िया, कानपुर। डिजिटल बैंकिंग, फिनटेक, निवेश बाजार, बीमा और वित्तीय प्रबंधन के क्षेत्र में करियर बनाने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। अब उन्हें इन क्षेत्रों में विशेषज्ञ प्रशिक्षण के लिए दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरू या हैदराबाद जैसे बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू), कानपुर ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से एमबीए इन फाइनेंशियल सर्विसेज का नया पाठ्यक्रम शुरू किया है।

विश्वविद्यालय के अनुसार, यह प्रदेश के किसी राज्य विश्वविद्यालय में शुरू होने वाला अपनी तरह का पहला कोर्स है। इसकी खासियत यह है कि पाठ्यक्रम को पारंपरिक कक्षा-केंद्रित पढ़ाई के बजाय फाइनेंशियल सर्विसेज इंडस्ट्री की मौजूदा जरूरतों और रोजगार की मांग को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। छात्रों को किताबों तक सीमित रखने के बजाय उन्हें वास्तविक कारोबारी परिस्थितियों, इंडस्ट्री प्रोजेक्ट और वित्तीय क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाली व्यावहारिक जानकारी से जोड़ा जाएगा।

फिनएक्स एजुटेक के साथ विश्वविद्यालय का करार

कोर्स को तैयार करने और इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुरूप विकसित करने के लिए विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट ने फिनएक्स एजुटेक के साथ करार किया है। यह कंपनी बिजनेस स्कूलों के लिए फाइनेंस, फिनटेक, बैंकिंग और वेल्थ मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में पाठ्यक्रम तैयार करने में सहयोग करती है। स्कूल ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट के निदेशक प्रो. सुधांशु पांड्या के मुताबिक, पाठ्यक्रम को पिछले वर्ष से तैयार किया जा रहा था। इसका फोकस ऐसे प्रोफेशनल तैयार करना है, जो वित्तीय क्षेत्र में बदलती तकनीक, डिजिटल सेवाओं और उद्योग की जरूरतों के अनुरूप काम कर सकें। इस कार्यक्रम में इंडस्ट्री प्रोफेशनल्स की भूमिका अहम होगी। छात्रों को संबंधित क्षेत्रों के विशेषज्ञों से सीधे सीखने का अवसर मिलेगा। इससे उन्हें वित्तीय क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाली तकनीकों, प्रक्रियाओं और व्यावहारिक चुनौतियों को करीब से समझने का मौका मिलेगा।

डिग्री के साथ इंडस्ट्री सर्टिफिकेट भी

एमबीए इन फाइनेंशियल सर्विसेज की एक खास विशेषता यह होगी कि छात्रों को विश्वविद्यालय की डिग्री के साथ इंडस्ट्री से सर्टिफिकेट भी मिलेगा। पाठ्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को फाइनेंशियल सेक्टर की नौकरियों के लिए तैयार करना है, जिसमें ऑफलाइन के साथ-साथ तेजी से बढ़ते ऑनलाइन वित्तीय कारोबार को भी शामिल किया गया है। कोर्स के जरिए छात्रों को व्यक्तिगत वित्त, कॉरपोरेट वित्त और सार्वजनिक वित्त की समझ विकसित कराई जाएगी। इसके साथ बैंकिंग, बीमा, निवेश, वित्तीय बाजार और सरकारी वित्त से जुड़े क्षेत्रों में करियर की संभावनाओं से भी उन्हें परिचित कराया जाएगा।

बैंकिंग से स्टॉक मार्केट तक करियर के रास्ते

फाइनेंशियल सर्विसेज में एमबीए करने वाले छात्रों के लिए करियर का दायरा केवल बैंकिंग तक सीमित नहीं रहेगा। वे स्टॉक एक्सचेंज, म्यूचुअल फंड, ब्रोकरेज फर्म, बीमा कंपनियों और निवेश से जुड़ी संस्थाओं में रोजगार के अवसर तलाश सकेंगे। बैंकिंग क्षेत्र में भी छात्रों को वाणिज्यिक बैंक, खुदरा बैंक और सहकारी बैंक जैसी विभिन्न सेवाओं में काम करने के लिए तैयार किया जाएगा। डिजिटल बैंकिंग और फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए फिनटेक क्षेत्र में भी उनके लिए अवसर बनेंगे।

सरकारी बजट और राजकोषीय नीति की भी पढ़ाई

पाठ्यक्रम में सार्वजनिक वित्त को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। इसके तहत छात्र सरकारी बजट, कर प्रणाली और राजकोषीय नीतियों से जुड़े वित्तीय पहलुओं को समझ सकेंगे। वहीं कॉरपोरेट फाइनेंस में कंपनियों के वित्तीय संसाधनों का प्रबंधन, बजट तैयार करना और कारोबार के लिए पूंजी जुटाने जैसे विषयों की जानकारी दी जाएगी। इस तरह पाठ्यक्रम में वित्तीय क्षेत्र के तीन महत्वपूर्ण आयाम—पर्सनल फाइनेंस, कॉरपोरेट फाइनेंस और पब्लिक फाइनेंस—को रोजगारपरक दृष्टिकोण से जोड़ा गया है।

क्लासरूम तक पहुंचेगी इंडस्ट्री

इस कोर्स का सबसे बड़ा बदलाव यह है कि छात्रों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान देने के बजाय इंडस्ट्री के साथ सीधे जोड़ने पर जोर दिया गया है। लाइव प्रोजेक्ट और व्यावहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से उन्हें वास्तविक वित्तीय क्षेत्र की कार्यप्रणाली समझने का अवसर मिलेगा। इससे छात्रों को पढ़ाई के दौरान ही यह समझने में मदद मिलेगी कि बैंकिंग, निवेश, बीमा, फिनटेक और कॉरपोरेट फाइनेंस में वास्तविक काम किस तरह किया जाता है। विश्वविद्यालय का मानना है कि इंडस्ट्री से सीधा जुड़ाव छात्रों की इंटर्नशिप और रोजगार की संभावनाओं को मजबूत कर सकता है।

रोजगारपरक होगा नया एमबीए

फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर में डिजिटल बदलाव के साथ रोजगार के स्वरूप में भी तेजी से बदलाव आया है। ऐसे में सीएसजेएमयू का यह नया एमबीए कार्यक्रम छात्रों को पारंपरिक फाइनेंस के साथ डिजिटल बैंकिंग, फिनटेक और आधुनिक वित्तीय सेवाओं की समझ देने पर केंद्रित है।

विश्वविद्यालय की कोशिश है कि कोर्स पूरा करने के बाद छात्र केवल डिग्रीधारी न हों, बल्कि बैंकिंग, बीमा, निवेश, वित्तीय बाजार, फिनटेक और कॉरपोरेट वित्त जैसे क्षेत्रों में काम करने के लिए आवश्यक व्यावहारिक कौशल के साथ तैयार हों।- प्रो. सुधांशु पांड्या निदेशक स्कूल ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट

Tags :

Bharat 19 News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent News