- MeitY की मांग पर App Store से हटाया गया ऑफलाइन मैसेजिंग एप, IT Act की धारा 69A का हवाला, Google Play पर भी उपलब्ध नहीं, बिना इंटरनेट मैसेजिंग क्षमता बनी कार्रवाई की बड़ी वजह
भारत 19/ नई दिल्ली। Apple ने ट्विटर के सह-संस्थापक Jack Dorsey के Bitchat एप को भारत के App Store से हटा दिया है। यह कार्रवाई इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) की मांग के बाद की गई है। जैक डॉर्सी ने 3 अक्टूबर को Apple की ओर से भेजे गए नोटिस का स्क्रीनशॉट साझा करते हुए इसकी जानकारी दी। Apple के नोटिस में कहा गया है कि एप में ऐसा कंटेंट है जिसे भारत में अवैध माना गया है और MeitY की मांग पर इसे India App Store से हटाया जा रहा है।
मामले ने इसलिए ज्यादा ध्यान खींचा है क्योंकि Bitchat मोबाइल नेटवर्क या इंटरनेट के बिना भी नजदीकी डिवाइसों के बीच संदेश पहुंचाने के लिए बनाया गया है। जुलाई में भारत में इंटरनेट प्रतिबंधों के दौरान इसके इस्तेमाल और इसकी तकनीक को लेकर सरकारी एजेंसियां पहले ही चिंता जता चुकी थीं।
Apple ने धारा 69A का दिया हवाला
Apple के App Review नोटिस के मुताबिक Bitchat को भारत में हटाने की मांग Information Technology Act, 2000 की धारा 69A के तहत की गई। धारा के तहत केंद्र सरकार कुछ परिस्थितियों में ऑनलाइन सूचना तक सार्वजनिक पहुंच को ब्लॉक करने का आदेश दे सकती है। हालांकि, Apple के सार्वजनिक किए गए नोटिस में यह नहीं बताया गया कि Bitchat में कौन-सा विशिष्ट कंटेंट अवैध पाया गया और धारा 69A के तहत कौन-सा आधार लागू किया गया।
Apple ने डेवलपर को अधिक जानकारी के लिए MeitY से संपर्क करने को कहा है। यही वजह है कि एप को हटाने की कार्रवाई के कानूनी आधार को लेकर डिजिटल अधिकार संगठनों ने सवाल उठाए हैं। Internet Freedom Foundation ने मांग की है कि सरकार संबंधित ब्लॉकिंग आदेश और उसके आधार को सार्वजनिक करे।
भारत में App Store और TestFlight दोनों बंद
Apple के मुताबिक Bitchat को भारत के App Store से हटाया गया है, जबकि दूसरे देशों में एप उपलब्ध रह सकता है। इसके अलावा भारत में इसके TestFlight वर्जन की आंतरिक और बाहरी टेस्टिंग भी बंद कर दी गई है और सार्वजनिक TestFlight लिंक काम नहीं करेंगे। इसका सीधा असर नए भारतीय यूजर्स पर पड़ेगा, क्योंकि वे आधिकारिक App Store से ऐप डाउनलोड नहीं कर सकेंगे। मौजूदा एप को लेकर स्थिति अलग है, App Store से हटाया जाना अपने आप उन फोन से एप को मिटा देने के बराबर नहीं है।
Bitchat की तकनीक इतनी अलग क्यों है
Bitchat सामान्य इंटरनेट आधारित मैसेजिंग एप से अलग तरीके से काम करता है। यह Bluetooth Low Energy यानी BLE mesh networking का इस्तेमाल करता है। आसपास मौजूद फोन आपस में जुड़कर संदेशों को आगे बढ़ा सकते हैं। इसमें पारंपरिक मोबाइल डेटा, Wi-Fi, फोन नंबर या किसी केंद्रीय सर्वर की जरूरत नहीं होती। कई डिवाइस एक-दूसरे के बीच संदेश relay कर सकते हैं, जिससे सीमित दूरी में एक छोटा विकेंद्रीकृत नेटवर्क बन जाता है। यही क्षमता Bitchat को उस समय उपयोगी बनाती है, जब मोबाइल इंटरनेट उपलब्ध नहीं हो या किसी इलाके में नेटवर्क प्रतिबंध लागू हो।
जुलाई में भी सरकार के निशाने पर आया था एप
Bitchat के खिलाफ भारत में यह पहली कार्रवाई नहीं है। जुलाई 2026 में गृह मंत्रालय के अधीन Indian Cyber Crime Coordination Centre (I4C) ने GitHub को Bitchat से जुड़े तीन रिपॉजिटरी की पहुंच प्रतिबंधित करने का निर्देश दिया था। तब सरकारी चिंता का केंद्र एप की ऐसी तकनीक थी, जो इंटरनेट शटडाउन के दौरान भी संचार की सुविधा देती है और जिससे निगरानी, पहचान तथा lawful interception मुश्किल हो सकता है। उस कार्रवाई के बाद Bitchat भारत में तेजी से चर्चा में आया। TechCrunch के मुताबिक 17 से 23 जुलाई के बीच भारत से हुए डाउनलोड एप के वैश्विक डाउनलोड का करीब 85 प्रतिशत रहे थे।
अब बहस सिर्फ एप हटाने तक सीमित नहीं
Apple की ताजा कार्रवाई ने डिजिटल सुरक्षा बनाम संचार की स्वतंत्रता की बहस को फिर तेज कर दिया है। सरकार की चिंता एप की ऐसी तकनीकी क्षमता को लेकर रही है, जो इंटरनेट प्रतिबंध के बावजूद संचार संभव बनाती है। दूसरी ओर, डिजिटल अधिकार संगठनों का तर्क है कि किसी एप की तकनीकी क्षमता और उसके जरिए भेजी जाने वाली अवैध सामग्री को अलग-अलग देखा जाना चाहिए।


