- कंपनियों में पर्यावरण, सामाजिक जिम्मेदारी और कॉरपोरेट गवर्नेंस की बढ़ती जरूरत; चार महीने के कार्यकारी प्रमाणपत्र कार्यक्रम के चौथे बैच के लिए 15 नवंबर तक आवेदन
भारत 19
कानपुर। कंपनियों के लिए अब सिर्फ मुनाफा पर्याप्त नहीं रह गया है। पर्यावरणीय जिम्मेदारी, सामाजिक प्रभाव और पारदर्शी कॉरपोरेट गवर्नेंस यानी ESG कारोबार की रणनीति का हिस्सा बन चुके हैं। इसके साथ ही ESG की समझ रखने वाले पेशेवरों की जरूरत भी बढ़ रही है। इसी बदलती कारोबारी मांग को देखते हुए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) कानपुर ने ESG और व्यावसायिक टिकाऊपन से जुड़े कार्यकारी प्रमाणपत्र कार्यक्रम के चौथे बैच के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी है। चार महीने का यह ऑनलाइन कार्यक्रम 5 दिसंबर 2026 से शुरू होगा, जबकि आवेदन की अंतिम तिथि 15 नवंबर 2026 है।
60 घंटे की ऑनलाइन पढ़ाई, कैंपस प्रशिक्षण भी
कार्यक्रम के तहत शनिवार और रविवार को कुल 60 घंटे की लाइव ऑनलाइन कक्षाएं होंगी। इसके साथ प्रतिभागियों को IIT कानपुर परिसर में विशेष ऑन-कैंपस प्रशिक्षण का अवसर भी मिलेगा। पाठ्यक्रम को कंपनियों की मौजूदा ESG और नियामकीय जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसमें कार्बन उत्सर्जन घटाने की रणनीति, स्कोप-1, स्कोप-2 और स्कोप-3 उत्सर्जन, ESG की बुनियादी समझ, कारोबार में ESG लागू करने के तरीके, मानव संसाधन में समानता, नैतिक कॉरपोरेट गवर्नेंस और टिकाऊ वित्त जैसे विषय शामिल हैं।
केस स्टडी से मिलेगी ESG की व्यावहारिक समझ
कार्यक्रम को केवल सैद्धांतिक पढ़ाई तक सीमित नहीं रखा गया है। प्रतिभागियों को वास्तविक कारोबारी परिस्थितियों पर आधारित केस स्टडी के जरिए ESG से जुड़ी चुनौतियों और उनके समाधान को समझने का अवसर मिलेगा। IIT कानपुर के संकाय सदस्यों के मार्गदर्शन में असाइनमेंट कराए जाएंगे। इसके अलावा बिजनेस रिस्पॉन्सिबिलिटी एंड सस्टेनेबिलिटी रिपोर्टिंग (BRSR) जैसे मानकों पर आधारित कैपस्टोन परियोजना के जरिए प्रतिभागियों को ESG को कारोबारी स्तर पर लागू करने की समझ विकसित करने का मौका मिलेगा।
ESG अनुपालन से आगे बढ़ी कंपनियों की जरूरत
कार्यक्रम समन्वयक और IIT कानपुर के डिजाइन विभाग में प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस प्रो. राजीव जिंदल के अनुसार, ESG अब केवल नियमों के अनुपालन तक सीमित विषय नहीं है। यह कंपनियों की कारोबारी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। ऐसे में कंपनियों को ऐसे पेशेवरों की जरूरत बढ़ रही है, जो ESG से जुड़े नियमों और मानकों को समझने के साथ उन्हें व्यावहारिक स्तर पर लागू भी कर सकें। कार्यक्रम इसी जरूरत के अनुरूप पेशेवर क्षमता विकसित करने पर केंद्रित है।
इन क्षेत्रों के पेशेवरों को मिलेगा फायदा
IIT कानपुर का यह कार्यक्रम सस्टेनेबिलिटी मैनेजर, पर्यावरण-स्वास्थ्य-सुरक्षा (EHS) पेशेवरों, संचालन, विधि, मानव संसाधन और विपणन से जुड़े कर्मचारियों, प्रबंधन सलाहकारों के साथ करियर की शुरुआत कर रहे युवाओं के लिए उपयोगी है। ESG से सीधे जुड़े पेशेवरों के अलावा कंपनियों के अलग-अलग विभागों में काम करने वाले लोग भी इसके जरिए टिकाऊ कारोबार और ESG अनुपालन की समझ विकसित कर सकते हैं।
50 प्रतिशत अंक वालों को प्रवेश का मौका
कार्यक्रम में आवेदन के लिए स्नातक स्तर पर कम से कम 50 प्रतिशत अंक जरूरी हैं। वहीं, 45 प्रतिशत अंक वाले अभ्यर्थी दो वर्ष के प्रासंगिक कार्य अनुभव के साथ आवेदन कर सकते हैं। खास बात यह है कि प्रवेश के लिए गैर-तकनीकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वाले अभ्यर्थी भी आवेदन कर सकते हैं। IIT कानपुर का यह कार्यक्रम ऐसे युवाओं और कामकाजी पेशेवरों के लिए अवसर है, जो कंपनियों में ESG, सस्टेनेबिलिटी और जिम्मेदार कारोबार से जुड़े तेजी से उभरते क्षेत्र में अपनी विशेषज्ञता विकसित करना चाहते हैं।


