- शादी सीजन के बाद काम घटने से रोजगार की चुनौती; खाऊ गली में करीब 20 दुकानें देने, प्रतिबंधित क्षेत्रों में आयोजन का सामान पहुंचाने की सुविधा और कैटरर-वाहन पास को पुलिस व ट्रैफिक की मान्यता देने की मांग
भारत 19/ कानपुर। कैटरिंग कारोबार से जुड़ी व्यावसायिक और रोजमर्रा की दिक्कतों के समाधान की मांग को लेकर कानपुर कैटरर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी सांसद रमेश अवस्थी से मिले। कारोबारियों ने काम के मौसमी स्वरूप, स्थायी कारोबार के अवसरों की कमी, आयोजन स्थलों तक सामान पहुंचाने में आने वाली दिक्कत और पुलिस की रोक-टोक समेत कई समस्याएं सांसद के सामने रखीं। सांसद ने संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कराकर समस्याओं का समाधान कराने का आश्वासन दिया।
शादी सीजन में काम, ऑफ सीजन में कारोबार सुस्त
एसोसिएशन ने बताया कि नवंबर से फरवरी तक विवाह और अन्य आयोजनों का सीजन होने के कारण कैटरिंग कारोबार में काम बढ़ जाता है। इसके बाद ऑफ सीजन में काम काफी कम हो जाता है। इसका असर छोटे और मध्यम कैटरिंग कारोबारियों के साथ उनसे जुड़े कर्मचारियों की आय और रोजगार पर पड़ता है। कारोबारियों का कहना है कि हर कैटरर की अपनी अलग रेसिपी और व्यंजनों की विशेष पहचान होती है। ऐसे में कारोबार को केवल शादी और आयोजन के सीजन पर निर्भर रखने के बजाय स्थायी अवसर उपलब्ध कराने की जरूरत है।
खाऊ गली में 20 दुकानें देने की मांग
कारोबारियों ने नियमों के तहत खाऊ गली में करीब 20 दुकानें पात्र और इच्छुक कैटरिंग कारोबारियों को उपलब्ध कराने की मांग की। उनका कहना है कि स्थायी स्थान मिलने से कारोबार को व्यवस्थित करने के साथ ऑफ सीजन में भी काम बढ़ाने का अवसर मिलेगा। एसोसिएशन के मुताबिक इससे छोटे और मध्यम कारोबारियों को अपने कारोबार को विस्तार देने के लिए आधार मिल सकता है और उनसे जुड़े कर्मचारियों के लिए भी रोजगार के अवसर बनाए रखे जा सकते हैं।
प्रतिबंधित इलाकों में सामान पहुंचाना मुश्किल
कारोबारियों ने उच्चवर्गीय रिहायशी क्षेत्रों में होने वाले आयोजनों का मुद्दा भी उठाया। ऐसे कार्यक्रमों में सजावटी सामान, बर्तन और खाना बनाने से जुड़ी सामग्री वाहनों से आयोजन स्थल तक ले जानी पड़ती है। उनका आरोप है कि प्रतिबंधित क्षेत्रों में पुलिस वाहनों को रोक देती है, जिससे सामान समय पर आयोजन स्थल तक पहुंचाने में परेशानी होती है। कारोबारियों ने ऐसी व्यवस्था बनाने की मांग की, जिससे वैध आयोजन से जुड़े कैटरिंग वाहनों को जरूरी सुविधा मिल सके।
कैटरर और वाहनों के पास को मिले मान्यता
एसोसिएशन ने अपने स्तर से जारी किए जाने वाले कैटरर्स और वाहनों के पास को सिविल पुलिस और ट्रैफिक पुलिस से मान्यता देने की मांग की। कारोबारियों का कहना है कि इससे आयोजन स्थल तक जाने वाले वाहनों की पहचान आसानी से हो सकेगी और अनावश्यक रोक-टोक की समस्या कम होगी।
रात में लौटते समय पुलिस पर रोकने का आरोप
कैटरिंग कारोबारियों ने रात में काम खत्म होने के बाद लौटते समय पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी शिकायत की। उनका आरोप है कि पुलिस उनके वाहनों को रोककर तलाशी लेती है और कई बार ऐसा व्यवहार किया जाता है, जैसे वे किसी आपराधिक गतिविधि में शामिल हों। कारोबारियों का कहना है कि पास व्यवस्था को मान्यता मिलने और पुलिस-ट्रैफिक स्तर पर स्पष्ट व्यवस्था बनने से इस तरह की परेशानी को कम किया जा सकता है।
सांसद ने अधिकारियों से बैठक का दिया भरोसा
सांसद रमेश अवस्थी ने कारोबारियों की समस्याएं सुनने के बाद संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कराकर समाधान कराने का आश्वासन दिया। एसोसिएशन ने उम्मीद जताई कि कारोबार से जुड़े व्यावसायिक और प्रशासनिक मुद्दों पर संबंधित विभागों के स्तर पर व्यावहारिक समाधान निकलेगा। ज्ञापन देने वालों में एसोसिएशन के संरक्षक सुरेश गुप्ता, अध्यक्ष देवेंद्र गुप्ता, महामंत्री अभिषेक तिवारी, बऊआ महाराज, सदन कुमार झा, पवन साहू, दीपक बाजपेई, गौरव गुप्ता, कमलेश गुप्ता, शाकिर अली उस्मानी और संजय सोनकर आदि शामिल रहे।


