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दिल्ली SIR में 47 लाख नाम बाहर, दो दिन में 5.34 लाख दावे

  • ड्राफ्ट सूची में एक-तिहाई मतदाता नहीं, अब नाम जोड़ने और रिकॉर्ड दुरुस्त कराने की दौड़; 30 सितंबर तक चलेगी दावे-आपत्तियों की प्रक्रिया

भारत 19
नई दिल्ली
। दिल्ली की मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR में अब असली तस्वीर दावे-आपत्तियों के जरिए सामने आने लगी है। 31 अगस्त को जारी ड्राफ्ट सूची से 47,56,722 मतदाताओं के नाम बाहर रहे और अगले दो दिनों में 5,34,826 आवेदन पहुंच गए। इनमें नाम जुड़वाने के साथ रिकॉर्ड और पता ठीक कराने वालों की संख्या भी बड़ी है।

1.45 करोड़ की सूची में 47 लाख नाम गायब

SIR शुरू होने से पहले दिल्ली में 1,45,10,299 मतदाता दर्ज थे। घर-घर सत्यापन के दौरान 97,53,577 मतदाताओं के फॉर्म मिले और डिजिटल किए गए। इसी आधार पर तैयार ड्राफ्ट रोल में 47,56,722 नाम शामिल नहीं हो सके। यह कुल मतदाता संख्या का 32.79 फीसदी है। इनमें सबसे बड़ी संख्या अनुपस्थित या दूसरे स्थान पर जा चुके मतदाताओं की है। करीब 43.33 लाख नाम इसी श्रेणी में हैं। इसके अलावा 2.82 लाख मृत मतदाता और 1.41 लाख दोहरी प्रविष्टियों वाले नाम भी ड्राफ्ट से बाहर हैं। लेकिन इसे अंतिम कटौती मानना अभी सही नहीं होगा। संबंधित मतदाताओं के पास अपना दावा पेश करने का मौका है।

नाम जुड़वाने से ज्यादा रिकॉर्ड सुधार की मांग

एक सितंबर तक मिले आंकड़ों में 2,18,139 Form-6 दाखिल हुए हैं। इनका इस्तेमाल मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए किया जाता है। इसके मुकाबले 2,63,801 Form-8 आवेदन आए हैं, जिनमें पते और अन्य विवरण में बदलाव की मांग की गई है। यानी शुरुआती दो दिनों में नाम जोड़ने के मुकाबले 45,662 ज्यादा आवेदन रिकॉर्ड दुरुस्त कराने से जुड़े रहे। Form-8 में पूर्वी दिल्ली 33,083 आवेदन के साथ सबसे आगे है।

दक्षिण-पूर्वी दिल्ली में नाम हटाने की सबसे ज्यादा मांग

SIR के दौरान केवल नाम जोड़ने के दावे नहीं आए। 51,522 Form-7 भी दाखिल हुए हैं, जिनके जरिए मतदाता सूची में दर्ज नामों पर आपत्ति जताई गई है। इनमें दक्षिण-पूर्वी दिल्ली 14,663 मामलों के साथ सबसे आगे है। इसके बाद उत्तर दिल्ली में 11,626 और पश्चिमी दिल्ली में 8,930 आपत्तियां आईं। नाम जोड़ने के मामलों में पश्चिमी दिल्ली 29,510 आवेदन के साथ सबसे आगे रही। इसके बाद दक्षिण-पूर्वी दिल्ली और उत्तर-पूर्वी दिल्ली का स्थान है।

अब जांच के बाद तय होगा किसका नाम रहेगा

ड्राफ्ट सूची से बाहर हुए नामों पर 30 सितंबर तक दावे और आपत्तियां दाखिल की जा सकती हैं। इसके बाद निर्वाचन अधिकारियों की ओर से दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच होगी। अंतिम मतदाता सूची 4 नवंबर 2026 को जारी होने का कार्यक्रम है। इसलिए अभी 47.56 लाख नामों को स्थायी रूप से मतदाता सूची से बाहर मानना जल्दबाजी होगी। अगले एक महीने में दाखिल होने वाले दावे ही तय करेंगे कि ड्राफ्ट से बाहर हुए कितने नाम दोबारा सूची में लौटते हैं।

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