- रूसी हमलों में यूक्रेन में छह की मौत, नॉर्दर्न ब्रिज क्षतिग्रस्त, जेलेंस्की ने रूसी तेल रिफाइनरियों पर हमले बढ़ाने का ऐलान किया
भारत 19 डेस्क/ रूस के बड़े हवाई हमलों के बीच यूक्रेन ने जवाबी कार्रवाई तेज करने का संकेत दिया है। राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा है कि रूस के नए हमलों के जवाब में यूक्रेन रूसी तेल रिफाइनरियों को निशाना बनाना बढ़ाएगा। इस बीच रूसी हमलों में यूक्रेन में कम से कम छह लोगों की मौत हुई है। राजधानी कीव में ड्निप्रो नदी पर बने नॉर्दर्न ब्रिज को भी नुकसान पहुंचा है और यातायात प्रभावित हुआ है।
कीव के नॉर्दर्न ब्रिज को भी नुकसान
रूसी हमलों के दौरान कीव के नॉर्दर्न ब्रिज को नुकसान पहुंचा। हमले में पुल की सड़क सतह और ट्रॉलीबस की ओवरहेड केबल क्षतिग्रस्त हुईं, जिसके बाद ब्रिज पर यातायात रोकना पड़ा। इससे राजधानी के दोनों हिस्सों के बीच आवाजाही प्रभावित हुई और आसपास की सड़कों पर दबाव बढ़ गया। नॉर्दर्न ब्रिज ड्निप्रो नदी पर बने कीव के प्रमुख सड़क पुलों में शामिल है। ताजा हमलों के बीच शहर के कई अहम मार्गों पर यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई है। ताजा हमलों में यूक्रेन के अलग-अलग हिस्सों में छह लोगों की मौत हुई है। नॉर्दर्न ब्रिज पर हमले में दो लोग घायल हुए। मॉस्को का दावा है कि पुल का इस्तेमाल यूक्रेनी सेना की आवाजाही और सैन्य सामग्री की आपूर्ति के लिए किया जाता है।
रूस ने कीव पर हमले जारी रखने की बात कही
रूस ने यूक्रेन पर हमले जारी रखने का संकेत दिया है। रूसी अधिकारियों का कहना है कि उसकी सैन्य कार्रवाई यूक्रेन की ओर से रूस में किए जा रहे हमलों के जवाब में है। रूस ने विदेशी नागरिकों और राजनयिक मिशनों के कर्मचारियों को भी यूक्रेन में रहने या वहां यात्रा करने को लेकर चेतावनी दी है। मॉस्को अपने हमलों को यूक्रेन के सैन्य और रणनीतिक ठिकानों के खिलाफ लक्षित कार्रवाई बताता रहा है।
जेलेंस्की ने रूसी तेल रिफाइनरियों को बनाया लक्ष्य
रूसी हमलों के जवाब में जेलेंस्की ने कहा है कि यूक्रेन रूसी तेल रिफाइनरियों पर हमले बढ़ाएगा। उनके मुताबिक, रूस के ऊर्जा ढांचे पर दबाव डालना उसकी युद्ध क्षमता को प्रभावित करने की रणनीति का हिस्सा है। यूक्रेन पहले भी रूस की तेल रिफाइनरियों, भंडारण केंद्रों और ऊर्जा प्रतिष्ठानों को ड्रोन हमलों से निशाना बनाता रहा है। जेलेंस्की के ताजा बयान से संकेत मिलता है कि इन हमलों की गति और दायरा बढ़ सकता है।
रूस की ऊर्जा व्यवस्था पर बढ़ेगा दबाव
रूस की तेल रिफाइनरियां उसकी अर्थव्यवस्था और युद्ध संबंधी राजस्व का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इन प्रतिष्ठानों पर लगातार हमले होने से रूस की ईंधन आपूर्ति और घरेलू ऊर्जा व्यवस्था पर दबाव बढ़ सकता है। इसका असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर भी पड़ सकता है। रूस दुनिया के प्रमुख तेल उत्पादकों में शामिल है और उसके ऊर्जा ढांचे में किसी बड़े व्यवधान का असर आपूर्ति तथा कीमतों पर दिखाई दे सकता है।
जेलेंस्की ने रूस की नई रणनीति का किया दावा
जेलेंस्की ने दावा किया है कि यूक्रेनी खुफिया एजेंसियों को ऐसे दस्तावेज मिले हैं, जिनसे संकेत मिलता है कि रूस ने सर्दियों से पहले यूक्रेन के शहरों और बुनियादी ढांचे के खिलाफ हमलों का दायरा बढ़ाने की योजना बनाई है। उनका कहना है कि रूस की रणनीति का उद्देश्य यूक्रेनी शहरों पर दबाव बढ़ाना है। हालांकि रूस अपने हमलों को यूक्रेनी कार्रवाई के जवाब में सैन्य लक्ष्यों पर केंद्रित बताता है। ताजा घटनाक्रम के साथ रूस और यूक्रेन के बीच हमलों का दायरा अब सैन्य ठिकानों से आगे ऊर्जा और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे तक और अधिक केंद्रित होता दिखाई दे रहा है।


