- सर्वदलीय बैठक में शिक्षामित्र, अनुदेशक, रसोइया और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा पर चर्चा, सदस्यों ने सरकार का जताया आभार
भारत 19
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा के विस्तार को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच सहमति का संदेश सामने आया है। विधानसभा में हुई सर्वदलीय बैठक में शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, रसोइयों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों पर व्यापक मंथन हुआ। इस दौरान शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विभिन्न वर्गों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के सरकार के फैसले का सदस्यों ने स्वागत किया और आभार जताया।
विधानसभा कक्ष संख्या-77 में नेता सदन, विधान परिषद एवं उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की अध्यक्षता में बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, उच्च शिक्षा और वित्त विभाग से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर बैठक हुई। इसमें राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार गुलाब देवी, विधान परिषद में नेता विरोधी दल लाल बिहारी यादव समेत विभिन्न दलों के विधान परिषद सदस्य और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
शिक्षामित्र, अनुदेशक और रसोइयों को कैशलेस इलाज
बैठक में प्रदेश सरकार की ओर से शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विभिन्न वर्गों को दी जा रही चिकित्सा सुविधा पर विशेष चर्चा हुई। शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और रसोइयों के साथ एडेड एवं सेल्फ फाइनेंस संस्थानों, प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों, माध्यमिक विद्यालयों तथा महाविद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्णय का सदस्यों ने स्वागत किया। बैठक में बताया गया कि बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, समाज कल्याण, श्रम और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और रसोइयों को भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ दिया जा रहा है।
शिक्षा कर्मियों की समस्याओं पर भी हुआ मंथन
सर्वदलीय बैठक में बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा से जुड़े शिक्षकों एवं अन्य कार्मिकों की सुविधाओं और हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दे उठे। सदस्यों ने शिक्षा व्यवस्था से जुड़े अलग-अलग वर्गों की समस्याओं को सामने रखते हुए अपने सुझाव दिए। सदस्यों ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए केवल स्कूलों और महाविद्यालयों में बेहतर शैक्षिक वातावरण तैयार करना पर्याप्त नहीं है। शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों और अन्य शिक्षा कर्मियों के कल्याण एवं सामाजिक सुरक्षा पर भी ध्यान देना जरूरी है।
शिक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर सभी दलों की चर्चा
बैठक में शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए आपसी संवाद और सहयोग को महत्वपूर्ण बताया गया। सदस्यों ने शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विषयों पर हुए सर्वदलीय विचार-विमर्श को सकारात्मक और रचनात्मक बताया। बैठक में प्राप्त सुझावों के आधार पर संबंधित विभागों की ओर से आवश्यक कार्रवाई किए जाने को लेकर भी चर्चा हुई। सरकार की ओर से शिक्षा क्षेत्र में किए जा रहे विभिन्न कार्यों और कर्मचारी हितों से जुड़े कदमों को भी बैठक में रखा गया।
केशव मौर्य की अध्यक्षता में हुई बैठक
बैठक में विधान परिषद सदस्य राजबहादुर सिंह चन्देल, डॉ. आकाश अग्रवाल, ध्रुव कुमार त्रिपाठी, डॉ. बाबू लाल तिवारी, साकेत मिश्रा, डॉ. मान सिंह यादव और डॉ. आशुतोष सिन्हा समेत अन्य सदस्य शामिल हुए। बैठक में सभी पक्षों ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और शिक्षकों एवं शिक्षा से जुड़े कार्मिकों के हितों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। अधिकारियों के साथ विभिन्न विषयों पर सौहार्दपूर्ण माहौल में विस्तार से चर्चा की गई।


