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रियाद के पास हूतियों का हमला, सऊदी अरब भी पलटवार को तैयार

  • Aramco सुविधा के पास आग और धुएं का गुबार; हूतियों का मिसाइल-ड्रोन हमले का दावा, सऊदी अरब यमन में बड़े सैन्य अभियान की तैयारी में

भारत 19 डेस्क/  सऊदी अरब की राजधानी रियाद के पास Saudi Aramco की एक सुविधा के आसपास आग और धुएं के बाद यमन के हूती विद्रोहियों ने मिसाइल और ड्रोन हमले का दावा किया है। हूतियों के मुताबिक, उसने Aramco की सुविधा को निशाना बनाया। हालांकि, सऊदी अधिकारियों या Aramco की ओर से अभी इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है। घटना के बीच सऊदी अरब की ओर से हूतियों के खिलाफ बड़े सैन्य अभियान की तैयारी की रिपोर्टों ने क्षेत्र में तनाव और बढ़ा दिया है।

Aramco सुविधा के पास आग, हूतियों का हमला दावा

रियाद के पास Aramco की एक सुविधा के आसपास आग और काले धुएं का गुबार दिखाई दिया। दमकल और सुरक्षा वाहनों को मौके पर पहुंचते देखा गया। इसके बाद हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने दावा किया कि संगठन ने रियाद में एक तेल सुविधा को बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बनाया। हूतियों ने इसे यमन में सऊदी नेतृत्व वाले हमलों के जवाब में की गई कार्रवाई बताया है। हालांकि, आग लगने की वजह और Aramco सुविधा को हुए नुकसान की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

सना समेत यमन में हमलों के बाद बढ़ा तनाव

हूती मीडिया ने यमन की राजधानी सना और दूसरे इलाकों में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के हवाई हमलों का दावा किया है। इन हमलों के बाद हूतियों ने सऊदी क्षेत्र और ऊर्जा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की धमकी दोहराई है। इस घटनाक्रम से संघर्ष का एक अहम पहलू फिर सामने आया है। दोनों पक्ष एक-दूसरे के सैन्य ठिकानों के साथ ऊर्जा और रणनीतिक बुनियादी ढांचे को भी निशाना बना रहे हैं।

सऊदी अरब बड़े सैन्य अभियान की तैयारी में

Aramco के पास हुई घटना ऐसे समय सामने आई है जब सऊदी अरब हूतियों के खिलाफ बड़े सैन्य अभियान के विकल्प पर काम कर रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक, रियाद का लक्ष्य यमन में हूतियों की सैन्य क्षमता को कमजोर करने के साथ लाल सागर के रणनीतिक समुद्री मार्ग पर उनका प्रभाव कम करना है। सऊदी समर्थित यमनी सरकारी बलों को अभियान में प्रमुख भूमिका दिए जाने की संभावना है। उन्हें सऊदी हवाई समर्थन और अमेरिकी खुफिया सहयोग मिल सकता है। हालांकि, अभियान की अंतिम समय-सीमा और उसका स्वरूप अभी तय नहीं हुआ है।

बाब अल-मंदेब पर नजर, समुद्री रास्ता अहम

सऊदी रणनीति में बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य और लाल सागर के समुद्री मार्ग को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह रास्ता एशिया, यूरोप और मध्य पूर्व के बीच व्यापार तथा ऊर्जा आपूर्ति के लिए अहम है। हूतियों के नियंत्रण वाले यमन के पश्चिमी हिस्सों पर दबाव बढ़ने की स्थिति में सऊदी समर्थित बलों की कार्रवाई का असर लाल सागर में जहाजों की आवाजाही पर भी पड़ सकता है। इसी वजह से संभावित सैन्य अभियान का क्षेत्रीय प्रभाव केवल यमन तक सीमित नहीं रहने की आशंका है।

Aramco और तेल प्रतिष्ठानों पर बढ़ा सुरक्षा दबाव

Aramco की सुविधाएं सऊदी अर्थव्यवस्था और वैश्विक तेल आपूर्ति के लिहाज से रणनीतिक महत्व रखती हैं। ऐसे प्रतिष्ठानों के आसपास हमले या आग की घटनाएं सऊदी तेल ढांचे की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाती हैं। हूतियों ने इससे पहले भी सऊदी ऊर्जा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने के दावे किए हैं। सऊदी अरब ने कई मौकों पर हूती मिसाइलों और ड्रोन को हवा में नष्ट करने का दावा किया है।

सऊदी पलटवार बढ़ा तो क्षेत्रीय तनाव गहरा सकता है

रियाद के पास Aramco सुविधा में आग और हूतियों के हमले के दावे के बीच अब नजर सऊदी अरब के अगले कदम पर है। यदि रियाद बड़े सैन्य अभियान को आगे बढ़ाता है तो यमन में संघर्ष का दायरा बढ़ सकता है। इसका असर बाब अल-मंदेब और लाल सागर की सुरक्षा के साथ क्षेत्रीय तेल आपूर्ति पर भी पड़ सकता है। फिलहाल Aramco सुविधा पर हुए कथित हमले की स्वतंत्र पुष्टि और सऊदी सैन्य अभियान की अंतिम योजना स्पष्ट होने का इंतजार है।

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