- कानपुर में गंगा चेतावनी स्तर से 29 सेंटीमीटर नीचे; मानसून की कुल बारिश सामान्य से कम, लेकिन कई इलाकों में भारी बारिश
भारत 19
कानपुर। उत्तर प्रदेश में बाढ़ का असर बढ़ रहा है। 31 जिलों में बाढ़ जैसे हालात हैं और नदियों के जलस्तर पर लगातार निगरानी की जा रही है। कानपुर में गंगा फिलहाल चेतावनी स्तर से नीचे है, लेकिन ऊपरी बैराजों से पानी का प्रवाह बना हुआ है। इसी बीच मौसम विभाग ने अगले कई दिनों तक प्रदेश में बारिश जारी रहने का अनुमान जताया है। इससे बाढ़ प्रभावित इलाकों में मुश्किलें जल्द खत्म होने के आसार कम हैं।
कानपुर में गंगा चेतावनी निशान के करीब
कानपुर बाढ़ नियंत्रण कार्यालय के 3 सितंबर सुबह आठ बजे के आंकड़ों के अनुसार बैराज के अपस्ट्रीम में गंगा का जलस्तर 113.710 मीटर रहा। चेतावनी स्तर 114 मीटर और खतरे का निशान 115 मीटर है। यानी पानी चेतावनी स्तर से सिर्फ 29 सेंटीमीटर नीचे है। बैराज से 3,06,197 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया। शुक्लागंज में जलस्तर 112.330 मीटर रहा। वहीं हरिद्वार बैराज से 1,08,697 और नरौरा बैराज से 83,835 क्यूसेक पानी छोड़े जाने की सूचना है।
31 जिलों में बाढ़ का असर
प्रदेश में बाढ़ का असर कई जिलों तक पहुंच चुका है। चित्रकूट में मंदाकिनी के बढ़े जलस्तर से कई गांव प्रभावित हुए हैं। बड़ी संख्या में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है और राहत-बचाव के लिए नावों तथा मेडिकल टीमों की तैनाती की गई है। बाढ़ की स्थिति में गंगा, यमुना और उनकी सहायक नदियों के जलस्तर के साथ बैराजों से छोड़े जा रहे पानी पर भी नजर रखना महत्वपूर्ण है।
बारिश कम, लेकिन अगस्त में जमकर बरसे बादल
पूरे मानसून की तस्वीर देखें तो यूपी में 1 जून से अब तक 592.4 मिमी बारिश हुई है, जबकि सामान्य बारिश 607.5 मिमी होनी चाहिए थी। यानी कुल बारिश अभी करीब 2 फीसदी कम है। इसके बावजूद अगस्त में कई इलाकों में बारिश ने पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा। बुंदेलखंड और दक्षिणी यूपी के कई जिलों में अत्यधिक बारिश के कारण नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा। यही असमान बारिश इस बार बाढ़ की बड़ी वजह बनी है।
3 से 9 सितंबर तक ऐसा रहेगा मौसम
मौसम विभाग के 3 सितंबर के पूर्वानुमान के अनुसार पश्चिमी यूपी में 3 से 6 सितंबर तक व्यापक बारिश की संभावना है। 7 और 8 सितंबर को भी छिटपुट बारिश का दौर बना रहेगा, जबकि 9 सितंबर को अलग-अलग स्थानों पर बारिश हो सकती है। पूर्वी यूपी में 3 से 5 सितंबर तक छिटपुट बारिश, जबकि 6 से 8 सितंबर तक व्यापक बारिश का पूर्वानुमान है। 9 सितंबर को फिर छिटपुट बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के सात दिन के चार्ट में उत्तराखंड में भी 3 से 9 सितंबर तक बारिश का दौर बना रहने के संकेत हैं। पिछले 24 घंटे में भी यूपी के कई हिस्सों में बारिश हुई। मौसम विभाग ने ललितपुर में 173, हमीरपुर के राठ में 165, बांदा के अतर्रा में 95 और महोबा के कुलपहाड़ में 75.2 मिमी बारिश दर्ज की।
बाढ़ के बीच बारिश का असमान वितरण
प्रदेश में बारिश का कम-ज्यादा होना इस बार बड़ी चुनौती है। कुछ जिलों में लगातार पानी बरस रहा है, जबकि दूसरे इलाकों में बारिश सामान्य से कम है। इसलिए पूरे यूपी में बारिश कम होने के बावजूद स्थानीय स्तर पर बाढ़ और जलभराव गंभीर बने हुए हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 9 सितंबर के बाद भी उत्तर प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर बारिश जारी रहने की संभावना है। यानी बाढ़ प्रभावित जिलों के लिए अगले एक सप्ताह तक मौसम और नदियों के जलस्तर पर नजर रखना जरूरी रहेगा।


