- बॉडी शेप, स्किन टोन से हेयरस्टाइल तक AI डिजाइन कर रहा पूरा लुक
भारत 19
कानपुर। AI Fashion का ट्रेंड युवाओं के बीच तेजी से बढ़ रहा है। नया आउटफिट खरीदने से लेकर हेयरकट, हेयर कलर और पूरे पर्सनल लुक तक, युवा अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI को अपना डिजिटल स्टाइलिस्ट बना रहे हैं। नया आउटफिट खरीदना हो, पार्टी के लिए तैयार होना हो या फिर हेयरकट कराने से पहले यह जानना हो कि कौन सा लुक जंचेगा ये तय करने के लिए युवाओं के पास अब एक नया सलाहकार है, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस। फैशन की दुनिया में पसंद-नापसंद तय करने का काम अब केवल दोस्तों, फैशन मैगजीन और स्टाइल एक्सपर्ट तक सीमित नहीं रह गया है।
युवा मोबाइल पर अपनी तस्वीर अपलोड कर AI से पूछ रहे हैं कि उनके बॉडी शेप और स्किन टोन पर कौन सा आउटफिट बेहतर लगेगा, किस रंग का कॉम्बिनेशन चुना जाए और किसी खास मौके के लिए कैसा लुक अपनाया जाए। कपड़ों से लेकर हेयर स्टाइल, जूते और एक्सेसरीज तक, AI धीरे-धीरे युवाओं का पर्सनल डिजिटल स्टाइलिस्ट बनता जा रहा है।दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों में पर्सनल स्टाइलिंग और डिजिटल फैशन सलाह के लिए एआई का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। ग्रूमिंग, कलर कॉम्बिनेशन, बॉडी फिटनेस और शॉपिंग डिसीजन में भी युवा इसकी मदद ले रहे हैं। कई एआई फैशन प्लेटफॉर्म फोटो और पसंद के आधार पर अलग-अलग मौकों के लिए आउटफिट और लुक सुझा रहे हैं।
149 रुपये से मिल रहा डिजिटल स्टाइलिस्ट
लाइफस्टाइल और फैशन से जुड़े कई एआई एप शुरुआती सेवाएं निशुल्क दे रहे हैं, जबकि प्रीमियम फीचर्स के लिए 149 से 299 रुपये प्रतिमाह तक शुल्क लिया जा रहा है। वर्चुअल स्टाइल और अलग-अलग लुक तैयार करने वाले कुछ एप 199 से 499 रुपये तक चार्ज कर रहे हैं। उदाहरण के तौर पर 199 रुपये में 20 और 499 रुपये में 50 तक लुक के सुझाव दिए जा रहे हैं। इसके मुकाबले दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों में प्रोफेशनल पर्सनल स्टाइलिंग की फीस आमतौर पर पांच हजार रुपये से शुरू होकर 15 हजार रुपये तक पहुंच सकती है। ऐसे में कम खर्च में डिजिटल स्टाइलिंग युवाओं के लिए तेजी से आकर्षक विकल्प बन रही है।
सिर्फ कपड़े नहीं, पूरा पर्सनल लुक डिजाइन
AI टेक्नोलॉजी अब केवल यह बताने तक सीमित नहीं है कि जींस के साथ कौन सी टी-शर्ट या शर्ट पहनी जाए। यह व्यक्ति के बॉडी शेप, स्किन टोन, साइज, पसंद, ब्रांड, बजट और मौके जैसे कई पहलुओं को जोड़कर पूरा लुक तैयार करने की कोशिश कर रही है। ऑफिस जाना हो, पार्टी में शामिल होना हो, शादी में जाना हो या कॉलेज के लिए नया लुक चुनना हो, युवा अलग-अलग अवसरों के लिए एआई से स्टाइलिंग सुझाव ले रहे हैं। कपड़ों के साथ जूते, घड़ी, एक्सेसरीज और रंगों का कॉम्बिनेशन भी डिजिटल सलाह के जरिए तय किया जा रहा है। यानी AI अब केवल फैशन की सलाह नहीं दे रहा, बल्कि व्यक्ति की जरूरत और मौके के हिसाब से हेड-टू-टो लुक तैयार करने में मदद कर रहा है।
