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UP Weather: बारिश थमेगी, गंगा में बाढ़ का खतरा बरकरार

  • लगातार बारिश के बाद एक-दो दिन राहत, फिर सक्रिय होगा मानसून; कानपुर बैराज पर चेतावनी निशान से ऊपर पहुंचा गंगा का पानी

भारत 19
कानपुर। उत्तर प्रदेश में कई दिनों से जारी मानसूनी बारिश के बाद अब लोगों को तेज बारिश से कुछ राहत मिलने के आसार हैं। 27 अगस्त के बाद प्रदेश में भारी बारिश की गतिविधियों में कमी आने का अनुमान है और अगले एक-दो दिन बारिश का तीव्र दौर थम सकता है। हालांकि ये राहत ज्यादा लंबी नहीं होगी। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 29 और 30 अगस्त के आसपास पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मानसून फिर सक्रिय हो सकता है।बारिश की रफ्तार धीमी पड़ने की संभावना के बीच नदियों में बढ़ता पानी चिंता का कारण बना हुआ है। 
कानपुर बैराज पर गंगा का जलस्तर चेतावनी निशान पार कर चुका है। ऐसे में स्थानीय बारिश कम होने के बावजूद ऊपरी क्षेत्रों और बैराजों से आने वाला पानी बाढ़ प्रभावित इलाकों के लिए चुनौती बना रह सकता है। 27 अगस्त की सुबह बैराज पर गंगा का अपस्ट्रीम जलस्तर 114.300 मीटर दर्ज किया गया। यह 114 मीटर के चेतावनी स्तर से 30 सेंटीमीटर ऊपर है। हालांकि गंगा अभी खतरे के निशान से 70 सेंटीमीटर नीचे है। बैराज पर पानी का डिस्चार्ज 3,70,392 क्यूसेक दर्ज किया गया, जबकि खतरे के स्तर पर डिस्चार्ज 5,44,373 क्यूसेक है। डाउनस्ट्रीम जलस्तर 114.130 मीटर रहा। शुक्लागंज में गंगा का जलस्तर 112.800 मीटर दर्ज हुआ, जो 113 मीटर के चेतावनी स्तर से 20 सेंटीमीटर नीचे है।

हरिद्वार-नरौरा से आने वाला पानी बढ़ा रहा दबाव

कानपुर में गंगा की स्थिति केवल स्थानीय बारिश पर निर्भर नहीं है। ऊपरी क्षेत्रों में हुई बारिश और बैराजों से आने वाला पानी भी जलस्तर को प्रभावित कर रहा है। 27 अगस्त सुबह 8 बजे हरिद्वार बैराज से 69,089 क्यूसेक और नरौरा बैराज से 1,10,176 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज किया गया। ऐसे में कानपुर में बारिश की तीव्रता कम होने के बाद भी गंगा के जलस्तर पर नजर रखना जरूरी होगा। यही वजह है कि इस बार बाढ़ की स्थिति को केवल स्थानीय बारिश के आंकड़ों से नहीं समझा जा सकता। नदी के ऊपरी कैचमेंट में हुई बारिश का असर नीचे बसे जिलों तक पहुंच रहा है।

औरैया में बढ़ रहा यमुना का जलस्तर

औरैया में यमुना का जलस्तर भी बढ़ने का रुझान दिखा रहा है। 27 अगस्त सुबह 8 बजे नदी का गेज 103.700 मीटर दर्ज किया गया। हालांकि जलस्तर अभी 112 मीटर के चेतावनी निशान और 113 मीटर के खतरे के निशान से काफी नीचे है। जिले में 48.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन लगातार बारिश या ऊपरी क्षेत्रों से अतिरिक्त पानी आने पर जलस्तर में बदलाव संभव है।

अगले दो दिन धीमी पड़ सकती बारिश

मौजूदा सक्रिय मानसूनी दौर के बाद 28 अगस्त से प्रदेश में भारी बारिश की गतिविधियों में कमी आने के संकेत हैं। इसका मतलब यह नहीं कि बारिश पूरी तरह बंद हो जाएगी, बल्कि व्यापक और लगातार तेज बारिश के दौर से एक-दो दिन की राहत मिल सकती है। इस दौरान कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक की स्थिति बनी रह सकती है। स्थानीय स्तर पर तेज बौछारें भी पड़ सकती हैं, लेकिन लगातार व्यापक भारी बारिश की संभावना कम रहने का अनुमान है।

दो दिन की राहत बाद फिर सक्रिय होगा मानसून

बारिश से राहत का दौर ज्यादा लंबा नहीं दिख रहा है। 29 और 30 अगस्त के आसपास पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां फिर बढ़ने की संभावना है। इसका असर पश्चिमी जिलों में ज्यादा दिखाई दे सकता है। कहीं-कहीं तेज बारिश होने से निचले इलाकों में जलभराव और नदियों में पानी बढ़ने की स्थिति बन सकती है। यानी अगस्त के आखिरी सप्ताह में मौसम का पैटर्न साफ है—पहले तेज बारिश, फिर एक-दो दिन राहत और उसके बाद मानसून की दोबारा सक्रियता।

