- क्याउक्तॉ के बाजार के पास सैन्य विमान से बमबारी का आरोप; 58 लोग घायल, 22 की हालत गंभीर, अराकान आर्मी ने म्यांमार सेना को ठहराया जिम्मेदार
भारत 19 डेस्क
पश्चिमी म्यांमार के रखाइन राज्य में क्याउक्तॉ के एक बाजार के पास हवाई हमले में कम से कम 49 लोगों की मौत हो गई और 58 लोग घायल हुए हैं। घायलों में 22 की हालत गंभीर बताई गई है। अराकान आर्मी और स्थानीय राहत अधिकारियों के मुताबिक हमला सोमवार दोपहर उस समय हुआ, जब बाजार में बड़ी संख्या में दुकानदार और खरीदार मौजूद थे। शुरुआती रिपोर्टों में मृतकों की संख्या 33 बताई गई थी, लेकिन राहतकर्मियों की बाद की जानकारी में यह आंकड़ा बढ़कर 49 हो गया। घटना के बाद राहत और बचाव दल ने घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया।
बाजार के पास दो बम गिराए जाने का दावा
अराकान आर्मी के अनुसार दोपहर करीब 12 बजे एक लड़ाकू विमान ने क्याउक्तॉ के स्थानीय बाजार और उसके पास स्थित पुल के आसपास दो बम गिराए। हमले में बाजार की दुकानों और आसपास के वाहनों को नुकसान पहुंचने की बात कही गई है। क्याउक्तॉ रखाइन का महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र है। यहां आसपास के इलाकों से व्यापारी और ग्राहक नियमित रूप से पहुंचते हैं। इसी वजह से बाजार क्षेत्र में हमले के समय काफी संख्या में लोग मौजूद थे। घटना के बाद सामने आए फोटो और वीडियो में बाजार क्षेत्र में आग और क्षतिग्रस्त ढांचे दिखाई देने की बात कही गई है। इन दृश्यों की स्वतंत्र पुष्टि सीमित है।
अराकान आर्मी ने सेना पर लगाया आरोप
अराकान आर्मी ने हमले के लिए म्यांमार की सेना को जिम्मेदार बताया है। संगठन ने हमले में नागरिकों के मारे जाने का दावा करते हुए जवाबी कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। म्यांमार की सेना की ओर से इस घटना पर तत्काल आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। सेना पूर्व में अपने हवाई अभियानों को सैन्य ठिकानों के खिलाफ कार्रवाई बताती रही है और नागरिकों को निशाना बनाने के आरोपों से इनकार करती रही है। इसलिए क्याउक्तॉ हमले का वास्तविक सैन्य लक्ष्य और हमले की परिस्थितियां स्वतंत्र रूप से पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं।
क्याउक्तॉ अराकान आर्मी के नियंत्रण में
क्याउक्तॉ उन इलाकों में शामिल है जहां अराकान आर्मी का प्रभाव और नियंत्रण बढ़ा है। संगठन ने नवंबर 2023 में रखाइन में बड़ा सैन्य अभियान शुरू किया था। इसके बाद उसने राज्य के कई हिस्सों में म्यांमार सेना के खिलाफ अपनी स्थिति मजबूत की। रखाइन में सेना और अराकान आर्मी के बीच संघर्ष के कारण कई इलाकों में प्रशासन, व्यापार और सामान्य आवाजाही प्रभावित हुई है। सशस्त्र संघर्ष ने स्थानीय आबादी के विस्थापन और मानवीय संकट को भी बढ़ाया है।
2021 के तख्तापलट के बाद बढ़ा संघर्ष
म्यांमार में मौजूदा गृहयुद्ध की पृष्ठभूमि फरवरी 2021 के सैन्य तख्तापलट से जुड़ी है। सेना ने निर्वाचित सरकार को हटाकर सत्ता संभाली थी। इसके बाद लोकतंत्र समर्थक समूहों और विभिन्न जातीय सशस्त्र संगठनों ने सैन्य शासन के खिलाफ हथियारबंद संघर्ष तेज किया। रखाइन में अराकान आर्मी प्रमुख जातीय सशस्त्र संगठनों में शामिल है। राज्य में लंबे समय से जातीय तनाव और सैन्य संघर्ष की स्थिति बनी हुई है।
रखाइन में पहले भी हुए घातक हवाई हमले
क्याउक्तॉ की घटना से पहले भी रखाइन में हवाई हमलों में नागरिकों के मारे जाने की खबरें सामने आती रही हैं। दिसंबर 2025 में म्राउक-यू टाउनशिप के एक अस्पताल पर हुए हवाई हमले में कम से कम 34 लोगों की मौत की रिपोर्ट सामने आई थी। संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकार संगठनों ने म्यांमार में हवाई हमलों, विस्थापन और नागरिकों की सुरक्षा को लेकर लगातार चिंता जताई है। संघर्ष के कारण रखाइन में खाद्य आपूर्ति, स्वास्थ्य सेवाओं और सुरक्षित आवाजाही पर भी असर पड़ा है।
हवाई हमले और मानवीय संकट की बड़ी तस्वीर
म्यांमार में सैन्य संघर्ष के कारण लाखों लोग अपने घरों से विस्थापित हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक देश में मानवीय सहायता की जरूरत लगातार बनी हुई है और संघर्ष प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य तथा खाद्य सेवाओं तक पहुंच एक बड़ी चुनौती है। रखाइन में जारी सैन्य टकराव ने इस संकट को और जटिल बनाया है। क्याउक्तॉ में ताजा हमला ऐसे समय हुआ है जब राज्य के कई हिस्सों में सामान्य जनजीवन पहले ही संघर्ष से प्रभावित है।


