- शिवाजी महाराज की तस्वीर के पास पीएम मोदी का फोटो लगाने पर जताई थी आपत्ति; मनसे कार्यकर्ताओं ने उतारी तस्वीर, कॉलेज प्रशासन की शिकायत पर 26 लोगों पर केस
भारत 19 डेस्क/ पुणे के सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर हटाए जाने का विवाद अब पुलिस कार्रवाई तक पहुंच गया है। महाराष्ट्र नवनिर्माण विद्यार्थी सेना के अध्यक्ष अमित ठाकरे समेत 26 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। मामला कॉलेज प्रशासन की शिकायत के बाद दर्ज हुआ। इससे पहले 31 अगस्त को कॉलेज पहुंचे अमित ठाकरे ने एक कार्यालय में छत्रपति शिवाजी महाराज की तस्वीर के पास लगी प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर पर आपत्ति जताई थी। इसके बाद मनसे कार्यकर्ताओं ने तस्वीर वहां से हटा दी थी।
छात्रों से बातचीत के दौरान सामने आया मामला
अमित ठाकरे पुणे में कॉलेज छात्रों से संवाद के कार्यक्रम के तहत सरकारी पॉलिटेक्निक पहुंचे थे। उन्होंने विद्यार्थियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं और कॉलेज में उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान कैंटीन में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता और स्पोर्ट्स कोटे से प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के लिए प्रशिक्षकों की उपलब्धता समेत कुछ दूसरे मुद्दों पर भी चर्चा हुई। छात्रों ने कॉलेज की सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं उनके सामने रखीं।
शिवाजी महाराज की तस्वीर के पास मोदी का फोटो
कॉलेज के एक कार्यालय में छत्रपति शिवाजी महाराज की तस्वीर के पास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर लगी थी। इसे देखकर अमित ठाकरे ने आपत्ति जताई। वहां डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की तस्वीरें भी लगी थीं। ठाकरे ने मनसे कार्यकर्ताओं से प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर हटाने को कहा। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने फोटो नीचे उतार दिया। इस पूरी कार्रवाई का वीडियो सामने आने के बाद मामला तेजी से राजनीतिक चर्चा में आ गया।
तस्वीर हटाने के बाद कॉलेज प्रशासन ने की शिकायत
घटना के बाद कॉलेज प्रशासन की ओर से पुलिस में शिकायत की गई। इसी शिकायत के आधार पर अमित ठाकरे समेत कुल 26 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। मामले में पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों और घटनाक्रम की जांच करेगी। FIR दर्ज होना आरोपों के सिद्ध होने का अंतिम निष्कर्ष नहीं है। आगे की कानूनी प्रक्रिया में मामले के तथ्य सामने आएंगे।
अमित ठाकरे ने बताई तस्वीर हटाने की वजह
अमित ठाकरे ने तस्वीर हटाने की कार्रवाई को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट की। उनका कहना था कि छत्रपति शिवाजी महाराज और डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की तस्वीरों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फोटो नहीं लगाया जाना चाहिए। उनका तर्क था कि प्रधानमंत्री की तस्वीर के लिए अलग स्थान रखा जा सकता है। ठाकरे ने इस पूरे मामले को शिवाजी महाराज के सम्मान से जोड़ते हुए अपनी आपत्ति जताई।
भाजपा ने भी कार्रवाई पर जताई नाराजगी
तस्वीर हटाए जाने के बाद भाजपा की ओर से अमित ठाकरे और मनसे पर निशाना साधा गया। भाजपा नेताओं ने सरकारी संस्थानों में प्रधानमंत्री समेत संवैधानिक पदों से जुड़े लोगों की तस्वीर लगाए जाने की व्यवस्था का हवाला देते हुए तस्वीर हटाने की कार्रवाई पर सवाल उठाए। इससे मामला मनसे बनाम भाजपा की राजनीतिक बहस में भी बदल गया। एक ओर मनसे तस्वीर की जगह और शिवाजी महाराज के सम्मान को मुद्दा बना रही है, वहीं भाजपा इसे सरकारी संस्थान में प्रधानमंत्री की तस्वीर हटाने की कार्रवाई के रूप में देख रही है।
तस्वीर दोबारा कॉलेज में लगाई गई
विवाद के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर को कॉलेज में दोबारा लगा दिया गया। इस घटनाक्रम का वीडियो भी सामने आया है। इस तरह मामले में तस्वीर हटाने के बाद उसे दोबारा लगाए जाने से विवाद का एक और पहलू जुड़ गया। अब FIR दर्ज होने के बाद पुलिस कार्रवाई इस पूरे प्रकरण का नया केंद्र बन गई है।
सात कॉलेजों में छात्रों से संवाद
अमित ठाकरे का पुणे दौरा केवल सरकारी पॉलिटेक्निक तक सीमित नहीं है। वह शहर के कई कॉलेजों में विद्यार्थियों से संवाद करने वाले हैं। शिक्षा, कॉलेज की सुविधाएं, विद्यार्थियों की सुरक्षा और प्रशासन से जुड़े मुद्दों को इस दौरान उठाया जा रहा है। ऐसे में पॉलिटेक्निक कॉलेज में प्रधानमंत्री की तस्वीर हटाने की घटना ने उनके छात्र संवाद अभियान को राजनीतिक चर्चा में ला दिया है।
राजनीतिक विवाद के साथ कानूनी मोड़
पुणे पॉलिटेक्निक में शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर पहुंच गया है। पहले तस्वीर लगाने को लेकर सवाल उठा, फिर अमित ठाकरे की आपत्ति के बाद तस्वीर हटाई गई, भाजपा ने विरोध किया, तस्वीर दोबारा लगाई गई और अब अमित ठाकरे समेत 26 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज हो गई है।


