- UPCOS के जरिए 3.5 लाख से अधिक कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा और सामाजिक लाभ; समय पर मानदेय, स्वास्थ्य सुविधा और नौकरी से हटाने पर नई व्यवस्था
भारत 19
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आउटसोर्स कर्मचारियों की नौकरी और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए योगी सरकार ने नई व्यवस्था लागू की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (UPCOS) की शुरुआत करते हुए कर्मचारियों के लिए बीमा, समय पर मानदेय, स्वास्थ्य सुविधाओं और सेवा सुरक्षा से जुड़े कई प्रावधानों का ऐलान किया। इसका सीधा लाभ प्रदेश में काम कर रहे 3.5 लाख से अधिक आउटसोर्स कर्मचारियों को मिलने की उम्मीद है।
दुर्घटना की स्थिति में 40 लाख तक कवर
नई व्यवस्था में कर्मचारियों को श्रेणी के अनुसार 20 से 40 लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा मिलेगा। इसके अलावा आकस्मिक जरूरतों में आर्थिक मदद के लिए अलग प्रावधान किए गए हैं। अग्निकांड, आपात चिकित्सा और एयर एंबुलेंस जैसी परिस्थितियों में भी सहायता का प्रावधान है। परिवार के बच्चों की पढ़ाई और बेटियों के विवाह के लिए भी आर्थिक सहयोग की व्यवस्था बताई गई है।
महीने की पांच तारीख तक मिलेगा मानदेय
आउटसोर्स कर्मचारियों के भुगतान में देरी रोकने के लिए मानदेय सीधे उनके बैंक खातों में भेजा जाएगा। सरकार के मुताबिक हर महीने की एक से पांच तारीख के बीच भुगतान सुनिश्चित करने की व्यवस्था की गई है। इसके लिए भारतीय स्टेट बैंक के साथ करार किया गया है। एजेंसियों के स्तर पर होने वाली अनावश्यक कटौती और बिचौलियों की भूमिका खत्म करने पर भी जोर दिया गया है।
नौकरी से हटाने में अब मनमानी नहीं
आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवा समाप्त करने को लेकर भी नई व्यवस्था महत्वपूर्ण है। संबंधित एजेंसी किसी कर्मचारी को सीधे हटाने के बजाय सरकार को इसकी जानकारी देगी। मामले की जांच और निर्धारित प्रक्रिया के बाद ही आगे का फैसला होगा। इससे कर्मचारियों को बिना स्पष्ट कारण सेवा से हटाए जाने की शिकायतों पर रोक लगाने की कोशिश होगी।
भर्ती से भुगतान तक डिजिटल निगरानी
UPCOS पोर्टल के माध्यम से आउटसोर्स कर्मचारियों से जुड़ी पूरी प्रक्रिया को डिजिटल किया जाएगा। भर्ती, तैनाती, उपस्थिति, मानदेय, कटौती और अन्य सेवा विवरण ऑनलाइन दर्ज होंगे। कर्मचारी अपने रिकॉर्ड और भुगतान की स्थिति देख सकेंगे। शिकायत दर्ज कराने और उसके निस्तारण के लिए भी पोर्टल आधारित व्यवस्था विकसित की जा रही है।
EPF-ESI के साथ स्वास्थ्य लाभ भी
सरकार ने आउटसोर्स कर्मचारियों के EPF और ESI योगदान को नियमित रखने पर जोर दिया है। पात्र कर्मचारियों को ESI के जरिए चिकित्सा सुविधा मिलेगी। जहां आवश्यक सुविधा उपलब्ध नहीं होगी, वहां पात्र परिवारों को आयुष्मान भारत जैसी स्वास्थ्य सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने की व्यवस्था की जाएगी। मातृत्व अवकाश और अन्य वैधानिक लाभों को भी नई व्यवस्था में शामिल किया गया है।


