- क्रामातोर्स्क में बसों के पास बम हमले और अन्य हमलों में जनहानि, जेलेंस्की ने अमेरिका पर मदद में आनाकानी का आरोप लगाते हुए स्टारलिंक और हवाई सुरक्षा सहायता बढ़ाने की मांग की, रूस के बेलगोरोद में यूक्रेनी ड्रोन हमलों में दो की मौत
भारत 19 डेस्क। रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में दो दिनों के भीतर रूसी हमलों में 78 लोगों की मौत और 215 लोगों के घायल होने की सूचना है। पूर्वी यूक्रेन के क्रामातोर्स्क शहर में बसों के पास हुए बम हमले ने जनहानि बढ़ा दी। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने अमेरिका पर पर्याप्त मदद नहीं देने का आरोप लगाते हुए हवाई सुरक्षा मजबूत करने और स्टारलिंक उपग्रह सेवा तक पहुंच बढ़ाने की मांग की है।
क्रामातोर्स्क में बसों के पास बम हमला, 35 की मौत
पूर्वी यूक्रेन के क्रामातोर्स्क शहर में गुरुवार को हुए रूसी बम हमले में कम से कम 35 लोगों की मौत हुई। स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, हमले के समय सड़क पर दो यात्री बसें चल रही थीं। शुरुआती रिपोर्टों में 30 लोगों की मौत और 18 के घायल होने की जानकारी दी गई थी। बाद में शहर में हुए एक अन्य ड्रोन हमले में दो लोगों की मौत के बाद कुल मृतक संख्या 35 बताई गई। दोनों बसों के पास हुए विस्फोट के बाद सड़क पर मलबा बिखर गया और एक बस बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। दोनेत्स्क क्षेत्र के गवर्नर वादिम फिलाश्किन ने रूसी सेना पर नागरिकों को जानबूझकर निशाना बनाने का आरोप लगाया। रूस आम तौर पर यूक्रेनी शहरों पर हमलों के दौरान नागरिकों को निशाना बनाने से इनकार करता रहा है। ये हमला यूक्रेन के मध्यवर्ती शहर प्रिलुकी में एक दिन पहले हुए घातक हमले के बाद हुआ। वहां आवासीय इमारत पर मिसाइल हमले में कम से कम 22 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें पांच बच्चे शामिल थे। लगातार हो रहे हमलों ने नागरिक इलाकों की सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं पर दबाव बढ़ा दिया है।
जेलेंस्की की अमेरिका से नाराजगी, मदद बढ़ाने की मांग
यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने रूस के लगातार हमलों के बीच अमेरिका की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि वाशिंगटन एक ओर रूस के साथ संभावित आर्थिक सहयोग पर बातचीत कर रहा है, वहीं दूसरी ओर यूक्रेन की रक्षा जरूरतों के लिए पर्याप्त सहायता देने में इच्छाशक्ति नहीं दिखा रहा। जेलेंस्की ने अमेरिका से यूक्रेन की हवाई सुरक्षा मजबूत करने और रूसी बैलिस्टिक मिसाइलों से निपटने की क्षमता बढ़ाने में मदद मांगी है। उन्होंने स्टारलिंक उपग्रह सेवा तक यूक्रेन की पहुंच बढ़ाने की अपील भी की, ताकि रूसी मिसाइल लॉन्चरों की निगरानी और उनके खिलाफ कार्रवाई में मदद मिल सके।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने युद्ध को गतिरोध की स्थिति में बताया था और कहा था कि वाशिंगटन समाधान के लिए प्रयास जारी रखेगा। जेलेंस्की ने इस आकलन पर सवाल उठाते हुए कहा कि रूस के साथ आर्थिक परियोजनाओं पर बातचीत और यूक्रेन की मदद में कमी एक-दूसरे से मेल नहीं खातीं। यूक्रेन के वार्ताकारों के अमेरिका जाने की भी घोषणा की गई है। इन बातचीत में रक्षा सहायता, हवाई सुरक्षा और रूस पर प्रतिबंधों का दबाव बढ़ाने जैसे मुद्दे उठाए जाने की संभावना है।
कीव में भी हमले, बिजली और पानी की आपूर्ति प्रभावित
रूसी हमलों का असर राजधानी कीव तक है। शहर के मेयर विताली क्लित्स्को के मुताबिक, गुरुवार सुबह हुए हमलों में चार लोगों की मौत हुई और 19 घायल हुए। हमलों के बाद कुछ इलाकों में पानी और बिजली की आपूर्ति बाधित हुई। अधिकारियों ने सेवाओं को बहाल करने में समय लगने की आशंका जताई। यूक्रेन की चिंता इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि सर्दियों से पहले बिजली ग्रिड और अन्य बुनियादी ढांचे पर हमलों का दबाव बना हुआ है। लगातार मिसाइल और ड्रोन हमलों के बीच नागरिकों को सुरक्षित रखना और जरूरी सेवाएं चालू रखना सरकार के लिए बड़ी चुनौती है।
रूस के बेलगोरोद में यूक्रेनी ड्रोन हमलों में दो की मौत
रूस के सीमावर्ती बेलगोरोद क्षेत्र में यूक्रेनी ड्रोन हमलों में दो लोगों की मौत की खबर रूसी अधिकारियों ने दी है। हालांकि, इन घटनाओं के विवरण की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। इसलिए इस जानकारी को रूसी अधिकारियों के हवाले से ही देखा जाना चाहिए। बेलगोरोद क्षेत्र पहले भी सीमा पार हमलों का सामना करता रहा है। रूस और यूक्रेन दोनों ओर से ड्रोन हमलों के जारी रहने से सीमावर्ती इलाकों में नागरिक सुरक्षा की चुनौती बनी हुई है।
युद्ध में नागरिक सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती
रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध का व्यापक समाधान अब तक सामने नहीं आया है। एक ओर रूसी हमले यूक्रेन के शहरों और बुनियादी ढांचे को निशाना बना रहे हैं, वहीं यूक्रेन भी रूस के भीतर ड्रोन हमले कर रहा है। लगातार बढ़ती जनहानि ने नागरिक सुरक्षा और मानवीय नुकसान कम करने की जरूरत को फिर सामने ला दिया है। क्रामातोर्स्क और प्रिलुकी में हुई मौतों के बीच जेलेंस्की की अमेरिका से अपील बताती है कि यूक्रेन के लिए सैन्य सहायता और कूटनीतिक समाधान दोनों अहम हैं।


