- ग्रेटर नोएडा के देवला, मकौड़ा और जैतपुर वैशपुर के सरकारी स्कूलों में निरीक्षण करने पहुंचे थे CJP प्रवक्ता, तीनों स्कूलों में नहीं मिली एंट्री, देवला में ग्रामीणों से तीखी बहस का वीडियो वायरल, पुलिस ने संभाली स्थिति
भारत 19
ग्रेटर नोएडा। सरकारी स्कूलों की जमीनी स्थिति देखने पहुंचे CJP प्रवक्ता सौरव दास को ग्रेटर नोएडा में स्थानीय लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। 22 सितंबर को दास अपनी टीम के साथ सूरजपुर क्षेत्र के देवला, मकौड़ा और जैतपुर के सरकारी प्राथमिक विद्यालयों का निरीक्षण करने पहुंचे थे। तीनों स्कूलों में टीम को प्रवेश नहीं मिला। देवला में स्कूल के बाहर स्थानीय लोगों और टीम के बीच तीखी बहस हुई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
तीन स्कूलों में पहुंची टीम, कहीं नहीं मिली एंट्री
CJP की टीम ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत सरकारी स्कूलों में कक्षाओं, शौचालय, साफ-सफाई और दूसरी बुनियादी सुविधाओं की स्थिति देखने पहुंची थी। देवला प्राथमिक विद्यालय पहुंचने पर टीम को स्कूल का गेट बंद मिला। वीडियो में सौरव दास स्कूल के शिक्षकों से गेट बंद होने और टीम को प्रवेश नहीं दिए जाने का कारण पूछते दिखाई देते हैं। शिक्षकों की ओर से बीएसए के निर्देश का हवाला दिए जाने की बात रिपोर्टों में सामने आई है। दास और उनकी टीम ने देवला के अलावा मकौड़ा और जैतपुर के सरकारी स्कूलों का भी दौरा किया। रिपोर्टों के मुताबिक तीनों स्थानों पर टीम को स्कूल परिसर में प्रवेश नहीं दिया गया। देवला में पुलिसकर्मी भी स्कूल के बाहर पहुंचे। CJP का कहना था कि टीम सामान्य ऑडिट के लिए आई थी और उसका उद्देश्य स्कूलों में उपलब्ध सुविधाओं की वास्तविक स्थिति देखना था।
ग्रामीणों से बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
देवला में स्कूल के बाहर स्थानीय लोगों ने सौरव दास और उनकी टीम का विरोध किया। ग्रामीणों का कहना था कि वे इसी इलाके के रहने वाले हैं और स्कूलों में व्यवस्थाएं ठीक चल रही हैं। उनका यह भी कहना था कि बाहरी लोगों के अचानक स्कूल पहुंचने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें सौरव दास और स्थानीय लोगों के बीच बहस दिखाई दे रही है। विवाद बढ़ने पर दास वहां से पीछे हटते नजर आए और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को शांत कराया।
BSA बोले- 20-25 लोगों की भीड़ से पढ़ाई प्रभावित
गौतमबुद्ध नगर के बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पंवार ने कहा कि सरकारी स्कूलों में बाहरी लोगों के प्रवेश पर कोई सामान्य रोक नहीं है। हालांकि, उनके मुताबिक 20 से 25 लोगों की भीड़ को स्कूल के भीतर जाने देने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है। BSA के अनुसार इसी वजह से CJP टीम को इन स्कूलों में प्रवेश नहीं दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि देवला, मकौड़ा और जैतपुर के प्राथमिक विद्यालय सामान्य रूप से संचालित हो रहे हैं।
सौरव दास ने सरकार पर उठाए सवाल
स्कूलों में प्रवेश नहीं मिलने के बाद सौरव दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सवाल उठाया कि उनकी टीम के पहुंचने से पहले स्कूलों के गेट क्यों बंद किए गए। उन्होंने कहा कि CJP का उद्देश्य सरकारी स्कूलों की वास्तविक स्थिति का ऑडिट करना है। दास ने एक बिना नंबर प्लेट वाली गाड़ी की तस्वीर साझा करते हुए अपनी टीम का पीछा किए जाने का दावा भी किया। इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों में नहीं हुई है। स्कूल में प्रवेश नहीं मिलने के बाद CJP टीम ने गांव की गलियों और आसपास के इलाकों का जायजा लिया। टीम ने देवला में सड़कों की स्थिति और साफ-सफाई को लेकर सवाल उठाए। स्थानीय लोगों से बातचीत में भी सड़क की स्थिति को लेकर समस्याएं सामने आईं।
राजस्थान के बाद ग्रेटर नोएडा में विरोध
CJP का ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान इससे पहले राजस्थान में भी विवादों में रहा है। अब ग्रेटर नोएडा में सौरव दास की टीम को स्कूलों में प्रवेश नहीं मिलने और देवला में स्थानीय विरोध का मामला सामने आया है। CJP इसे सरकारी स्कूलों की स्थिति का निरीक्षण करने से रोकने के तौर पर देख रही है, जबकि शिक्षा विभाग ने बड़ी भीड़ के स्कूल में प्रवेश से पढ़ाई प्रभावित होने की बात कही है।