कम बारिश वाले जिलों में भी बढ़ा बाढ़ का संकट

इस मानसून की सबसे बड़ी विडंबना यह है कि प्रदेश के कई जिले अब भी सामान्य से कम बारिश की स्थिति में हैं, लेकिन नदियों के किनारे बसे इलाकों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। इसकी सबसे बड़ी वजह स्थानीय बारिश के अलावा दूसरे राज्यों, पहाड़ी क्षेत्रों और नदी के ऊपरी कैचमेंट से आने वाला पानी है। कानपुर बैराज पर चेतावनी स्तर पार होना इसका उदाहरण है। यानी जहां बादल कम बरसे, वहां भी नदी का पानी मुसीबत बन सकता है।

प्रदेश के 36 जिलों में बारिश अब भी कम

अगस्त में हुई बारिश से उत्तर प्रदेश में मानसून की कमी काफी हद तक कम हुई है, लेकिन बारिश का वितरण अभी भी असमान है। 25 अगस्त तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में 1 जून से अब तक मानसूनी बारिश सामान्य से करीब 13 प्रतिशत कम रही। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश सामान्य स्तर के करीब पहुंच गई है, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में कमी अपेक्षाकृत अधिक बनी हुई है। मेरठ, मुजफ्फरनगर और संभल समेत कुछ जिलों में अच्छी बारिश हुई है, जबकि भदोही, देवरिया, जौनपुर, कानपुर देहात, कुशीनगर, मऊ, पीलीभीत और शामली जैसे जिलों में सामान्य से काफी कम बारिश दर्ज की गई।

कानपुर नगर सामान्य, देहात में बारिश की कमी

बारिश के असमान वितरण का असर कानपुर क्षेत्र में भी दिखाई दे रहा है। उपलब्ध आंकड़ों में कानपुर नगर में बारिश सामान्य दायरे में रही, जबकि कानपुर देहात सामान्य से कम बारिश वाले जिलों में शामिल रहा। इसके बावजूद कानपुर बैराज पर गंगा चेतावनी निशान पार कर गई। यह साफ करता है कि स्थानीय बारिश और नदी में आने वाला पानी दो अलग स्थितियां हैं।

अब तक प्रदेश में सामान्य से 13 प्रतिशत कम बारिश

1 जून से 25 अगस्त तक उत्तर प्रदेश में 483.7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश 556.2 मिलीमीटर मानी जाती है। यानी प्रदेश में अब तक करीब 13 प्रतिशत बारिश की कमी है। अगस्त में हुई अच्छी बारिश ने मानसून की तस्वीर बदली है। जुलाई के अंत तक बारिश की कमी काफी अधिक थी, लेकिन पिछले दिनों हुई तेज बारिश से यह अंतर कम हुआ है। फिर भी पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बीच बारिश के वितरण में बड़ा अंतर बना हुआ है।

भारी बारिश की आईएमडी की क्या है परिभाषा

मौसम विभाग के अनुसार 24 घंटे में 64.5 से 115.5 मिलीमीटर बारिश होने पर उसे भारी बारिश माना जाता है। 115.6 से 204.4 मिलीमीटर तक बारिश बहुत भारी और 204.5 मिलीमीटर या उससे अधिक बारिश अत्यंत भारी की श्रेणी में आती है। मौसमी औसत के लिहाज से सामान्य बारिश में करीब 20 प्रतिशत तक का अंतर स्वीकार्य दायरे में माना जाता है। इससे अधिक कमी या बढ़त होने पर बारिश को सामान्य से कम या अधिक की श्रेणी में रखा जाता है।

बारिश थमेगी, लेकिन बाढ़ का खतरा रहेगा

अगले एक-दो दिन तेज बारिश से राहत मिलने की संभावना जरूर है, लेकिन कानपुर समेत नदी किनारे के इलाकों के लिए राहत की गारंटी नहीं है। गंगा में ऊपरी क्षेत्रों और बैराजों से आने वाले पानी का दबाव बना हुआ है। ऐसे में अगस्त के आखिरी दिनों की सबसे बड़ी चुनौती दोहरी होगी—एक तरफ फिर सक्रिय हो सकता मानसून और दूसरी तरफ नदियों में पहले से बढ़ा जलस्तर।

अगले चार दिन का मौसम

27 अगस्त: कई इलाकों में सक्रिय मानसून और तेज बारिश।
28 अगस्त: व्यापक भारी बारिश से राहत के आसार।
29 अगस्त: पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश फिर बढ़ने की संभावना।
30 अगस्त: पश्चिमी जिलों में तेज बारिश का दौर सक्रिय हो सकता है।

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