- तीन महीने के पुलिस आंकड़ों में कई गंभीर अपराधों में गिरावट, 18,934 वांछित गिरफ्तार, माफिया की संपत्ति जब्ती के बीच साइबर अपराध की 7,655 शिकायतें
कानपुर। कानपुर जोन के आठ जिलों में पिछले तीन महीनों में कई गंभीर अपराधों में कमी दर्ज की गई है, लेकिन साइबर ठगी पुलिस के लिए नई और बड़ी चुनौती बनकर सामने आई है। 23 मई से 31 अगस्त 2026 के बीच पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक 19,061 वांछित अपराधियों में से 18,934 को गिरफ्तार किया गया। इसी अवधि में माफिया और गैंगस्टरों के खिलाफ संपत्ति जब्ती की कार्रवाई के साथ साइबर अपराध की हजारों शिकायतों पर भी कार्रवाई की गई।
गंभीर अपराधों में कमी का पुलिस का दावा
जोन पुलिस के मुताबिक बलवा, गृहभेदन, वाहन चोरी, कुल चोरी, गौवध और झपटमारी जैसे अपराधों में कमी दर्ज हुई। बलवा के मामलों में 52.5 प्रतिशत, गृहभेदन में 34.5 प्रतिशत, वाहन चोरी में 27.74 प्रतिशत और कुल चोरी में 18.2 प्रतिशत की कमी बताई गई है। महिला अपराधों में भी महिला हत्या, दुष्कर्म, अपहरण, छेड़खानी, महिला उत्पीड़न और दहेज मृत्यु के मामलों में गिरावट का दावा किया गया है। एससी-एसटी से जुड़े अपराधों में हत्या, दुष्कर्म, गंभीर चोट और कुल उत्पीड़न के मामलों में भी कमी दर्ज की गई।
18,934 वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी
धरपकड़ अभियान में पुलिस के आंकड़े खासे बड़े हैं। गिरफ्तारी के लिए वांछित 19,061 अपराधियों में से 18,934 को पकड़े जाने की जानकारी दी गई है। पुरस्कार घोषित 177 अपराधियों में से 83 की गिरफ्तारी हुई है। गंभीर अपराधों में भी आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की गई। हत्या के 36 पंजीकृत मामलों में 111 आरोपितों पर कार्रवाई, डकैती के एक मामले में नौ आरोपितों की गिरफ्तारी, लूट के 11 मामलों में 39 आरोपितों पर कार्रवाई और दुष्कर्म के 16 मामलों में 23 आरोपितों को जेल भेजने की जानकारी रिपोर्ट में दी गई है।
माफिया की संपत्ति पर भी कार्रवाई
गैंगस्टर एक्ट के तहत नौ मामलों में 36 आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। छह मामलों में अपराध से अर्जित बताई गई करीब 169.64 करोड़ रुपये की संपत्ति की जब्ती की कार्रवाई की गई। माफिया के खिलाफ कार्रवाई में जोन पुलिस ने 427 चिह्नित अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए करीब 1,195.40 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त करने की जानकारी दी है। औरैया में सात नए माफिया को चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू करने की भी बात कही गई है।
CCTV से 311 आरोपितों तक पहुंची पुलिस
अपराध की जांच में CCTV नेटवर्क का इस्तेमाल भी बढ़ा है। कानपुर जोन में अब तक 1,10,303 CCTV कैमरे लगाए जाने की जानकारी दी गई है। जून, जुलाई और अगस्त में 3,422 नए कैमरे लगाए गए। पुलिस के मुताबिक इन कैमरों की मदद से हत्या के 33, डकैती-लूट के 37, चोरी-नकबजनी के 175 और अन्य गंभीर अपराधों में 66 आरोपितों समेत कुल 311 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया।
साइबर अपराध की 7,655 शिकायतें
