- 7 से 11 अक्टूबर तक भारत मंडपम में आयोजन; 600 से अधिक उद्यमी और प्रदर्शक होंगे शामिल, बिक्री के साथ खरीदारों और कारोबारियों से सीधे संपर्क का मिलेगा मौका
भारत 19
नई दिल्ली। जिले की पहचान से जुड़े उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने के लिए दिल्ली के भारत मंडपम में 7 से 11 अक्टूबर तक ‘भारत ODOP संगम’ आयोजित किया जाएगा। उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT) की ओर से होने वाले आयोजन में देशभर के एक जिला, एक उत्पाद (ODOP) से जुड़े उद्यमी, कारीगर और उत्पादक अपने उत्पाद प्रदर्शित करेंगे। आयोजन में बिक्री के साथ खरीदारों और कारोबारियों से सीधे संपर्क का भी अवसर मिलेगा। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 600 से अधिक इकाइयों और प्रदर्शकों के शामिल होने की उम्मीद है। इससे अलग-अलग जिलों के विशिष्ट उत्पादों को एक ही मंच पर राष्ट्रीय बाजार के सामने रखने का अवसर मिलेगा।
773 जिलों के 1,244 उत्पाद ODOP में शामिल
ODOP का उद्देश्य ऐसे स्थानीय उत्पादों को पहचान और बाजार उपलब्ध कराना है, जिनकी किसी जिले में विशेष पहचान है। केंद्र सरकार के अनुसार देश के 773 जिलों से 1,244 उत्पाद ODOP के तहत चिन्हित किए जा चुके हैं। इनमें कृषि और खाद्य उत्पाद, हथकरघा, हस्तशिल्प, कपड़ा, चमड़ा, लकड़ी, धातु और सजावटी सामान समेत विभिन्न श्रेणियां शामिल हैं। उत्पादों का चयन संबंधित राज्य और केंद्र शासित प्रदेश सरकारें करती हैं, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर पहल का संचालन DPIIT करता है।
एक मंच पर दिखेंगे अलग-अलग राज्यों के उत्पाद
भारत ODOP संगम में विभिन्न राज्यों के जिला-विशिष्ट उत्पाद प्रदर्शित किए जाएंगे। राजस्थान से 38 ODOP उद्यमी और कारीगर इसमें हिस्सा ले रहे हैं। उनके स्टॉल पर रत्न-जवाहरात, मार्बल और स्टोन उत्पाद, हस्तशिल्प, लकड़ी के सामान, कपड़ा-परिधान तथा प्रसंस्कृत खाद्य और कृषि उत्पाद शामिल होंगे। इस भागीदारी से आयोजन में शामिल होने वाले उत्पादों की विविधता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
उद्यमियों को बिक्री और खरीदारों से संपर्क
कार्यक्रम को सिर्फ प्रदर्शनी के बजाय प्रदर्शनी-सह-विक्रय मंच के रूप में तैयार किया जा रहा है। छोटे उद्यमियों को थोक खरीदारों, वितरकों, कारोबारियों और संभावित संस्थागत खरीदारों के सामने अपने उत्पाद रखने का अवसर मिलेगा। इससे स्थानीय स्तर पर कारोबार करने वाली इकाइयों को नए बाजारों की मांग समझने और संभावित व्यावसायिक साझेदारी विकसित करने में मदद मिल सकती है।
ODOP उत्पादों को ई-कॉमर्स से जोड़ने पर जोर
ODOP के तहत बाजार विस्तार के लिए घरेलू और अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों में भागीदारी, क्षमता निर्माण और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जोड़ने जैसे कदम उठाए जा रहे हैं। GeM पर ODOP Bazaar भी बनाया गया है, जहां ODOP उत्पाद उपलब्ध कराए जा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार के लिए भारतीय मिशनों के माध्यम से प्रदर्शनियां और खरीदार-विक्रेता बैठकें आयोजित करने की व्यवस्था भी की जा रही है।
यूपी के 75 जिलों के उत्पादों की मौजूदगी
उत्तर प्रदेश में ODOP की व्यवस्था सभी 75 जिलों तक फैली है। प्रदेश के आधिकारिक पोर्टल पर जिलेवार उत्पाद दर्ज हैं। इनमें आगरा का पेठा, स्टोन-मरबल और चमड़ा, अलीगढ़ के ताले-हार्डवेयर और मेटल क्राफ्ट, भदोही के कालीन, फिरोजाबाद के ग्लास उत्पाद, कन्नौज का इत्र और लखनऊ की चिकनकारी-जरी जरदोजी शामिल हैं। इसी सूची में कानपुर नगर के चमड़ा, टेक्सटाइल और होजरी, मुरादाबाद के मेटल क्राफ्ट, मेरठ के खेल उत्पाद, सहारनपुर के वुड क्राफ्ट और वाराणसी के सिल्क, लकड़ी के खिलौने व गुलाबी मीनाकारी जैसे उत्पाद भी शामिल हैं। दिल्ली का आयोजन इन उत्पादों से जुड़े उद्यमियों के लिए अपने उत्पादों की बाजार प्रतिक्रिया समझने और नए कारोबारी संपर्क बनाने का अवसर दे सकता है।
ODOP में कृषि से खेल उत्पाद तक शामिल
ODOP का दायरा सिर्फ पारंपरिक हस्तशिल्प तक सीमित नहीं है। इसमें कृषि आधारित उत्पाद, खाद्य प्रसंस्करण, वस्त्र, चमड़ा, धातु, लकड़ी, फर्नीचर और खेल सामान समेत विभिन्न स्थानीय उद्योग शामिल हैं। उत्तर प्रदेश के पोर्टल पर प्रयागराज के मूंज और खाद्य प्रसंस्करण, गौतमबुद्ध नगर के रेडीमेड गारमेंट और टेक्सटाइल तथा कानपुर नगर के चमड़ा, टेक्सटाइल और होजरी उत्पाद इसके उदाहरण हैं।
स्थानीय उत्पादों की ब्रांड पहचान मजबूत करने का मौका
राष्ट्रीय स्तर के आयोजन में भागीदारी से उद्यमियों को उत्पाद की पैकेजिंग, प्रस्तुति और खरीदारों की पसंद को समझने का अवसर मिल सकता है। जिले के नाम और स्थानीय विशेषता के साथ उत्पाद की पहचान मजबूत होने से उसकी बाजार प्रस्तुति को भी बढ़ावा मिल सकता है। इस तरह भारत ODOP संगम स्थानीय उत्पादों को प्रदर्शनी, बिक्री और कारोबारी संपर्क के जरिए बड़े बाजार से जोड़ने का मंच उपलब्ध कराएगा। 7 से 11 अक्टूबर तक भारत मंडपम में होने वाला आयोजन देशभर के जिला-विशिष्ट उत्पादों को एक साझा राष्ट्रीय मंच पर लाएगा।


