Hot Topics

लखनऊ में गोमती का रौद्र रूप, कई इलाकों में बाढ़

  • गोमती का जलस्तर 108.14 मीटर के खतरे के निशान तक पहुंचा, फैजुल्लागंज में 500 से अधिक घर प्रभावित; दाऊदनगर और आसपास की बस्तियों में कई परिवार घर छोड़ने को मजबूर, प्रशासन ने 30 नावें और चार राहत शिविर लगाए

भारत 19/ लखनऊ। लखनऊ में गोमती नदी का बढ़ता जलस्तर अब शहर के कई निचले इलाकों में जनजीवन के लिए गंभीर चुनौती बन गया है। फैजुल्लागंज के साथ दाऊदनगर, मिल्लतनगर और आसपास की बस्तियों में पानी घरों तक पहुंच गया है। कई परिवार सुरक्षित स्थानों की ओर जा रहे हैं, जबकि प्रशासन ने राहत और निकासी अभियान तेज कर दिया है।

खतरे के निशान तक पहुंचा जलस्तर

गोमती का जलस्तर बढ़कर 108.14 मीटर तक पहुंच गया है। यह खतरे का निशान बताया जा रहा है। नदी के बढ़ते दबाव का असर अब उन इलाकों में भी दिखाई दे रहा है, जहां पहले जलभराव सीमित रहता था। सिंचाई विभाग के अधिकारियों के मुताबिक जलस्तर के शीर्ष पर पहुंचने के संकेत हैं और आगे इसमें गिरावट की उम्मीद है, लेकिन फिलहाल निचले इलाकों में खतरा बना हुआ है

फैजुल्लागंज में 500 से ज्यादा घर प्रभावित

बाढ़ का सबसे गंभीर असर फैजुल्लागंज क्षेत्र में सामने आया है। रिपोर्टों के अनुसार यहां 500 से अधिक घरों में पानी पहुंचा है। मिल्लतनगर, मामा कॉलोनी और दाऊदनगर समेत कई बस्तियों में गलियां जलमग्न हैं। कुछ परिवार घर छोड़कर रिश्तेदारों या किराये के मकानों में जा रहे हैं, जबकि कुछ लोग अब भी सामान बचाने के लिए घरों में रुके हुए हैं।

पानी के बीच जिंदगी बचाने की जद्दोजहद

कई परिवारों के लिए सबसे बड़ी समस्या अब आवागमन और जरूरी सामान की उपलब्धता है। प्रभावित लोगों ने पीने के साफ पानी, भोजन, दवाओं और बिजली की दिक्कत बताई है। कुछ बस्तियों में कई दिनों से पानी जमा होने के कारण घरों से बाहर निकलना मुश्किल है। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को सुरक्षित निकालना प्रशासन की प्राथमिकता बनी हुई है।

नावों से हो रही लोगों की निकासी

जलभराव वाले इलाकों में सड़क से आवाजाही मुश्किल होने के बाद नावों को राहत और निकासी के लिए लगाया गया है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों के लिए 30 नावों और चार राहत शिविरों की व्यवस्था की है। गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।

दाऊदनगर में बनाया गया अतिरिक्त कंट्रोल रूम

प्रशासन ने दाऊदनगर में अतिरिक्त कंट्रोल रूम बनाने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी विशाख जी, संयुक्त पुलिस आयुक्त बब्लू कुमार और नगर आयुक्त गौरव कुमार ने प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया है। अधिकारियों को मौके पर मौजूद रहकर राहत, बचाव और जलनिकासी की व्यवस्था पर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

शहर के दूसरे हिस्सों तक पहुंचा पानी

गोमती की बाढ़ का असर फैजुल्लागंज तक सीमित नहीं रहा। नदी किनारे के दूसरे निचले इलाकों और शहर के प्रमुख स्थानों तक पानी पहुंचने की रिपोर्ट है। हनुमंत धाम और रिवरफ्रंट प्रभावित हुए हैं, जबकि रिवरफ्रंट की फूड वैली को बंद करना पड़ा है। बीकेटी क्षेत्र में भी नदी के बढ़े पानी का असर दिखाई दे रहा है।

बाढ़ ने खोली शहर की जलनिकासी व्यवस्था

गोमती का मौजूदा उफान केवल नदी के जलस्तर की कहानी नहीं है। फैजुल्लागंज जैसे इलाकों में बार-बार होने वाला जलभराव शहरी जलनिकासी और बाढ़ प्रबंधन की चुनौती को भी सामने ला रहा है। आईआईएम रोड के पास बाढ़ से बचाव के लिए तटबंध निर्माण की कवायद भी इसी समस्या के दीर्घकालिक समाधान की जरूरत को रेखांकित करती है।

प्रशासन के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती

फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित परिवारों तक भोजन, पेयजल और दवाएं पहुंचाने के साथ जरूरतमंदों को सुरक्षित निकालना है। वहीं नदी का जलस्तर घटने तक संवेदनशील इलाकों में निगरानी जारी रखनी होगी। लखनऊ में बाढ़ की स्थिति अब इस बात पर निर्भर करेगी कि गोमती का पानी कितनी तेजी से नीचे आता है और जलभराव वाले इलाकों से निकासी कितनी प्रभावी रहती है।

Tags :

Bharat 19 News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent News