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अविमुक्तेश्वरानंद विवाद में नया मोड़: आशुतोष ब्रह्मचारी बोले- दबाव में दर्ज कराई थी अविमुक्तेश्वरानंद पर FIR

जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य और शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े विवाद में नया मोड़ आ गया है। आशुतोष ब्रह्मचारी ने दावा किया है कि उन्होंने दबाव में आकर मुकदमा दर्ज कराया था और अब पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। वहीं रामभद्राचार्य महाराज ने आरोपों को उनकी छवि धूमिल करने की साजिश बताया है। धार्मिक जगत से जुड़े एक चर्चित विवाद में आशुतोष ब्रह्मचारी के नए बयानों ने बहस को और तेज कर दिया है। आशुतोष ब्रह्मचारी ने दावा किया है कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ दर्ज कराई गई शिकायत उन्होंने कथित दबाव में आकर की थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि इस पूरे घटनाक्रम में कुछ व्यक्तियों की भूमिका रही है और यदि भविष्य में उन्हें कोई नुकसान पहुंचता है तो इसके लिए संबंधित लोगों को जिम्मेदार माना जाना चाहिए। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

लखनऊ पुलिस को भेजा पत्र

LUCKNOW/ Source: Media Reports/ आशुतोष ब्रह्मचारी ने लखनऊ पुलिस सहित उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों को विस्तृत शिकायत भेजी है। शिकायत में उन्होंने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा है कि उनके पास कुछ ऑडियो रिकॉर्डिंग और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य मौजूद हैं, जिन्हें वह किसी सक्षम जांच एजेंसी के समक्ष प्रस्तुत करने के लिए तैयार हैं।

रामभद्राचार्य महाराज को लेकर भी जताई आशंका

आशुतोष ब्रह्मचारी द्वारा जारी एक वीडियो में यह दावा किया गया कि भविष्य में जगद्गुरु रामभद्राचार्य महाराज की सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरा हो सकता है। उन्होंने कहा कि यदि उनके गुरु को कोई नुकसान पहुंचता है तो कुछ विशेष व्यक्तियों की भूमिका की जांच होनी चाहिए।हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि किसी जांच एजेंसी द्वारा नहीं की गई है और मामला अभी आरोप-प्रत्यारोप के स्तर पर है।

रामभद्राचार्य महाराज ने क्या कहा?

आशुतोष ब्रह्मचारी के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए जगद्गुरु रामभद्राचार्य महाराज ने इन दावों को निराधार बताते हुए कहा कि यह उनकी तथा उनके उत्तराधिकारी की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो और आरोपों से उन्हें मानसिक पीड़ा पहुंची है। रामभद्राचार्य महाराज का कहना है कि वह लंबे समय से धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों से जुड़े हुए हैं तथा देश-विदेश में उनके कार्यक्रम होते रहते हैं। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कराने की मांग की है ताकि सच्चाई सामने आ सके।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े मुकदमे पर नया दावा

विवाद का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि आशुतोष ब्रह्मचारी ने दावा किया है कि पहले उन पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने का दबाव बनाया गया और बाद में उसे वापस लेने के लिए भी दबाव डाला गया। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है और संबंधित पक्षों की ओर से भी इस पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।

जांच की मांग और प्रशासन की भूमिका

आशुतोष ब्रह्मचारी ने वायरल वीडियो, उससे जुड़े व्यक्तियों और पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं रामभद्राचार्य महाराज ने भी प्रशासन से मामले की सत्यता सामने लाने की अपील की है। धार्मिक जगत से जुड़े इस विवाद को देखते हुए अब सभी की नजर प्रशासनिक और जांच एजेंसियों की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, आशुतोष ब्रह्मचारी और जगद्गुरु रामभद्राचार्य से जुड़ा यह विवाद लगातार नया मोड़ ले रहा है। फिलहाल विभिन्न पक्षों द्वारा लगाए गए आरोप और दावे जांच के दायरे में हैं। मामले की वास्तविक स्थिति किसी आधिकारिक जांच या सक्षम प्राधिकरण की रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

“उल्लेखित आरोप संबंधित पक्षों के दावे हैं। मामले की जांच और आधिकारिक पुष्टि संबंधित एजेंसियों द्वारा की जानी बाकी है।”

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