Hot Topics

लड्डू में सेहत, गलौटी में पोषण; CSJMU छात्रों का कमाल

  • राष्ट्रीय पोषण सप्ताह के समापन पर छात्रों ने पेश किए डायबिटिक लड्डू, डी-सन गलौटी, प्रोटीन बार और डिटॉक्स सलाद

भारत 19
कानपुर।
सेहत के नाम पर स्वाद से समझौता करने की जरूरत नहीं—छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के छात्रों ने अपने प्रयोगों से यही संदेश दिया। डायबिटिक लड्डू में मिठास को सेहत से जोड़ा तो लखनऊ की मशहूर गलौटी कबाब को डी-सन गलौटी के रूप में पौष्टिक अंदाज दिया। प्रोटीन बार, डिटॉक्स सलाद और डीबी ड्रिंक जैसे उत्पादों के साथ छात्रों ने राष्ट्रीय पोषण सप्ताह-2026 के समापन समारोह में स्वस्थ खानपान की ऐसी तस्वीर पेश की, जिसमें स्वाद भी था और पोषण भी।

स्कूल ऑफ हेल्थ साइंसेज के छात्रों ने अपने बनाए हुए व्यंजनों के जरिए यह संदेश दिया कि शरीर को हृष्ट-पुष्ट रखने वाला भोजन स्वादिष्ट भी हो सकता है। छात्रों ने न केवल इन व्यंजनों को बनाकर स्वादिष्ट जायके की तस्वीर पेश की, बल्कि इनके ऐसे लाभ भी बताए जो भागदौड़ भरी जिंदगी में सेहत खराब कर रहे लोगों के लिए रामबाण साबित हो सकते हैं। छात्रों के इन व्यंजनों को देखने के बाद समापन समारोह की मुख्य अतिथि चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. विनीता सिंह ने कहा कि यह काबिले तारीफ है कि छात्रों ने यह खानपान प्रस्तुत करने में सेहत के साथ जायके का ख्याल भी रखा है। 
छात्रों को जानकारी देते हुए डॉ. विनीता ने कहा कि शरीर को पर्याप्त और संतुलित पोषण मिलने से व्यक्ति स्वस्थ रहने के साथ रोजमर्रा के काम भी बेहतर तरीके से कर सकता है। उन्होंने पोषण को स्वस्थ जीवनशैली की बुनियाद बताया। कार्यक्रम की अध्यक्ष वरिष्ठ आयुर्वेदाचार्य डॉ. वंदना पाठक ने स्वस्थ और विरुद्ध आहार की जानकारी देते हुए कहा कि भोजन का चुनाव सिर्फ स्वाद देखकर नहीं, बल्कि उसके शरीर पर पड़ने वाले प्रभाव को ध्यान में रखकर होना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को आयुर्वेद के आहार सिद्धांतों से भी परिचित कराया।

रेसिपी प्रतियोगिता बनी स्वाद और शोध का संगम

राष्ट्रीय पोषण सप्ताह में छात्रों के लिए रेसिपी प्रतियोगिता शोधपरक और मजेदार रही। छात्रों ने प्रत्येक व्यंजन को बनाकर उसमें प्रोटीन, शर्करा, फाइबर और कार्बोहाइड्रेट समेत अन्य चीजों का अध्ययन किया। उनके लिए यह क्लासरूम से बाहर निकलकर रसोईघर में सीखने का भी अनुभव रहा। रेसिपी प्रतियोगिता में पौष्टिक व्यंजनों को आकर्षक अंदाज में पेश किया गया। इसके अलावा कैंटीन गतिविधि और वाद-विवाद प्रतियोगिता भी आकर्षण का केंद्र रहीं। पांच सितंबर को हुई वाद-विवाद प्रतियोगिता में छात्रों ने खानपान और स्वास्थ्य पर अपने तर्क रखे। समापन समारोह में विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र और डायटिशियन रोहित यादव ने भी अपने अनुभव साझा किए। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को निदेशक डॉ. मुनीश रस्तोगी ने प्रमाणपत्र और मेडल देकर सम्मानित किया। संचालन सहायक आचार्या गरिमा दीक्षित ने किया। इस दौरान डॉ. हिना वैश्य, डॉ. दिग्विजय शर्मा, डॉ. अनामिका दीक्षित, सुश्री आमिना जैदी, डॉ. स्वाती अग्रवाल समेत शिक्षक और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

Tags :

Bharat 19 News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent News