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आईआईटी कानपुर में ‘उड़ान 2026’, 130 पैरा-एथलीटों का दम

चार खेलों में खिलाड़ियों ने दिखाया जज्बा, पैरालंपिक एथलीट सुनील कुमार साहू ने ‘मेडल से बढ़कर संघर्ष’ पर साझा किए अनुभव

भारत 19

कानपुर। आईआईटी कानपुर में आयोजित ‘उड़ान 2026’ में 130 से अधिक पैरा-एथलीटों ने खेल प्रतिभा, प्रतिस्पर्धा और जज्बे का प्रदर्शन किया। उदघोष 2026 के प्री-फेस्ट कार्यक्रम के तौर पर हुए दो दिवसीय आयोजन में कैरम, शतरंज, टेबल टेनिस और बैडमिंटन के मुकाबले हुए। आयोजकों के मुताबिक प्रतियोगिता में आईआईटी रुड़की, आईआईटी दिल्ली, डॉ. अंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी फॉर दिव्यांगजन और आईआईटी कानपुर के खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया।

चार खेलों में दिखी खिलाड़ियों की प्रतिस्पर्धा

आईआईटी कानपुर का सेल फॉर डिफरेंटली एबल्ड पर्सन्स (CDAP) पहले भी राष्ट्रीय स्तर के पैरा-स्पोर्ट्स आयोजनों में सक्रिय रहा है। जनवरी 2026 में आयोजित ‘संगम 2026’ में देशभर के 350 से अधिक दिव्यांग खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। ‘उड़ान 2026’ में चार खेल विधाओं को शामिल किया गया। कैरम, शतरंज, टेबल टेनिस और बैडमिंटन में अलग-अलग संस्थानों से पहुंचे खिलाड़ियों ने मुकाबलों में हिस्सा लिया। आयोजन का उद्देश्य केवल प्रतियोगिता तक सीमित नहीं रहा, बल्कि विभिन्न संस्थानों के पैरा-एथलीटों को एक-दूसरे से जुड़ने और अनुभव साझा करने का मंच देना भी रहा।

‘मेडल से बढ़कर संघर्ष’ पर सुनील साहू

कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण पैरालंपिक एथलीट सुनील कुमार साहू का संवाद सत्र रहा। ‘More Than a Medal’ विषय पर उन्होंने खेल जीवन के संघर्ष, लगातार प्रयास और सफलता के अनुभव साझा किए। बातचीत का केंद्र यह रहा कि पैरा-स्पोर्ट्स में उपलब्धि केवल पदक तक सीमित नहीं है, बल्कि उसके पीछे खिलाड़ी का संघर्ष, अनुशासन और दृढ़ता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।

उद्घाटन और समापन में ये अतिथि शामिल

उद्घाटन समारोह में पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया के निदेशक विवेक सैनी विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए। समापन समारोह में पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया के निदेशक मनीष राणा, आईपीएस अधिकारी कासिम आबिदी और एएलआईएमसीओ के सीएमडी प्रवीण कुमार मौजूद रहे। दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के रमनीक जैन भी विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए।

विजेताओं को ट्रॉफी और पदक से सम्मान

समापन समारोह में चारों खेलों के विजेता खिलाड़ियों को ट्रॉफी और पदक देकर सम्मानित किया गया। आयोजकों ने कहा कि ऐसे आयोजनों से खिलाड़ियों को अपनी क्षमता दिखाने के साथ दूसरे संस्थानों के खिलाड़ियों के साथ प्रतिस्पर्धा और संवाद का अवसर मिलता है।

समावेशी खेल संस्कृति पर जोर

आईआईटी कानपुर का CDAP दिव्यांग छात्रों के लिए शैक्षणिक और सामाजिक गतिविधियों में पहुंच और सहभागिता बढ़ाने की दिशा में काम करता है। संस्थान के आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक CDAP ने इससे पहले ‘UDAAN’ पैरा-स्पोर्ट्स आयोजन भी कराया है और राष्ट्रीय पैरा-स्पोर्ट्स फेस्ट ‘SANGAM 2026’ में संस्थान की भागीदारी रही है।

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