Hot Topics

चर्चित अखिलेश दुबे केस में होटल कारोबारी बयान से पलटा

  • 2.50 करोड़ की रंगदारी मांगने से किया इनकार, कोर्ट ने वादी को पक्षद्रोही घोषित किया; 25 सितंबर को अभियोजन करेगा जिरह

भारत 19
कानपुर।
अखिलेश दुबे से जुड़े रंगदारी मामले में मंगलवार को उस समय नया मोड़ आ गया, जब शिकायतकर्ता होटल कारोबारी सुरेश पाल ने कोर्ट में घटना और रंगदारी मांगने से ही इनकार कर दिया। केस से जुड़े वकील के मुताबिक जिला जज अनमोल पाल की अदालत में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए दर्ज बयान में सुरेश पाल ने कहा कि न तो उनसे कोई रंगदारी मांगी गई और न ही उन्होंने पुलिस को ऐसा कोई बयान दिया था। उनके इस बयान के बाद अभियोजन की मांग पर अदालत ने उन्हें पक्षद्रोही वादी घोषित कर दिया।

कोर्ट में बोले- न रंगदारी मांगी, न घटना हुई

मंगलवार को स्वास्थ्य कारणों से अदालत में उपस्थित नहीं हो पाने वाले सुरेश पाल के बयान वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए दर्ज किए गए। अभियोजन के मुताबिक, बयान के दौरान उन्होंने मामले में लगाए गए आरोपों से इनकार कर दिया। सुरेश पाल ने अदालत में कहा कि उनसे 2.50 करोड़ रुपये की रंगदारी नहीं मांगी गई और उनके साथ ऐसी कोई घटना भी नहीं हुई, जैसा मुकदमे में आरोप लगाया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने पुलिस को इस संबंध में कोई बयान नहीं दिया है।

2025 में दर्ज कराई थी रंगदारी की रिपोर्ट

सुरेश पाल ने 7 अगस्त 2025 को किदवई नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि अधिवक्ता अखिलेश दुबे और उसके साथी आयुष मिश्रा उर्फ लवी ने वर्ष 2021 में उन्हें फर्जी रेप केस में फंसाया था। शिकायत के मुताबिक, मुकदमे से बचाने के नाम पर पहले 5 करोड़ रुपये की मांग की गई और बाद में 2.50 करोड़ रुपये में मामला तय होने का आरोप लगाया गया था। कारोबारी ने पुलिस को दिए कथित विवरण में कई बार में रकम दिए जाने की बात कही थी। मामले में कारोबारी के बेटे और आरोपियों के बीच बातचीत के कुछ ऑडियो भी सामने आने की बात कही गई थी।

230 पन्नों की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल

किदवई नगर पुलिस ने अखिलेश दुबे और आयुष मिश्रा के खिलाफ 230 पन्नों की चार्जशीट अदालत में दाखिल की थी। मामला जिला जज अनमोल पाल की अदालत में ट्रायल के स्तर पर है। इससे पहले अखिलेश दुबे ने मामले में सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, 18 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने उनकी स्पेशल लीव पिटीशन खारिज करते हुए ट्रायल छह महीने में पूरा करने का निर्देश दिया था।

बीमारी के चलते वीडियो कांफ्रेंसिंग से हुई गवाही

कार्यवाहक डीजीसी ओंकार नाथ वर्मा के मुताबिक, सुरेश पाल की ओर से अदालत में अर्जी दाखिल कर गंभीर बीमारी के कारण व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने में असमर्थता जताई गई थी। अर्जी के साथ मेडिकल दस्तावेज भी लगाए गए थे। अदालत ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बयान दर्ज करने की अनुमति दी। बयान के दौरान शिकायतकर्ता के आरोपों से पलटने के बाद अभियोजन ने उन्हें पक्षद्रोही घोषित करने की मांग की, जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया। मामले में अगला महत्वपूर्ण चरण 25 सितंबर को होगा। अभियोजन पक्ष अदालत में सुरेश पाल से जिरह करेगा। इसके बाद उनके बदले हुए बयान का मुकदमे की आगे की कार्यवाही पर क्या असर पड़ता है, यह ट्रायल के दौरान सामने आएगा।

चार मामलों में पहले मिल चुकी है जमानत

अखिलेश दुबे से जुड़े अन्य मामलों में भी मुकदमे दर्ज होने की बात सामने आई थी। इनमें भाजपा नेता रवि सतीजा से कथित फर्जी रेप केस के जरिए 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने, जूही में होटल कारोबारी प्रज्ञा त्रिवेदी से कथित रंगदारी-डकैती और मारपीट, कांग्रेस नेता संदीप शुक्ला से रेप केस में फंसाने की धमकी देकर 10 लाख रुपये मांगने तथा शैलेंद्र कुमार से कथित रंगदारी मांगने के मामले शामिल हैं। मामलों में अखिलेश दुबे को चार मुकदमों में जमानत मिल चुकी थी। होटल कारोबारी सुरेश पाल से कथित रंगदारी के मामले में जमानत नहीं मिलने के कारण वह जेल में हैं।

Tags :

Bharat 19 News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent News