- 25 हजार जवानों की तैनाती, 100 से ज्यादा NSG कमांडो और एंटी-ड्रोन सिस्टम सक्रिय, 11 होटल और 35 सुरक्षित रूट सुरक्षा घेरे में, VVIP काफिलों की GPS से निगरानी
भारत 19
नई दिल्ली। 18वें BRICS शिखर सम्मेलन से पहले दिल्ली को हाई-सिक्योरिटी जोन में बदला जा रहा है। भारत मंडपम में 12 और 13 सितंबर को होने वाले सम्मेलन में दुनिया के प्रमुख नेताओं और प्रतिनिधिमंडलों की मौजूदगी को देखते हुए एयरपोर्ट से लेकर होटल और समिट स्थल तक बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है। खास निगरानी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की आवाजाही को लेकर है।
25 हजार सुरक्षाकर्मियों से घिरी राजधानी
BRICS की सुरक्षा व्यवस्था में करीब 25 हजार सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की तैयारी है। इनमें 100 से ज्यादा NSG कमांडो भी शामिल हैं। संभावित हवाई खतरों से निपटने के लिए एंटी-ड्रोन सिस्टम तैनात किए जा रहे हैं, जबकि सुरक्षा एजेंसियां अलग-अलग परिस्थितियों को लेकर मॉक ड्रिल कर रही हैं। बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के अनुभव के आधार पर सुरक्षा व्यवस्था को कई स्तरों में बांटा गया है।
11 होटल, 35 सुरक्षित रूटों पर सुरक्षा
विदेशी राष्ट्राध्यक्षों और प्रतिनिधिमंडलों के ठहरने वाले करीब 11 होटलों को सुरक्षा घेरे में लिया गया है। एयरपोर्ट, होटल और भारत मंडपम के बीच आवाजाही के लिए करीब 35 सुरक्षित रूट तैयार किए गए हैं। VVIP काफिलों की निर्बाध आवाजाही के लिए इन रास्तों पर लगातार रिहर्सल की जा रही है।
चाणक्यपुरी के होटलों पर सबसे ज्यादा फोकस
चाणक्यपुरी इलाके में उन होटलों की सुरक्षा विशेष रूप से बढ़ाई गई है, जहां पुतिन और शी जिनपिंग के ठहरने की संभावना है। रूस और चीन की विशेष सुरक्षा टीमें पहले ही दिल्ली पहुंच चुकी हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, इन टीमों के पास अत्याधुनिक सुरक्षा उपकरण हैं और उन्होंने संबंधित होटलों में सुरक्षा तैयारियों का जायजा लेना शुरू कर दिया है।
मंजिलों से छत तक सुरक्षा की कई परतें
राष्ट्राध्यक्षों के संभावित ठहराव वाली होटल मंजिलों पर विशेष सुरक्षा तैनात की गई है। होटल की छत और ग्राउंड फ्लोर तक सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है। सुरक्षा जांच को केवल होटल परिसर तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि आसपास के इलाकों पर भी निगरानी बढ़ाई गई है।
होटल स्टाफ का दिल्ली से बाहर तक सत्यापन
सुरक्षा एजेंसियों ने होटल कर्मचारियों के सत्यापन पर भी विशेष जोर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक कर्मचारियों की पृष्ठभूमि की जांच दिल्ली के अलावा उनके गृह राज्यों में भी कराई गई है। इसका मकसद VVIP मेहमानों के ठहरने वाले परिसरों में अंदरूनी सुरक्षा जोखिम को भी कम करना है।
पुतिन के लिए वरिष्ठ अफसर, शी पर स्पेशल सेल
दोनों राष्ट्राध्यक्षों की सुरक्षा के लिए अलग-अलग सुरक्षा तंत्र सक्रिय किया गया है। शी जिनपिंग की सुरक्षा व्यवस्था में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को जिम्मेदारी दी गई है, जबकि पुतिन के संभावित होटल की सुरक्षा के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को लगाया गया है। इससे दोनों नेताओं की सुरक्षा को लेकर अलग-अलग स्तर पर तैयारियों का अंदाजा लगाया जा सकता है।
एयरपोर्ट से होटल तक रहेगा सुरक्षा कॉरिडोर
राष्ट्राध्यक्षों के दिल्ली पहुंचने के बाद पालम स्थित एयरफोर्स स्टेशन से उनके निर्धारित होटलों तक और वहां से भारत मंडपम तक आवाजाही के दौरान सुरक्षा का अलग कॉरिडोर तैयार रहेगा। काफिलों के रूट पर पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां तैनात रहेंगी। VVIP मूवमेंट के दौरान आम यातायात को नियंत्रित करने के लिए भी व्यापक ट्रैफिक प्लान तैयार किया गया है।
GPS से काफिलों की आवाजाही पर नजर
VVIP काफिलों की निगरानी में तकनीक का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। रिपोर्टों के अनुसार काफिले में शामिल वाहनों की लोकेशन पर नजर रखने के लिए GPS आधारित निगरानी की व्यवस्था की जा रही है। इसके साथ ही रूट की सुरक्षा जांच और रिहर्सल लगातार की जा रही है।
ट्रैफिक डायवर्जन से आम लोगों पर असर
BRICS प्रतिनिधिमंडलों की आवाजाही के दौरान दिल्ली के कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक व्यवस्था बदली जा सकती है। सुरक्षा एजेंसियों ने VVIP मूवमेंट के लिए डायवर्जन प्वाइंट और वैकल्पिक मार्गों की तैयारी की है। इससे सम्मेलन के दौरान कुछ इलाकों में सामान्य यातायात प्रभावित होने की संभावना है।
पुतिन 11, शी 12 सितंबर को पहुंच सकते हैं
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के 11 सितंबर को भारत पहुंचने की संभावना है, जबकि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के 12 सितंबर को दिल्ली आने की उम्मीद जताई गई है। दोनों नेताओं के पालम स्थित एयरफोर्स स्टेशन पहुंचने के बाद चाणक्यपुरी स्थित अपने-अपने होटलों तक जाने की योजना बताई गई है। पुतिन की भारत यात्रा का स्वागत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही कर चुके हैं, जबकि शी की यात्रा को लेकर फिलहाल भाषा में संभावना बरकरार रखना उचित है।
12-13 सितंबर को भारत मंडपम में शिखर सम्मेलन
भारत 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। मुख्य शिखर सम्मेलन 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में होगा। इस आयोजन में सदस्य देशों के साथ साझेदार देशों और अन्य आमंत्रित प्रतिनिधिमंडलों की भी भागीदारी होगी।


