- कारोबारियों, उद्यमियों और प्रोफेशनल्स के लिए ITR दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 अगस्त; टैक्स ऑडिट वाले करदाताओं को 31 अक्टूबर तक रिटर्न, ऑडिट रिपोर्ट 30 सितंबर तक अपलोड करनी होगी
भारत 19, अर्थ डेस्क
कानपुर। वित्तीय वर्ष 2025-26 यानी आकलन वर्ष 2026-27 के लिए कारोबारियों, उद्यमियों और प्रोफेशन से आय अर्जित करने वाले करदाताओं के पास आयकर रिटर्न दाखिल करने के लिए अब दो दिन का समय बचा है। इन करदाताओं के लिए ITR दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 अगस्त 2026 है। व्यक्तिगत करदाताओं के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की सामान्य अंतिम तारीख 31 जुलाई 2026 थी। जिन कारोबारियों या पेशेवरों की लेखा बहियां आयकर कानून की धारा 44AB के तहत अनिवार्य टैक्स ऑडिट के दायरे में आती हैं, उनके लिए ITR दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर 2026 है। हालांकि चार्टर्ड अकाउंटेंट से सत्यापित टैक्स ऑडिट रिपोर्ट 30 सितंबर 2026 तक आयकर विभाग के ऑनलाइन फाइलिंग पोर्टल पर अपलोड करनी होगी।
किन कारोबारियों को ITR दाखिल करना जरूरी
साझीदारी फर्म और कंपनी करदाताओं को लाभ हो या नुकसान, दोनों ही स्थिति में आयकर रिटर्न दाखिल करना अनिवार्य है। संपत्ति की बिक्री से कैपिटल गेन हासिल करने वाले और आयकर कानून की धारा 54 के तहत कैपिटल गेन से कर मुक्ति का लाभ लेने वाले करदाताओं को भी रिटर्न दाखिल करना होगा। चैरिटेबल ट्रस्ट और संस्थाओं के लिए भी निर्धारित परिस्थितियों में ITR दाखिल करना अनिवार्य है। राजनीतिक दलों को भी कर मुक्ति सीमा से अधिक आय होने पर आयकर रिटर्न दाखिल करना होगा। कर मुक्ति के लाभ का दावा करने वाले विश्वविद्यालय और कॉलेजों को भी ITR दाखिल करना होगा।
इन लेनदेन पर भी ITR दाखिल करना जरूरी
ऐसे करदाताओं के लिए भी आयकर रिटर्न दाखिल करना अनिवार्य है, जिनके बैंक के किसी चालू खाते या सभी चालू खातों में मिलाकर एक वित्तीय वर्ष में एक करोड़ रुपये से अधिक जमा हुए हों। इसी तरह खुद या किसी दूसरे व्यक्ति की विदेश यात्रा पर एक वर्ष में दो लाख रुपये से अधिक खर्च करने और एक लाख रुपये से अधिक बिजली बिल का भुगतान करने वाले करदाताओं पर भी ITR दाखिल करने की अनिवार्यता लागू होती है।
प्रोफेशनल्स को बहीखाता रखने में छूट
चार्टर्ड अकाउंटेंट शिवम ओमर के मुताबिक आयकर विभाग ने निर्धारित शर्तों के तहत प्रोफेशनल, कारोबारी और ट्रांसपोर्टर्स को ITR में निर्धारित न्यूनतम आमदनी घोषित करने पर बही खाते, कागजात और अभिलेख रखने से छूट दी है। प्रोफेशनल्स की श्रेणी में वकील, डॉक्टर, चार्टर्ड अकाउंटेंट, कंपनी सेक्रेटरी, इंजीनियर, डेकोरेटर और अन्य तकनीकी पेशेवर शामिल हैं। इस प्रावधान का लाभ ट्रांसपोर्टरों को भी मिलता है।
कम आमदनी घोषित करने पर रखना होगा रिकॉर्ड
कारोबारियों के लिए न्यूनतम आमदनी घोषित करने के अलग नियम हैं। कारोबारी निर्धारित न्यूनतम आमदनी से अधिक आय घोषित कर सकते हैं, लेकिन इससे कम आमदनी घोषित करने पर उन्हें बहीखाते और संबंधित अभिलेख सुरक्षित रखने होंगे। ऐसे मामलों में बही खातों की आयकर विभाग द्वारा जांच की जा सकती है। इसके अलावा संबंधित कारोबारी को अपने बहीखातों का टैक्स ऑडिट चार्टर्ड अकाउंटेंट से कराना होगा।


