- मैडिसन स्क्वायर गार्डन में 5 हजार लोगों को भागवत ने दिया ‘वसुधैव कुटुंबकम’ का संदेश, बाहर RSS के खिलाफ प्रदर्शन, ममदानी और USCIRF की आपत्ति से बढ़ा विवाद
भारत 19 डेस्क
न्यूयॉर्क में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के कार्यक्रम को लेकर अमेरिका में विवाद गहरा गया है। मैडिसन स्क्वायर गार्डन में शनिवार को करीब पांच हजार भारतीय-अमेरिकियों की मौजूदगी में भागवत ने संबोधन किया, जबकि बाहर RSS के विरोध में सैकड़ों लोगों ने प्रदर्शन किया। अमेरिकी समाचार एजेंसी Associated Press (AP) ने इस पूरे घटनाक्रम को प्रमुखता से कवर किया। AP के मुताबिक कार्यक्रम से पहले ही विरोध, न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी की सार्वजनिक आपत्ति और अमेरिकी धार्मिक स्वतंत्रता आयोग (USCIRF) की ओर से कार्रवाई की मांग ने आयोजन को विवादों के केंद्र में ला दिया था।
मैडिसन स्क्वायर गार्डन में भागवत का संदेश
भागवत ने ‘Universal Oneness Celebration’ में भारतीय-अमेरिकी समुदाय को संबोधित किया। पांच हजार लोगों को संबोधित करते हुए भागवत ने एकता, विविधता, सामाजिक जिम्मेदारी और भारतीय प्रवासियों की दोहरी जिम्मेदारी पर जोर दिया। उन्होंने भारतीय मूल के लोगों से अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहने के साथ अमेरिकी समाज के प्रति जिम्मेदार नागरिक बने रहने की बात कही। भागवत ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि भारत की सोच विविधता में एकता पर आधारित है। Free Press Journal की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति भारत में मुसलमानों के नहीं रहने की इच्छा रखता है, वह हिंदू नहीं रह सकता। उनके भाषण का केंद्रीय संदेश धार्मिक और सामाजिक विविधता के बीच एकता पर केंद्रित रहा। कार्यक्रम का आयोजन American Hindus for Engagement and Dialogue (AHEAD) ने किया था। आयोजकों के अनुसार 39 अमेरिकी राज्यों के 85 शहरों से लोग इसमें पहुंचे और करीब 200 संगठनों ने कार्यक्रम में भागीदारी की।
कार्यक्रम के बाहर RSS के खिलाफ प्रदर्शन
भागवत के संबोधन के दौरान मैडिसन स्क्वायर गार्डन के बाहर सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने RSS के खिलाफ प्रदर्शन किया। Associated Press की रिपोर्ट में पहले से ही इस विरोध की आशंका और विभिन्न इंटरफेथ तथा नागरिक अधिकार संगठनों की आपत्ति का उल्लेख किया गया था। कार्यक्रम के बाद New York Post ने भी बाहर हुए बड़े प्रदर्शन को रिपोर्ट किया। उसकी रिपोर्ट के अनुसार प्रदर्शनकारियों ने RSS की विचारधारा और भारत में अल्पसंख्यकों से जुड़े आरोपों को लेकर विरोध जताया। प्रदर्शन में शामिल डेमोक्रेटिक नेता ब्रैड लैंडर को लेकर भी प्रदर्शनकारियों के बीच विवाद की स्थिति बनी। Associated Press की फोटो रिपोर्टिंग में भी भागवत के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में भाषण के दौरान बाहर प्रदर्शन करते सिख प्रदर्शनकारियों की तस्वीर प्रकाशित हुई।
ममदानी ने RSS को लेकर जताई आपत्ति
