- केशव मौर्य ने 75 जिलों के 826 ब्लॉकों में महिला उत्पादों की मार्केटिंग बढ़ाने के दिए निर्देश, 3 करोड़ महिलाओं को SHG से जोड़ने का लक्ष्य
भारत 19
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाने की तैयारी तेज हो गई है। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने प्रदेश के 100 रेलवे स्टेशनों, 100 बस स्टेशनों और पांच हवाई अड्डों पर मुख्यमंत्री महिला उत्पाद विपणन केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव जल्द प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। यह योजना पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर 75 जिलों के 826 विकास खंडों में लागू किए जाने की तैयारी है।
उपमुख्यमंत्री ने रविवार को सरकारी आवास पर उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति और जमीनी स्थिति की जानकारी ली और लक्ष्य के अनुरूप काम में तेजी लाने के निर्देश दिए।
3 करोड़ महिलाओं को SHG से जोड़ने का लक्ष्य
मौर्य ने अधिकारियों को प्रदेश में 3 करोड़ महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने और 1 करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने के लक्ष्य को मिशन मोड में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को स्थानीय बाजार तक सीमित रखने के बजाय राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ा जाए, ताकि महिलाओं को उत्पादों की बेहतर कीमत मिल सके और उनकी आय बढ़े।
543 प्रेरणा सरल स्टोर, 3000 उत्पाद बाजार से जुड़े
समीक्षा में बताया गया कि प्रदेश में स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की बिक्री और ब्रांडिंग के लिए 543 प्रेरणा सरल स्टोर स्थापित किए जा चुके हैं। वहीं 3000 से अधिक उत्पादों को ऑनलाइन और ऑफलाइन विपणन प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है। मौर्य ने इन उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाने की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा। रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन और एयरपोर्ट पर प्रस्तावित केंद्र इसी दिशा में अहम कदम माने जा रहे हैं।
सौर ऊर्जा और ड्रोन से बढ़ेगी महिलाओं की आय
उपमुख्यमंत्री ने महिलाओं को सौर ऊर्जा आधारित गतिविधियों से जोड़ने पर भी जोर दिया। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में इसके लिए प्रचार बढ़ाने और उद्योगों व उद्यमियों को सौर ऊर्जा के लाभों की जानकारी देकर इंस्टॉलेशन से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। ड्रोन दीदी योजना की समीक्षा में बताया गया कि 75 जिलों में 11,81,660 हेक्टेयर क्षेत्र के लिए ड्रोन सखियों का चयन किया गया है। पहले चरण में महिलाओं को 114 ड्रोन उपलब्ध कराए गए हैं। मौर्य ने ड्रोन तकनीक के जरिए खेती की लागत घटाने, रासायनिक उर्वरकों का इस्तेमाल कम करने और किसानों की आय बढ़ाने पर जोर दिया।
43 जिलों में चल रही टेक होम राशन इकाइयां
टेक होम राशन योजना को जल्द सभी 75 जिलों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल 43 जिलों में 204 इकाइयां संचालित हैं, जिनमें करीब 4,000 सदस्य काम कर रहे हैं। मौर्य ने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को दुग्ध उत्पादन, मधुमक्खी पालन और मत्स्य पालन जैसी गतिविधियों से भी जोड़ने के निर्देश दिए।
लापरवाही पर कार्रवाई के संकेत
उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही नहीं बरतने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए योजनाओं को केवल कागजों तक सीमित रखने के बजाय उनका लाभ जमीन पर पहुंचना चाहिए। प्रस्तावित महिला उत्पाद विपणन केंद्रों के जरिए सरकार की कोशिश स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों के लिए स्थायी बिक्री बाजार तैयार करने की है। रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन और एयरपोर्ट जैसे ज्यादा आवाजाही वाले स्थानों पर बिक्री केंद्र खुलने से स्थानीय महिला उद्यमियों के उत्पादों को सीधे बड़े उपभोक्ता बाजार तक पहुंचाने का रास्ता बन सकता है।


