कानपुर में हत्या के प्रयास समेत कई गंभीर मामलों में वांछित हिस्ट्रीशीटर अजय ठाकुर की सोशल मीडिया गतिविधियों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस जहां उसकी तलाश में टीमें लगाने का दावा कर रही है, वहीं आरोपी लगातार इंस्टाग्राम पर रील पोस्ट कर अपनी मौजूदगी का संकेत देता दिखाई दे रहा है।
KANPUR/ कानपुर के बर्रा थाना क्षेत्र का हिस्ट्रीशीटर अजय ठाकुर एक बार फिर चर्चा में है। हत्या के प्रयास, रंगदारी, लूट और अन्य गंभीर मामलों में वांछित अजय ठाकुर की गिरफ्तारी अभी तक नहीं हो सकी है। इस बीच उसके सोशल मीडिया अकाउंट से लगातार रील और वीडियो पोस्ट होने से पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। जानकारी के अनुसार, महंत पर हमले के मामले में दर्ज एफआईआर के बाद से अब तक 43 दिनों में अजय ठाकुर के इंस्टाग्राम अकाउंट से लगभग 25 रील पोस्ट की जा चुकी हैं। इनमें कई वीडियो ऐसे हैं जिनमें वह अपने समर्थकों और लग्जरी वाहनों के काफिले के साथ दिखाई दे रहा है।
क्या है पूरा मामला?
29 अप्रैल को कानपुर के केशवपुरम स्थित त्रिलोकी धाम आश्रम के महंत रविकांत शुक्ला उर्फ भोला गिरी पर हमले का मामला सामने आया था। महंत की शिकायत पर बर्रा थाना पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर अजय ठाकुर, उसकी मां और उसकी कथित गर्लफ्रेंड के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। मुकदमा दर्ज होने के बाद से आरोपी फरार बताया जा रहा है। हालांकि पुलिस की गिरफ्त से दूर रहने के बावजूद उसके सोशल मीडिया अकाउंट पर लगातार गतिविधियां दिखाई दे रही हैं।
रीलों में दिखी दबंगई और शक्ति प्रदर्शन
रीलों में दिखी दबंगई और शक्ति प्रदर्शन सोशल मीडिया पर लग्जरी गाड़ियों और समर्थकों के साथ दिखा आरोपी, महंत पर हमले के मामले में दर्ज है मुकदमा #LawAndOrder #Bharat19News #UPNews #LatestNews @kanpurnagarpol pic.twitter.com/CQuvSMgvTM
— Bharat19 News (@bharat19com) June 10, 2026
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही रीलों में अजय ठाकुर कई लग्जरी वाहनों के काफिले के साथ नजर आता है। एक वीडियो में वह भाजपा स्टिकर लगी गाड़ियों के काफिले के बीच दिखाई देता है, जबकि दूसरे वीडियो में कथित तौर पर एक मॉल के बाहर कार के बोनट पर खड़े होकर सिगरेट के छल्ले उड़ाता नजर आता है। कुछ वीडियो में हाईवे पर वाहनों का काफिला रोककर शक्ति प्रदर्शन करते हुए भी देखा जा सकता है। इन वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन सोशल मीडिया पर इन्हें लेकर चर्चाएं तेज हैं।
32 से अधिक मुकदमे दर्ज होने का दावा
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार अजय ठाकुर पर हत्या के प्रयास, रंगदारी, लूट, बलवा और अन्य गंभीर धाराओं समेत कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। बताया जाता है कि विभिन्न थानों में उसके खिलाफ 32 से अधिक मामले दर्ज हैं और वह बर्रा थाना क्षेत्र का हिस्ट्रीशीटर है।
पुलिस क्या कह रही है?
मामले में एसीपी कल्याणपुर आशुतोष कुमार ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की तीन टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पोस्ट की जानकारी प्राप्त हुई है और इसकी भी जांच कराई जाएगी। पुलिस का कहना है कि आरोपी की तलाश जारी है और उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है।
सोशल मीडिया और कानून व्यवस्था पर उठे सवाल
फरार आरोपी के लगातार सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने से आम जनता के बीच कानून व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच किसी आरोपी की लोकेशन और नेटवर्क तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। हालांकि केवल सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर किसी व्यक्ति की वास्तविक लोकेशन का निर्धारण करना संभव नहीं होता। इसलिए पुलिस तकनीकी जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।
कानपुर के हिस्ट्रीशीटर अजय ठाकुर का मामला इस समय शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है। एक ओर पुलिस उसकी तलाश में लगातार प्रयास करने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया पर उसकी सक्रियता कई सवाल खड़े कर रही है। मामले की जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।



