- 10-11 सितंबर के प्रांतीय सम्मेलन में न्यायिक आदेशों, अधिवक्ता सुरक्षा और पेशागत अधिकारों पर होगा मंथन
भारत 19
कानपुर। शहर में 10 और 11 सितंबर को प्रदेशभर के अधिवक्ता जुटेंगे। कानपुर बार एसोसिएशन और दि लॉयर्स एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में होने वाले प्रांतीय सम्मेलन में अधिवक्ताओं से जुड़े न्यायिक आदेशों, सुरक्षा और पेशागत अधिकारों के मुद्दों पर चर्चा के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी। सम्मेलन का निर्णय दोनों संगठनों की चार अगस्त 2026 को हुई संयुक्त आमसभा में लिया गया था। इसके बाद आयोजन की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। अधिवक्ता संगठनों का कहना है कि उत्तर प्रदेश के अधिवक्ताओं पर कथित अनुचित दबाव और उनके विरुद्ध पारित आदेशों-निर्णयों के मुद्दे को सम्मेलन के जरिए उचित मंच तक पहुंचाया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के आदेशों पर चर्चा
सम्मेलन में अधिवक्ताओं से संबंधित सुप्रीम कोर्ट और इलाहाबाद हाईकोर्ट के विभिन्न आदेशों एवं निर्देशों पर विचार होगा। न्यायिक कार्य से विरत रहने, पेशागत स्वतंत्रता और बार काउंसिल ऑफ इंडिया की ओर से प्रस्तावित बदलावों से जुड़े विषय भी एजेंडे में रहेंगे। इसके अलावा अधिवक्ताओं की सुरक्षा और पेशे की गरिमा से जुड़े मुद्दों पर प्रदेश के विभिन्न जिलों से आने वाले प्रतिनिधियों के सुझाव लिए जाएंगे।
आपराधिक मामलों की सुनवाई का मुद्दा भी अहम
अधिवक्ता संगठनों के अनुसार सम्मेलन में आपराधिक मामलों में आरोपी अधिवक्ताओं से जुड़े मामलों की दूसरे जिलों में सुनवाई, शांतिभंग के मामलों की पुलिस अधिकारियों द्वारा सुनवाई और किरायेदारी कानून से जुड़े मामलों की प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा सुनवाई जैसे विषय भी उठेंगे। इन मुद्दों पर प्रदेश स्तर पर अधिवक्ताओं की साझा राय बनाने और संबंधित मंचों पर उसे रखने की दिशा में भी विचार किया जाएगा।
एक हजार अधिवक्ताओं के बैठने की तैयारी
सम्मेलन में बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए कानपुर बार एसोसिएशन परिसर में करीब एक हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था की जा रही है। बाहर से आने वाले प्रतिनिधियों के लिए पार्किंग, प्रवेश, पंजीकरण, ठहरने और भोजन की व्यवस्थाएं भी की जा रही हैं। आयोजन समिति में दोनों संगठनों की कार्यकारिणी के साथ पूर्व अध्यक्ष, पूर्व महामंत्री और वरिष्ठ अधिवक्ताओं को शामिल किया गया है।
सम्मेलन के बाद सामने आएगा सामूहिक रुख
दो दिवसीय सम्मेलन में विभिन्न जिलों के अधिवक्ताओं की राय सामने आने के बाद प्रदेश स्तर पर सामूहिक रुख और आगे की कार्रवाई की दिशा तय होने की संभावना है। यही वजह है कि कानपुर में होने वाले इस सम्मेलन को अधिवक्ता संगठनों के बीच समन्वय के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों संगठनों ने स्पष्ट किया है कि अपनी बात अनुशासित और लोकतांत्रिक तरीके से रखी जाएगी तथा न्यायपालिका की गरिमा का ध्यान रखा जाएगा।


