- कुवैत-ध्वज वाले कच्चे तेल के टैंकर एमटी काजिमाह III को होर्मुज जलडमरूमध्य में प्रोजेक्टाइल लगा; ओमान में भारतीय दूतावास ने पांच भारतीय नाविकों के रेस्क्यू का समन्वय किया, सभी को सुरक्षित किनारे पहुंचाया गया; क्षेत्र में बढ़ते समुद्री सुरक्षा जोखिमों के बीच खाड़ी में 4,500 से अधिक भारतीय नाविकों की मौजूदगी
भारत 19 डेस्क/ पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे एक कुवैत-ध्वज वाले कच्चे तेल के टैंकर पर प्रोजेक्टाइल लगने के बाद उसमें सवार पांच भारतीय नाविकों को सुरक्षित निकाल लिया गया। ओमान स्थित भारतीय दूतावास ने ओमानी अधिकारियों के साथ समन्वय कर सभी पांच भारतीय नागरिकों को सुरक्षित किनारे पहुंचाया। दूतावास ने बचाव अभियान में सहयोग के लिए ओमान के अधिकारियों का आभार जताया है।
एमटी काजिमाह III को प्रोजेक्टाइल लगने के बाद रेस्क्यू
भारतीय दूतावास के अनुसार, घटना कुवैत के झंडे वाले टैंकर एमटी काजिमाह III के होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने के दौरान हुई। जहाज पर मौजूद पांच भारतीय नागरिकों को घटना के बाद सुरक्षित बाहर निकालकर किनारे पहुंचाया गया। टैंकर कच्चा तेल ले जा रहा था और उपलब्ध शिपिंग जानकारी के मुताबिक उसका गंतव्य टोगो का लोमे बंदरगाह था। प्रोजेक्टाइल के हमले से जहाज में आग लग गई। हालांकि, घटना के हालात और हमले के लिए जिम्मेदार पक्ष की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। ब्रिटेन के नेतृत्व वाले यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (यूकेएमटीओ) ने भी क्षेत्र में टैंकर पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल लगने की घटनाओं की सूचना दी है।
भारतीय दूतावास ने ओमानी अधिकारियों के साथ चलाया अभियान
ओमान में भारतीय मिशन ने सोशल मीडिया पर बताया कि उसने टैंकर पर मौजूद सभी पांच भारतीयों सुरक्षित किनारे ले आया गया है। बारतीय दूतावास ने ओमानी अधिकारियों को इसके लिए धन्यवाद दिया। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब फारस की खाड़ी और उसके आसपास के समुद्री मार्गों पर वाणिज्यिक जहाजों के लिए सुरक्षा जोखिम बढ़े हुए हैं। हाल के दिनों में होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले कई टैंकरों को प्रोजेक्टाइल हमलों का सामना करने की रिपोर्टें सामने आई हैं।
खाड़ी में 4,500 से ज्यादा भारतीय नाविक
फारस की खाड़ी के समुद्री क्षेत्र में इस वक्त बड़ी संख्या में भारतीय नाविक काम कर रहे हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने हाल में बताया था कि क्षेत्र में विभिन्न वाणिज्यिक जहाजों पर 4,500 से अधिक भारतीय नाविक मौजूद हैं। इनमें 12 सक्रिय मालवाहक जहाजों पर करीब 163 भारतीय नाविक शामिल हैं। इनमें छह भारत-ध्वज वाले वाणिज्यिक जहाज और छह विदेशी-ध्वज वाले जहाज हैं, जो भारत के लिए माल ले जा रहे हैं। भारतीय जहाजरानी मंत्रालय अपने राजनयिक मिशनों और स्थानीय एजेंसियों के साथ इन जहाजों की आवाजाही और भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर नजर रख रहा है।
होर्मुज पर खतरा बढ़ना क्यों अहम
होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और आगे अरब सागर से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। यहां वाणिज्यिक जहाजों पर हमले की घटनाएं बढ़ने का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति की सुरक्षा पर पड़ सकता है। इसी व्यापक सुरक्षा चिंता को विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने हाल में संयुक्त राष्ट्र महासभा के अपने संबोधन में भी उठाया था। उन्होंने खाड़ी से लेकर लाल सागर और काला सागर तक वाणिज्यिक जहाजों और नाविकों पर हमलों को लेकर चिंता जताई थी।
जिम्मेदार कौन, इस पर अभी स्थिति साफ नहीं
इस घटना में सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि टैंकर को प्रोजेक्टाइल लगने की पुष्टि और पांच भारतीयों के सुरक्षित बचाव की जानकारी उपलब्ध है, लेकिन हमले के जिम्मेदार पक्ष की पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसलिए इसे किसी खास देश या संगठन का हमला बताना फिलहाल जल्दबाजी होगी। समुद्री सुरक्षा एजेंसियां घटना की जांच कर रही हैं। इस घटना ने एक बार फिर होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों और उन पर काम कर रहे भारतीय नाविकों की सुरक्षा को क्षेत्रीय तनाव का अहम मानवीय पहलू बना दिया है।


