- ड्निप्रो नदी के तीन प्रमुख पुलों पर आवाजाही प्रभावित; साउदर्न ब्रिज पूरी तरह बंद, पाटोन और मेट्रो ब्रिज पर प्रतिबंध से पूर्वी-पश्चिमी कीव के बीच यातायात व्यवस्था चरमराई, वैकल्पिक मार्गों पर लंबी कतारें और सार्वजनिक परिवहन प्रभावित
भारत 19 डेस्क/ रूस के लगातार ड्रोन हमलों ने यूक्रेन की राजधानी कीव की यातायात व्यवस्था को गंभीर रूप से प्रभावित कर दिया है। ड्निप्रो नदी पर बने तीन प्रमुख पुलों पर आवाजाही रोकने या सीमित होने से शहर के दोनों हिस्सों में संपर्क बुरी तरह प्रभावित हुआ और शुक्रवार को राजधानी में कई किमी लंबा ट्रैफिक जाम देखने को मिला। सबसे ज्यादा असर साउदर्न ब्रिज पर पड़ा, जिसे दोनों दिशाओं में यातायात के लिए बंद कर दिया गया। वहीं पाटोन ब्रिज पर एक दिशा में आवाजाही रोकी गई और मेट्रो ब्रिज पर भी यातायात सीमित किया गया। ड्निप्रो के एक किनारे से दूसरे किनारे जाने वाले रास्तों पर वाहनों का दबाव अचानक बढ़ गया।
साउदर्न ब्रिज पर लगातार ड्रोन हमले
साउदर्न ब्रिज रूस के हमलों का प्रमुख निशाना बना है। 1 और 2 अक्टूबर को इस पुल पर कई बार ड्रोन हमले किए गए। यूक्रेनी अधिकारियों के मुताबिक, हमलों में पुल के एक पिलर, सड़क की सतह, रेलिंग और मेट्रो लाइन से जुड़ी सुरक्षात्मक कंक्रीट संरचना को नुकसान पहुंचा। इसके बाद पुल को वाहनों और मेट्रो दोनों के लिए बंद कर दिया गया। 2 अक्टूबर की शाम बंद पड़े पुल पर एक और ड्रोन हमला होने की सूचना दी गई। कीव के मेयर विताली क्लित्शको के अनुसार, आपात सेवाओं को मौके पर भेजा गया। पुल को दोबारा खोलने से पहले उसकी संरचनात्मक सुरक्षा का विशेषज्ञ आकलन जरूरी बताया गया है।
पाटोन और मेट्रो ब्रिज पर भी प्रतिबंध
साउदर्न ब्रिज बंद होने के बाद यातायात का दबाव दूसरे पुलों पर बढ़ गया। कीव प्रशासन ने पाटोन ब्रिज पर एक दिशा में और मेट्रो ब्रिज पर भी आंशिक प्रतिबंध लगाया। कुछ सार्वजनिक परिवहन सेवाओं के रूट बदले गए, ताकि ड्निप्रो के दोनों किनारों के बीच न्यूनतम संपर्क बनाए रखा जा सके। इस व्यवस्था का सीधा असर सुबह और शाम के व्यस्त समय में दिखाई दिया। मुख्य सड़कों पर कारों और बसों की लंबी कतारें लगीं। कुछ यात्रियों ने जाम से बचने के लिए पैदल रास्ता अपनाया। एएफपी के अनुसार, कई यात्रियों को वैकल्पिक मार्गों पर घंटों फंसे रहना पड़ा।
ड्निप्रो के दोनों किनारों पर निर्भर है कीव
कीव के लिए पुलों की अहमियत केवल यातायात तक सीमित नहीं है। ड्निप्रो नदी राजधानी को पूर्वी यानी लेफ्ट बैंक और पश्चिमी यानी राइट बैंक हिस्सों में बांटती है। रॉयटर्स के मुताबिक, युद्ध से पहले शहर की करीब एक-तिहाई आबादी लेफ्ट बैंक पर रहती थी, जबकि बड़ी संख्या में लोग काम के लिए राइट बैंक जाते थे। एक आर्थिक विश्लेषक ने रोजाना करीब पांच लाख लोगों के दोनों किनारों के बीच आने-जाने का अनुमान लगाया है। यही वजह है कि किसी प्रमुख पुल का संचालन प्रभावित होने पर उसका असर केवल आसपास के इलाके तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरे महानगर की परिवहन व्यवस्था पर पड़ता है।
रूस के हवाई अभियान का बढ़ता असर
पुलों पर हमले ऐसे समय हुए हैं जब कीव पर रूसी ड्रोन हमलों की आवृत्ति बढ़ी है। रॉयटर्स के अनुसार, हालिया हमलों ने शहर के बुनियादी ढांचे और रोजमर्रा की गतिविधियों को प्रभावित किया है। 2 अक्टूबर के एक हमले में एक आवासीय इमारत में आग लगने से एक व्यक्ति की मौत और दो लोगों के घायल होने की सूचना भी अधिकारियों ने दी। एक वरिष्ठ यूक्रेनी अधिकारी ने पुलों और अन्य संवेदनशील बुनियादी ढांचे पर बढ़े हमलों को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की ओर से पिछले महीने हवाई अभियान पर लगी कुछ सीमाएं हटाने के आदेश से जोड़ा है। हालांकि, यह यूक्रेनी अधिकारी का आकलन है और रूस ने इस उद्देश्य की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है।
रूस ने सैन्य इस्तेमाल वाले पुल को बताया निशाना
रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि उसके ड्रोन ने ड्निप्रो नदी के एक ऐसे पुल को निशाना बनाया, जिसका इस्तेमाल यूक्रेनी सैन्य उद्देश्यों के लिए किया जा रहा था। रूसी पक्ष ने कीव क्षेत्र में अन्य सैन्य और ऊर्जा ठिकानों पर हमलों का भी दावा किया है। दूसरी ओर, यूक्रेन के लिए फिलहाल तत्काल चुनौती पुलों की मरम्मत से ज्यादा राजधानी में परिवहन संपर्क बनाए रखने की है। साउदर्न ब्रिज के बंद रहने और दूसरे क्रॉसिंग पर प्रतिबंधों ने वैकल्पिक मार्गों पर दबाव बढ़ा दिया है।
नई सैन्य रणनीति या बुनियादी ढांचे पर दबाव
पुलों को निशाना बनाए जाने को लेकर इसे रूस की नई कार्रवाई या रणनीति के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि इसका असर सीधे राजधानी की नागरिक आवाजाही पर पड़ा है। एपी ने भी तीन पुलों के आंशिक या पूर्ण बंद होने को रूस की ओर से कीव में सामान्य जनजीवन को बाधित करने वाली नई कार्रवाई के संकेत के तौर पर रिपोर्ट किया है। हालांकि, रूस के अंतिम रणनीतिक उद्देश्य के बारे में उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर अभी निर्णायक निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगा। फिलहाल इतना स्पष्ट है कि लगातार ड्रोन हमलों ने कीव की ड्निप्रो-पार परिवहन व्यवस्था को गंभीर दबाव में ला दिया है। पुलों की संरचनात्मक जांच और सुरक्षा स्थिति के आधार पर यातायात प्रतिबंधों में आगे बदलाव होने की संभावना है।


