- दोनों ओर 500 मीटर तक निर्माण पर रोक का प्रस्ताव 17 अक्टूबर को एलडीए बोर्ड बैठक में होगा पेश, ग्रीनबेल्ट विकसित कर बढ़ाई जाएगी हरियाली
भारत 19/ लखनऊ। राजधानी लखनऊ की आउटर रिंग रोड के आसपास अनियोजित निर्माण पर अंकुश लगाने और हरियाली बढ़ाने की तैयारी है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की योजना के तहत आउटर रिंग रोड के दोनों ओर 500 मीटर के दायरे में नए निर्माणों पर रोक लगाने का प्रस्ताव बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। प्रस्ताव को 17 अक्टूबर को होने वाली बैठक में मंजूरी मिलती है तो आगे आदेश जारी करने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। फिलहाल यह प्रस्तावित कदम है, निर्माण पर रोक का नया आदेश जारी होने की पुष्टि नहीं हुई है।
106 किलोमीटर लंबी आउटर रिंग रोड के आसपास बनेगी ग्रीनबेल्ट
लखनऊ की आउटर रिंग रोड करीब 106 किलोमीटर लंबी है। इसके दोनों ओर 500 मीटर के क्षेत्र को ग्रीनबेल्ट के रूप में विकसित करने की योजना है। इसका उद्देश्य सड़क के आसपास हरियाली बढ़ाना और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है। प्रस्ताव लागू होने पर संबंधित क्षेत्र में नए निर्माणों को लेकर नियोजन संबंधी नियम सख्त हो सकते हैं। हालांकि, निर्माण पर रोक का दायरा, इसकी शर्तें और प्रभावित जमीनों की स्थिति आदेश जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
17 अक्टूबर की एलडीए बोर्ड बैठक पर नजर
एलडीए की बोर्ड बैठक में आउटर रिंग रोड के आसपास निर्माण पर रोक से जुड़ा प्रस्ताव रखा जाना है। बैठक की अध्यक्षता मंडलायुक्त करेंगे। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद ही इसे लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। ऐसे में फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि पूरे 500 मीटर के दायरे में हर तरह के निर्माण पर रोक तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।
आउटर रिंग रोड के आसपास अवैध प्लॉटिंग भी चुनौती
आउटर रिंग रोड के आसपास अनियोजित विकास और प्लॉटिंग को लेकर पहले भी सवाल उठ चुके हैं। अक्टूबर 2025 की एक रिपोर्ट में कुछ इलाकों में प्रतिबंध संबंधी बोर्ड लगे होने के बावजूद निर्माण और प्लॉटिंग की स्थिति का उल्लेख किया गया था। इससे स्पष्ट है कि क्षेत्र में नियोजित विकास सुनिश्चित करना प्राधिकरण के लिए बड़ी चुनौती है।
नए प्रस्ताव का असर इस बात पर निर्भर करेगा कि बोर्ड की मंजूरी के बाद नियम किस रूप में लागू किए जाते हैं और उनकी निगरानी कैसे होती है। यदि ग्रीनबेल्ट विकसित करने की योजना प्रभावी ढंग से लागू होती है तो आउटर रिंग रोड के आसपास हरियाली बढ़ाने और अनियोजित निर्माण को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।