यहीं पुलिस के सामने तस्वीर का दूसरा पहलू सामने आता है। तीन महीनों में कानपुर जोन में साइबर अपराध से संबंधित 7,655 शिकायतें मिलीं। पुलिस ने इन शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए 5.95 करोड़ रुपये से अधिक की रकम होल्ड कराई और करीब 1.25 करोड़ रुपये पीड़ितों के खातों में वापस कराने की जानकारी दी। इसके अलावा साइबर अपराध से जुड़े 2,302 मोबाइल नंबर और 1,191 आईएमईआई नंबर ब्लॉक कराने की कार्रवाई की गई। CEIR पोर्टल के जरिये 1,339 खोए या चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद किए गए।
ठगी के तरीके भी हुए ज्यादा तकनीकी
साइबर अपराध के मामले अब सिर्फ सामान्य ऑनलाइन ठगी तक सीमित नहीं हैं। झांसी में फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा कर 11 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने इनके कब्जे से मोबाइल फोन, चेकबुक, एटीएम कार्ड, सिम और अन्य सामान बरामद किया। प्रेमनगर क्षेत्र में ऑनलाइन गेमिंग साइटों के जरिए साइबर वित्तीय धोखाधड़ी और USDT के माध्यम से रकम ट्रांसफर करने वाले नेटवर्क का भी खुलासा किया गया। इस मामले में रकम और डिजिटल संपत्तियों को फ्रीज कराने की कार्रवाई की गई।
ऑपरेशन कन्विक्शन में सजा पर जोर
पुलिस ने अपराधियों को गिरफ्तार करने के साथ अदालत से सजा दिलाने की कार्रवाई को भी अभियान का हिस्सा बनाया। ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत प्रमुख सनसनीखेज अपराधों में शामिल 59 आरोपितों को आजीवन कारावास की सजा दिलाने की जानकारी दी गई है। दुष्कर्म और पॉक्सो के मामलों में भी आरोपितों को अलग-अलग अवधि की सजा मिलने का दावा किया गया है। अन्य चिह्नित अपराधों में 277 आरोपितों को 20 वर्ष से कम अवधि के कारावास की सजा दिलाने की जानकारी रिपोर्ट में है।
तकनीक के साथ पुलिसिंग बदलने की कोशिश
अपराध नियंत्रण के साथ पुलिसिंग की व्यवस्था में तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाने की कोशिश भी हुई है। 60 और 90 दिन की समयसीमा में विवेचनाओं के निस्तारण के लिए डिजिटल व्यवस्था लागू की गई है। वहीं जोन के थानों में ई-मालखाना शुरू करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई गई है। आईजीआरएस के तहत शिकायतों के निस्तारण में भी कानपुर जोन को मई, जून और जुलाई में प्रथम रैंक मिलने की जानकारी दी गई है।
महिला सुरक्षा में भी कई कदम
मिशन शक्ति के तहत जोन के जिलों में महिला सुरक्षा और जागरूकता अभियानों पर भी जोर दिया गया। पुलिस के अनुसार 138 मिशन शक्ति केंद्र संचालित किए गए और प्राप्त प्रार्थना पत्रों के निस्तारण की दर 97 प्रतिशत रही। महिलाओं के खिलाफ अपराधों में 7.64 प्रतिशत कमी का दावा किया गया है। पीड़ित महिलाओं को कानूनी सहायता और आर्थिक मुआवजा दिलाने की जानकारी भी रिपोर्ट में दी गई है।
आंकड़े सकारात्मक, लेकिन चुनौती अभी कायम
तीन महीने के आंकड़े एक तरफ कई गंभीर अपराधों में कमी और बड़ी संख्या में गिरफ्तारियों की तस्वीर दिखाते हैं, वहीं दूसरी तरफ साइबर अपराध की 7,655 शिकायतें बताती हैं कि अपराध का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। इसलिए कानपुर जोन की पुलिस के सामने चुनौती सिर्फ पारंपरिक अपराधों को नियंत्रित करने की नहीं, बल्कि ऑनलाइन ठगी, डिजिटल वित्तीय अपराध और संगठित साइबर नेटवर्क पर प्रभावी अंकुश लगाने की भी है। पुलिस के अपने आंकड़े कार्रवाई की व्यापकता जरूर दिखाते हैं, लेकिन इन अभियानों का वास्तविक असर आने वाले महीनों में अपराध की प्रवृत्ति और शिकायतों के स्तर से ही ज्यादा साफ होगा।
