- केदारनाथ शोकेस में दिखी प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक विरासत, रोल प्ले में छात्रों ने पेश की अतिथि सेवा की झलक; डांस, चार्ट और अन्य गतिविधियों से पर्यटन व आतिथ्य उद्योग को समझने की कोशिश
भारत 19
कानपुर। केदारनाथ की प्राकृतिक खूबसूरती और धार्मिक महत्व को मंच पर उतारना हो या होटल में आने वाले मेहमान से बेहतर तरीके से पेश आना, छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने विश्व पर्यटन दिवस पर दोनों हुनर दिखाए। स्कूल ऑफ होटल मैनेजमेंट में मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम में केदारनाथ शोकेस से लेकर रोल प्ले तक छात्रों ने पर्यटन और आतिथ्य उद्योग की बारीकियों को गतिविधियों के जरिए सामने रखा। डांस, चार्ट, कॉर्नर टेबल और ब्रीफकेस जैसी गतिविधियों ने कार्यक्रम को सिर्फ समारोह नहीं रहने दिया, बल्कि विद्यार्थियों के लिए सीखने का व्यावहारिक मंच बना दिया।
केदारनाथ शोकेस कार्यक्रम का सबसे खास आकर्षण रहा। द्वितीय वर्ष के रमन, आकाश, करण और प्रशांत ने केदारनाथ की प्राकृतिक छटा, धार्मिक महत्व और पर्यटन संभावनाओं को अपनी प्रस्तुति में शामिल किया। विद्यार्थियों ने यह बताने की कोशिश की कि किसी पर्यटन स्थल की प्राकृतिक खूबसूरती के साथ उसकी सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को पर्यटकों के सामने किस तरह प्रभावी ढंग से रखा जा सकता है। गतिविधि के जरिए उन्हें पर्यटन स्थल की प्रस्तुति और उसके महत्व को व्यावहारिक रूप से समझने का अवसर मिला।
रोल प्ले में सामने आई होटल की असली चुनौती
पर्यटन सिर्फ घूमने की जगहों को जानने तक सीमित नहीं है। पर्यटक के अनुभव में होटल, सेवा और व्यवहार भी अहम भूमिका निभाते हैं। इसी पहलू को विद्यार्थियों ने रोल प्ले के जरिए सामने रखा। प्रथम वर्ष के रिंकू, प्रियांशु, आर्या, आयुषी, गुरदीप, राकेश, साहिल जावेद और अथर्व ने अलग-अलग परिस्थितियों को अभिनय और संवाद के जरिए प्रस्तुत किया। इसमें अतिथि सेवा, व्यवहार, प्रभावी संवाद और परिस्थितियों को संभालने जैसे पहलुओं को दिखाया गया।
डांस और चार्ट से भी दिखाई रचनात्मकता
कार्यक्रम में डांस, कॉर्नर टेबल, ब्रीफकेस और चार्ट प्रिपरेशन जैसी गतिविधियां भी हुईं। डांस प्रस्तुति में प्रथम वर्ष की तान्या गौतम ने प्रतिभाग किया। कॉर्नर टेबल में प्रथम वर्ष की तन्वी और दिशा तथा द्वितीय वर्ष की श्रद्धा ने हिस्सा लिया। ब्रीफकेस गतिविधि में समर्थ और अवि शामिल हुए। चार्ट प्रिपरेशन के जरिए प्रथम वर्ष की मुश्कान अली और दिशा तथा द्वितीय वर्ष के आदित्य सोनवानी, गौरव और कुणाल ने पर्यटन स्थलों, संस्कृति, विरासत और आतिथ्य उद्योग से जुड़े विषयों को रचनात्मक तरीके से प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. सुधांशु राय ने विद्यार्थियों को होटल प्रबंधन और गेस्ट डीलिंग के जरूरी पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आतिथ्य उद्योग में विनम्र व्यवहार, प्रभावी संचार, धैर्य, सकारात्मक सोच और सेवा भावना महत्वपूर्ण हैं। विद्यार्थियों को सकारात्मक रहने के साथ शिक्षकों और वरिष्ठों के अनुभवों से सीखने की सलाह दी गई।
पर्यटन सिर्फ घूमना नहीं, रोजगार और विरासत भी
स्कूल ऑफ होटल मैनेजमेंट के निदेशक सौरभ त्रिपाठी ने कहा कि पर्यटन को सिर्फ एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाने के माध्यम के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। इसका सीधा संबंध संस्कृति, विरासत, रोजगार, स्थानीय अर्थव्यवस्था और सामाजिक विकास से भी है। उन्होंने विद्यार्थियों से पर्यटन और आतिथ्य उद्योग की बदलती जरूरतों के अनुसार अपने कौशल विकसित करने का आह्वान किया। असिस्टेंट डायरेक्टर शेफ सिद्धार्थ सिंह ने कहा कि ऐसी गतिविधियां विद्यार्थियों को कक्षा के ज्ञान से आगे बढ़कर वास्तविक परिस्थितियों को समझने का मौका देती हैं। होटल और पर्यटन उद्योग में तकनीकी ज्ञान के साथ अनुशासन, टीमवर्क, आत्मविश्वास और सेवा भावना भी जरूरी है।
कार्यक्रम में सहायक आचार्य शिवांशु सचान, अरविंद चौहान, ऐश्वर्या आर्य, अंकित कुमार, डॉ. रोबिन वर्मा और वंशिका श्रीवास्तव सहित विभाग के शिक्षक मौजूद रहे। विद्यार्थियों ने विभिन्न गतिविधियों में उत्साह से भाग लेकर पर्यटन, संस्कृति, विरासत और आतिथ्य के महत्व को अपने अंदाज में प्रस्तुत किया।