खरीदने से पहले वर्चुअल ट्रायल का बढ़ा क्रेज
ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले युवाओं के बीच वर्चुअल ट्रायल का चलन भी बढ़ रहा है। किसी शर्ट, जैकेट या दूसरे आउटफिट को खरीदने से पहले यह देखा जा सकता है कि उसके साथ किस रंग की पैंट, जूते या एक्सेसरीज बेहतर लगेंगी। AI एक ही कपड़े के कई कॉम्बिनेशन सुझा सकता है। इससे गलत खरीदारी और ऐसे कपड़ों की संख्या कम करने में मदद मिल सकती है, जो खरीदने के बाद अलमारी में ही पड़े रह जाते हैं। युवाओं के लिए सबसे बड़ा फायदा यह है कि खरीदारी से पहले वे अलग-अलग स्टाइल में अपने संभावित लुक की कल्पना कर सकते हैं। इससे फैशन का फैसला केवल अंदाजे पर नहीं, बल्कि पहले से तैयार डिजिटल विजुअल पर आधारित हो सकता है।
हेयरकट से पहले AI दिखा रहा नया लुक
नया हेयरकट या हेयर कलर कराने से पहले होने वाली दुविधा को भी AI कम कर रहा है। युवा अपनी फोटो के आधार पर अलग-अलग हेयरकट, दाढ़ी के स्टाइल और बालों के रंग के साथ संभावित लुक देख सकते हैं। इससे पहले किसी नए स्टाइल का फैसला अक्सर तस्वीर देखकर या हेयर स्टाइलिस्ट की सलाह पर किया जाता था। लेकिन अब युवा पहले अपनी तस्वीर पर संभावित लुक देखने के बाद फैसला लेना पसंद कर रहे हैं। खासकर बाल ज्यादा कट जाने या नया हेयर स्टाइल पसंद न आने के बाद लुक बदलना आसान नहीं होता। ऐसे में AI पहले से संभावित परिणाम दिखाकर जोखिम कम करने में मदद कर रहा है।
एआई से बच रहा फैशन डिजाइनिंग का खर्च
सीनियर डिजाइनर विभूति जैन के अनुसार फैशन डिजाइनिंग में एआई समय और पैसे दोनों बचाने में मदद कर रहा है। किसी भी पोशाक का नमूना तैयार करने में हजारों रुपये खर्च हो सकते हैं। यदि डिजाइन तैयार होने के बाद पसंद नहीं आया तो वह खर्च व्यर्थ हो जाता है। एआई के जरिए किसी डिजाइन को तैयार करने से पहले अलग-अलग विकल्प और संभावित लुक देखे जा सकते हैं। इससे डिजाइन को अंतिम रूप देने से पहले बदलाव करना आसान हो जाता है और बार-बार नमूना तैयार करने की जरूरत भी कम हो सकती है। विभूति जैन के अनुसार हेयरस्टाइल के मामले में भी एआई काफी मददगार साबित हो रहा है। नया हेयरकट कराने से पहले संभावित लुक देख लेने से व्यक्ति अपने चेहरे और पसंद के हिसाब से बेहतर फैसला ले सकता है।
दोस्तों से नहीं, एआई से पूछ रहे फैशन सलाह
फैशन की दुनिया में यह बदलाव केवल तकनीक का इस्तेमाल भर नहीं है। युवा अब अपनी पसंद के साथ एआई की सलाह को जोड़कर फैसले ले रहे हैं। पहले जहां नया आउटफिट चुनने के लिए दोस्त, परिवार या स्टाइल एक्सपर्ट की राय ली जाती थी, वहीं अब मोबाइल स्क्रीन पर मौजूद डिजिटल टूल भी इस फैसले का हिस्सा बन गया है। हालांकि अंतिम फैसला अभी भी व्यक्ति की अपनी पसंद और सुविधा पर निर्भर करता है, लेकिन एआई विकल्पों की संख्या बढ़ा रहा है और चुनाव को ज्यादा व्यक्तिगत बनाने की कोशिश कर रहा है।


