- राकेश मिश्रा के सीएसी गठन और चयन प्रक्रिया पर सवालों से बैठक में विवाद, संजय कपूर फिर यूपी टी-20 लीग चेयरमैन, संजीव सिंह गवर्निंग काउंसिल में लौटे
भारत 19
कानपुर। उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (यूपीसीए) की 21वीं वार्षिक आमसभा (एजीएम) बुधवार को कानपुर के होटल लैंडमार्क में कई अहम फैसलों के साथ हुई, लेकिन संगठन के भीतर के सवाल भी खुलकर सामने आए। उपाध्यक्ष राकेश मिश्रा की ओर से क्रिकेट एडवाइजरी कमेटी (CAC), चयन प्रक्रिया और सपोर्ट स्टाफ को लेकर उठाए गए सवालों के बाद बैठक में तीखी बहस हुई। एजीएम में यूपी टी-20 लीग की गवर्निंग काउंसिल के नाम तय कर दिए गए, जबकि अन्य समितियों के गठन को फिलहाल टाल दिया गया है।
सीएसी के गठन पर उपाध्यक्ष ने उठाया सवाल
एजीएम में राकेश मिश्रा ने क्रिकेट एडवाइजरी कमेटी के गठन की प्रक्रिया पर सवाल उठाया। उन्होंने संविधान के प्रावधानों का हवाला देते हुए पूछा कि सीएसी का गठन किस आधार पर किया गया है। उनका कहना था कि सपोर्ट स्टाफ और चयन समितियों में अनुभवी पूर्व खिलाड़ियों और नए चेहरों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिला है। मिश्रा ने यह भी सवाल उठाया कि राज्य के लिए लंबे समय तक खेलने वाले कई खिलाड़ी व्यवस्था से बाहर हैं। सीएसी के गठन को लेकर सचिव प्रेम मनोहर गुप्ता ने कहा कि प्रक्रिया संविधान के अनुरूप ही की गई है। बैठक में पुराने और नए संविधान के प्रावधानों को लेकर भी मतभेद सामने आए।
कमेटियों का ऐलान टला, जल्द फैसला संभव
एजीएम में यूपी टी-20 लीग की गवर्निंग काउंसिल के नामों पर फैसला हो गया, लेकिन अन्य समितियों की घोषणा नहीं की गई। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक इन्हें फिलहाल होल्ड किया गया है। हालांकि, यूपीसीए सचिव प्रेम मनोहर गुप्ता ने बाद में बताया कि अध्यक्ष निधिपति सिंहानिया और उनके नेतृत्व में एक समिति कोचिंग स्टाफ समेत करीब 15 अन्य समितियों को अंतिम रूप देगी और अगले दो दिनों में घोषणा की जा सकती है।
संजय कपूर फिर यूपी टी-20 लीग के चेयरमैन
एजीएम में डॉ. संजय कपूर को लगातार दूसरी बार यूपी टी-20 लीग की गवर्निंग काउंसिल का चेयरमैन चुना गया। गाजीपुर के संजीव कुमार सिंह को भी दोबारा गवर्निंग काउंसिल में जगह मिली। इसके अलावा चार निदेशकों को भी कार्यकाल पूरा होने के बाद पुनर्नियुक्त किया गया। यह फैसला ऐसे समय हुआ है जब यूपी टी-20 लीग का चौथा सत्र पहली बार लखनऊ और कानपुर में आयोजित किया गया। इस सीजन में 34 मुकाबले खेले गए और फाइनल कानपुर के ग्रीन पार्क में हुआ था।
राजीव शुक्ला ने विवाद से दूर रहने की अपील की
बैठक में विवाद बढ़ने के बाद बीसीसीआई उपाध्यक्ष और यूपीसीए के पूर्व सचिव राजीव शुक्ला ने पदाधिकारियों से आपसी मतभेदों को बातचीत के जरिए सुलझाने की अपील की। उन्होंने यूपी क्रिकेट को आगे बढ़ाने के लिए संगठन के भीतर समन्वय पर जोर दिया और कहा कि आंतरिक विवादों को सार्वजनिक मंच पर ले जाने से क्रिकेट का हित प्रभावित होता है।
वाराणसी स्टेडियम में WPL की तैयारी
एजीएम के बाद राजीव शुक्ला ने वाराणसी के नए क्रिकेट स्टेडियम को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्टेडियम का काम लगभग पूरा हो चुका है और वहां क्रिकेट गतिविधियों की शुरुआत महिला प्रीमियर लीग (WPL) के मुकाबले से कराने की योजना पर काम हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि गाजियाबाद में स्टेडियम का निर्माण तेजी से आगे बढ़ रहा है। यूपीसीए का फोकस अपने क्रिकेट ढांचे को मजबूत करने और भविष्य में बड़े आयोजनों के लिए अपने मैदान तैयार करने पर है।
59 पूर्व खिलाड़ियों की आर्थिक मदद का मुद्दा उठा
एजीएम में प्लेयर्स क्रिकेट एसोसिएशन के सदस्य इंदरपाल सिंह गहलोत ने उन खिलाड़ियों की आर्थिक सहायता का मुद्दा उठाया, जिन्होंने राज्य के लिए 1 से 24 मैच खेले हैं। उनका कहना था कि ऐसे खिलाड़ियों को बीसीसीआई से पेंशन नहीं मिलती। उन्होंने 1 से 10 मैच खेलने वाले 51 खिलाड़ियों के लिए 8 हजार रुपये और 11 से 24 मैच खेलने वाले आठ खिलाड़ियों के लिए 12 हजार रुपये मासिक सहायता का प्रस्ताव रखा। उनके मुताबिक इससे 59 खिलाड़ियों को लाभ मिलेगा और यूपीसीए पर लगभग छह लाख रुपये मासिक का खर्च आएगा। राजीव शुक्ला ने इस प्रस्ताव पर संघ के सीए से वित्तीय स्थिति का आकलन करने को कहा।
एजीएम ने संगठन के भीतर के सवाल भी सामने रखे
यूपीसीए की इस एजीएम में एक तरफ यूपी टी-20 लीग की गवर्निंग काउंसिल का गठन और क्रिकेट इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर फैसले हुए, वहीं दूसरी तरफ सीएसी, चयन प्रक्रिया, कोचिंग स्टाफ और अन्य समितियों को लेकर संगठन के भीतर मतभेद भी सामने आए। एजीएम के बाद इन समितियों पर जल्द फैसला होने की बात कही गई है।