न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने भागवत के कार्यक्रम का सार्वजनिक रूप से विरोध किया था। उन्होंने RSS की विचारधारा को लेकर गंभीर आपत्ति जताई, हालांकि यह भी कहा कि निजी तौर पर आयोजित कार्यक्रम को रद्द कराने के लिए शहर के अधिकार क्षेत्र को लेकर वह निश्चित नहीं हैं। The Wall Street Journal और Vox ने ममदानी की आपत्ति और उससे पैदा हुए राजनीतिक विवाद को अपनी रिपोर्टों में प्रमुखता दी। Vox ने इस पूरे विवाद को न्यूयॉर्क की राजनीति से आगे बढ़कर हिंदू राष्ट्रवाद, भारतीय-अमेरिकी समुदाय और अमेरिकी राजनीति में भारत से जुड़े वैचारिक मतभेदों के संदर्भ में देखा है। रिपोर्ट के मुताबिक ममदानी की RSS पर टिप्पणी के बाद उन्हें आलोचना और ‘Hinduphobia’ के आरोपों का भी सामना करना पड़ा।
USCIRF ने की कार्रवाई की मांग
अमेरिकी धार्मिक स्वतंत्रता आयोग (USCIRF) ने भागवत के अमेरिका दौरे को लेकर अमेरिकी प्रशासन से कड़ा रुख अपनाने की मांग की थी। Associated Press के मुताबिक USCIRF ने भागवत का वीजा रद्द करने और RSS के सदस्यों पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की थी। आयोग ने भारत में धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़े अपने आरोपों का हवाला दिया। यह ध्यान देने योग्य है कि USCIRF अमेरिकी सरकार की एक स्वतंत्र सलाहकार संस्था है, जिसका काम धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़े मामलों पर अमेरिकी प्रशासन और कांग्रेस को सलाह देना है। उसकी सिफारिश अपने आप में अमेरिकी सरकार का आदेश नहीं है।
अमेरिकी मीडिया में RSS की वैश्विक छवि पर बहस
भागवत का न्यूयॉर्क दौरा अमेरिकी मीडिया में इसलिए भी महत्वपूर्ण बना क्योंकि इससे RSS की वैश्विक छवि और अमेरिकी भारतीय समुदाय में उसकी भूमिका पर बहस तेज हुई। Wall Street Journal ने भागवत के कार्यक्रम को RSS की वैश्विक छवि मजबूत करने की कोशिश के संदर्भ में देखा। अखबार के मुताबिक RSS प्रमुख का अंतरराष्ट्रीय दौरा संगठन की वैश्विक प्रोफाइल को मजबूत करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है, जबकि आलोचक संगठन की विचारधारा को लेकर सवाल उठा रहे हैं। Vox ने भी इस घटनाक्रम को अमेरिकी भारतीय समुदाय के भीतर हिंदू राष्ट्रवाद को लेकर मौजूद गहरे मतभेदों से जोड़ा है।
भागवत के संदेश और विरोध के बीच दिखा विरोधाभास
एक ओर मैडिसन स्क्वायर गार्डन के भीतर भागवत ने एकता, विविधता और ‘वसुधैव कुटुंबकम’ का संदेश दिया, वहीं बाहर RSS की विचारधारा को लेकर प्रदर्शन हुआ। यही विरोधाभास इस कार्यक्रम को सामान्य सांस्कृतिक आयोजन से आगे ले गया। Times of India की रिपोर्ट के मुताबिक भागवत ने अपने संबोधन में कहा कि दुनिया को एक परिवार के रूप में देखने की भारतीय सोच ही RSS के संदेश का आधार है। वहीं अमेरिकी मीडिया में कार्यक्रम के विरोध को RSS की विचारधारा, धार्मिक स्वतंत्रता और भारतीय-अमेरिकी समुदाय की राजनीतिक पहचान से जोड़कर देखा गया। मोहन भागवत का मैडिसन स्क्वायर गार्डन कार्यक्रम समाप्त हो चुका है, लेकिन इससे जुड़ी बहस अमेरिका में जारी है। RSS, हिंदू राष्ट्रवाद, धार्मिक स्वतंत्रता और भारतीय-अमेरिकी समुदाय की राजनीतिक पहचान अब इस विवाद के प्रमुख मुद्दे बन गए हैं।


