Hot Topics

UP में गैस एजेंसियों से जुड़ेंगे महिला स्वयं सहायता समूह

  • UPITS-2026 में केशव प्रसाद मौर्य ने कहा—ग्रामीण महिलाओं के उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने पर जोर, 3,000 से अधिक उत्पाद ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जुड़े; खाद्य प्रसंस्करण में 28 हजार इकाइयों का दावा

भारत 19

ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश में महिला स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक गतिविधियों के नए अवसरों से जोड़ने की पहल तेज की जा रही है। उप मुख्यमंत्री एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रदेश के गांवों में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को गैस एजेंसी और सिलेंडर वितरण व्यवस्था से जोड़ने के लिए भारत सरकार के पेट्रोलियम मंत्रालय से वार्ता की जा रही है। साथ ही ग्रामीण महिलाओं के उत्पादों को स्थानीय बाजार से निकालकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है।

गैस एजेंसी से जोड़ने की दिशा में चल रही बातचीत

ग्रेटर नोएडा में आयोजित UP International Trade Show (UPITS)-2026 के दौरान राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के Buyer-Seller Meet को संबोधित करते हुए मौर्य ने कहा कि सरकार महिला स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त और उद्यमी बनाने के लिए काम कर रही है। उन्होंने बताया कि पेट्रोलियम मंत्रालय से वार्ता कर प्रदेश के प्रत्येक गांव में महिला स्वयं सहायता समूहों को गैस एजेंसी एवं सिलेंडर वितरण व्यवस्था से जोड़ने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। प्रस्तावित व्यवस्था से ग्रामीण महिलाओं के लिए आय के नए अवसर तैयार होने की बात कही गई।

11.21 लाख से अधिक समूहों से जुड़ी महिलाएं

मौर्य के अनुसार दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत प्रदेश में 11.21 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूह, 66,002 ग्राम संगठन और 3,297 संकुल स्तरीय संघ हैं। करीब 1.31 करोड़ ग्रामीण परिवारों की महिलाओं को सामाजिक एवं वित्तीय समावेशन के साथ कृषि और गैर-कृषि आजीविका गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मिशन के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों को 1,364 करोड़ रुपये से अधिक रिवॉल्विंग फंड, 8,512 करोड़ रुपये से अधिक सामुदायिक निवेश निधि और 12,730 करोड़ रुपये से अधिक बैंक ऋण उपलब्ध कराया गया है।

3000 से ज्यादा उत्पाद ऑनलाइन बाजार में

सरकार के अनुसार स्वयं सहायता समूहों के 3,000 से अधिक उत्पादों को Amazon, Flipkart, Meesho, Prerna Mart, e-SARAS और ONDC जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की कार्रवाई की गई है। प्रदेश में 543 प्रेरणा सरस स्टोर स्थापित किए गए हैं। मौर्य ने कहा कि अब जोर केवल उत्पाद बनाने तक सीमित नहीं है। महिलाओं को उत्पादन के साथ मूल्य संवर्धन, ब्रांडिंग, पैकेजिंग, विपणन और बाजार की पूरी श्रृंखला से जोड़ने पर काम किया जा रहा है। बिजनौर में State Aggregation Centre के माध्यम से विभिन्न समूहों के उत्पादों को एकत्र कर बड़े बाजारों तक पहुंचाने की व्यवस्था विकसित की जा रही है।

खाद्य प्रसंस्करण में 28 हजार इकाइयों का दावा

UPITS-2026 के खाद्य प्रसंस्करण विभाग के Knowledge Session में मौर्य ने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना (PMFME) के तहत प्रदेश में करीब 28,000 खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना या उन्नयन होने की जानकारी दी। उनके अनुसार इनमें करीब 2,200 करोड़ रुपये का निवेश हुआ और लगभग 1.50 लाख रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के तहत पात्र इकाइयों को प्लांट एवं मशीनरी पर 35 प्रतिशत तक प्रोत्साहन और सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना पर 90 प्रतिशत तक सब्सिडी का प्रावधान है।

UPITS में खाद्य प्रसंस्करण के 16 MoU

मौर्य के मुताबिक प्रदेश में अब तक 580 खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित हो चुकी हैं। इनमें कुल 5,17,792.32 लाख रुपये का निवेश और करीब 95,000 रोजगार के अवसर सृजित होने की जानकारी दी गई। UPITS-2026 में खाद्य प्रसंस्करण विभाग ने 16 समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए, जिनकी कुल राशि करीब 50,000 अमेरिकी डॉलर बताई गई।

गांव के उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने पर जोर

Buyer-Seller Meet में मसाले, शहद, अचार-मुरब्बा, दुग्ध उत्पाद, हैंडलूम एवं सिल्क साड़ियां, चिकनकारी, जूट एवं हैंडीक्राफ्ट, ग्लास लैंप, पापड़ और चिप्स जैसे उत्पादों को बड़े बाजारों से जोड़ने पर जोर दिया गया। मौर्य ने कहा कि UP International Trade Show जैसे मंच महिला उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों तक पहुंचाने में मदद कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि लक्ष्य उत्पादन के साथ बेहतर गुणवत्ता, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और व्यापक बाजार पहुंच विकसित करना है।

Tags :

Bharat 19 News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent News