- बिहार बोर्ड की 10वीं-12वीं मार्कशीट में ‘Fail’ की जगह ‘Eligible for Skills’ लिखने की तैयारी, नियम संशोधन के बाद BSEB को जारी होंगे निर्देश
भारत 19 डेस्क
बिहार बोर्ड की 10वीं और 12वीं की मार्कशीट में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। बिहार सरकार ने परीक्षा में निर्धारित अंक हासिल नहीं कर पाने वाले छात्रों की अंकतालिका में ‘Fail’ की जगह ‘Eligible for Skills’ लिखने का फैसला किया है। नई व्यवस्था के तहत ऐसे छात्रों को कौशल प्रशिक्षण और व्यावसायिक शिक्षा से जोड़ने का रास्ता दिया जाएगा। शिक्षा विभाग मौजूदा नियमों में संशोधन के बाद बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) को नई व्यवस्था लागू करने के निर्देश देगा। मतलब है कि फिलहाल मार्कशीट पर ‘Fail’ हटाने की व्यवस्था नियम संशोधन के बाद लागू होगी, इसे तत्काल प्रभाव से लागू व्यवस्था नहीं माना जाएगा।
‘Eligible for Skills’ का अर्थ है ‘कौशल के लिए पात्र’। सरकार का उद्देश्य परीक्षा में अपेक्षित अंक नहीं ला पाने वाले छात्रों को असफलता के एक शब्द से परिभाषित करने के बजाय कौशल आधारित शिक्षा का विकल्प उपलब्ध कराना है। इसके तहत छात्रों को आगे की पढ़ाई के साथ व्यावसायिक और कौशल प्रशिक्षण की दिशा में बढ़ने का अवसर देने की योजना है। मार्कशीट से ‘Fail’ शब्द हटने का अर्थ यह नहीं है कि छात्र को परीक्षा में पास घोषित कर दिया जाएगा। जिन छात्रों ने निर्धारित उत्तीर्ण अंक हासिल नहीं किए हैं, उनकी परीक्षा संबंधी स्थिति वही रहेगी। बदलाव केवल मार्कशीट में दर्ज की जाने वाली शब्दावली में होगा।
BBOSE से मिल सकता है स्किल ट्रेनिंग का विकल्प
सरकार की योजना ऐसे छात्रों को बिहार बोर्ड ऑफ ओपन स्कूलिंग एंड एग्जामिनेशन (BBOSE) के माध्यम से कौशल और व्यावसायिक प्रशिक्षण से जोड़ने की है। इसका उद्देश्य छात्रों को पारंपरिक अकादमिक शिक्षा के साथ रोजगारपरक कौशल सीखने का विकल्प देना है, ताकि परीक्षा में कमजोर प्रदर्शन उनके आगे के अवसरों को सीमित न करे। बिहार सरकार ने मैट्रिक सप्लीमेंट्री परीक्षा देने वाले छात्रों के लिए एक महीने की विशेष कक्षाएं चलाने की योजना भी बताई है। इन कक्षाओं में छात्रों को अतिरिक्त शैक्षणिक सहायता देकर अगली परीक्षा की तैयारी कराई जाएगी।
बिहार के सरकारी स्कूलों में भी बदलाव
सरकारी स्कूलों में शनिवार को ‘नो-बैग डे’ की व्यवस्था की पहल की गई है। इस दिन छात्रों को नियमित पढ़ाई के अलावा संगीत, थिएटर और अन्य रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने की योजना है। वहीं कक्षा 9 से 12 के छात्रों के लिए ‘विद्या साथी’ ऐप के माध्यम से शिक्षकों से शैक्षणिक सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी शुरू की गई है।


