- हल्द्वानी के रामलीला मैदान में सभा के बाद कथित शुद्धिकरण पर राहुल का PM मोदी से हस्तक्षेप का आग्रह, SC/ST Act के तहत कार्रवाई की मांग, भाजपा ने घटना से किया किनारा
भारत 19
Bharat 19/ नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की हल्द्वानी सभा के बाद कथित ‘शुद्धिकरण’ का विवाद शनिवार को फिर गरमा गया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी से मामले में SC/ST Act के तहत FIR दर्ज कराने का आदेश देने की मांग की। राहुल ने आरोप लगाया कि किसी दलित नेता के कार्यक्रम के बाद सार्वजनिक स्थल का शुद्धिकरण करना छुआछूत की मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि मामला केवल कांग्रेस अध्यक्ष खरगे तक सीमित नहीं है, बल्कि दलितों के सम्मान और संविधान में दिए अधिकारों से जुड़ा है। उन्होंने केंद्र और उत्तराखंड सरकार से खरगे को न्याय दिलाने की मांग की।
खरगे की सभा के बाद हुआ था कथित शुद्धिकरण
खरगे ने 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस की सभा को संबोधित किया था। इसके दो दिन बाद उसी स्थल पर कथित तौर पर शुद्धिकरण हवन कराया गया। कांग्रेस ने इस घटना को खरगे की दलित पहचान से जोड़ते हुए विरोध जताया था। खरगे भी पहले इस मामले को राज्यसभा में उठा चुके हैं। राहुल गांधी ने शनिवार को इसी घटनाक्रम का हवाला देते हुए कहा कि संविधान ने छुआछूत को अपराध बनाया है और ऐसे मामले में कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री से आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कराने का निर्देश देने की मांग की।
राहुल ने इसे छुआछूत बताया
राहुल गांधी ने कथित शुद्धिकरण को छुआछूत का दूसरा रूप बताते हुए भाजपा और आरएसएस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मामले में केवल राजनीतिक बयानबाजी नहीं, बल्कि खरगे के लिए न्याय की मांग कर रही है। राहुल ने इस घटनाक्रम को दलितों के साथ होने वाले भेदभाव और संविधान की विचारधारा से भी जोड़ते हुए केंद्र सरकार से कार्रवाई की मांग की।
भाजपा ने घटना से किया किनारा
भाजपा ने कथित शुद्धिकरण कार्यक्रम से पार्टी का संबंध होने से इनकार किया है। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने पहले घटना को दुखद और अस्वीकार्य बताया था। उत्तराखंड के भाजपा नेताओं ने भी कहा कि पार्टी का इस आयोजन से कोई संबंध नहीं है। उत्तराखंड के मंत्री और भाजपा नेता खजान दास ने कहा कि भाजपा घटना से पूरी तरह अलग है और कांग्रेस द्वारा इसे दलित समाज को गुमराह करने के लिए इस्तेमाल किए जाने का आरोप लगाया।
भाजपा ने राजनीतिक संदर्भ में दी अलग वजह
उत्तराखंड भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कथित शुद्धिकरण को खरगे की जाति से जोड़ने से इनकार किया। उनके मुताबिक कार्यक्रम का संदर्भ सभा के दौरान बने राजनीतिक माहौल और लगाए गए नारों से जुड़ा था। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी राहुल गांधी के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सभा में धार्मिक नारे लगाए गए थे और उसके बाद लोगों की प्रतिक्रिया उसी संदर्भ में थी।
अब FIR की मांग पर टिकी नजर
राहुल गांधी की ताजा मांग के बाद विवाद का केंद्र अब कानूनी कार्रवाई पर आ गया है। कांग्रेस SC/ST Act के तहत FIR की मांग कर रही है, जबकि भाजपा घटना से दूरी बनाते हुए कांग्रेस पर मामले को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगा रही है।


