- योगी सरकार 17.50 करोड़ रुपये करेगी खर्च, छह जिलों में बनेंगी दो-दो लैब, आईटीआई के विद्यार्थियों को मशीन लर्निंग और डेटा साइंस का मिलेगा व्यावहारिक प्रशिक्षण
भारत 19/ लखनऊ। उत्तर प्रदेश में युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), मशीन लर्निंग और डेटा साइंस जैसी आधुनिक तकनीकों में दक्ष बनाने के लिए 56 जिलों में 62 डेटा एवं एआई लैब स्थापित की जाएंगी। योगी सरकार की इस पहल पर 17.50 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इन लैब के जरिए विद्यार्थियों को तकनीकी टूल के इस्तेमाल और डेटा विश्लेषण का व्यावहारिक प्रशिक्षण देकर भविष्य की तकनीकी नौकरियों के लिए तैयार करने की योजना है। चयनित संस्थानों में लैब स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
आईटीआई में बनेंगी लैब, छह जिलों में दो-दो केंद्र
प्रदेश के 56 जिलों में राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) को इन लैब के लिए चुना गया है। छह जिलों में दो-दो लैब स्थापित करने की योजना है, जबकि अन्य चयनित जिलों में एक-एक लैब बनाई जाएगी। गोंडा के मनकापुर स्थित राजा रघुराज सिंह डिग्री कॉलेज को भी योजना में शामिल किया गया है। रायबरेली, मेरठ, नोएडा, अयोध्या, जौनपुर और गोंडा में दो-दो लैब स्थापित की जाएंगी। संबंधित संस्थानों में स्थान का चयन कर लिया गया है। योजना के प्रशासनिक क्रियान्वयन की जिम्मेदारी आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग को दी गई है।
मशीन लर्निंग और डेटा साइंस का मिलेगा प्रशिक्षण
इन लैब में विद्यार्थियों को केवल एआई की सैद्धांतिक जानकारी नहीं दी जाएगी, बल्कि डेटा विश्लेषण और तकनीकी टूल के इस्तेमाल का व्यावहारिक अभ्यास भी कराया जाएगा। प्रशिक्षण में मशीन लर्निंग, डेटा साइंस, प्रोग्रामिंग और एआई आधारित समाधान विकसित करने जैसे विषय शामिल होंगे। विद्यार्थी डेटा से उपयोगी जानकारी निकालने, परिणामों का विश्लेषण करने और विभिन्न क्षेत्रों की समस्याओं के समाधान के लिए तकनीक का इस्तेमाल करना सीख सकेंगे। जिम्मेदार एआई के उपयोग और कार्यस्थल पर जरूरी तकनीकी कौशल विकसित करने पर भी जोर रहेगा।
इंडिया एआई मिशन से जुड़ी है पहल
यह पहल केंद्र सरकार के इंडिया एआई मिशन और उत्तर प्रदेश सरकार के आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के बीच हुए समझौते से जुड़ी है। केंद्र सरकार की 12 जनवरी 2026 की आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, इंडिया एआई मिशन और उत्तर प्रदेश डेवलपमेंट सिस्टम्स कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीडेस्को) के बीच इस दिशा में समझौता हुआ था। इसका उद्देश्य युवाओं में एआई कौशल की कमी दूर करना, उनकी रोजगार क्षमता बढ़ाना और राज्य में तकनीकी प्रतिभा तैयार करना है।
राज्य सरकार ने व्यापक एआई मिशन को भी मंजूरी दी है। इसके तहत सभी 75 जिलों में एआई केंद्र विकसित करने और युवाओं को प्रशिक्षण देने की योजना है। हालांकि, 56 जिलों में 62 डेटा एवं एआई लैब की पहल को व्यापक मिशन से जुड़े कौशल विकास प्रयास के रूप में समझना चाहिए। दोनों योजनाओं की घोषित संरचना अलग है।
तकनीकी रोजगार के लिए तैयार होंगे युवा
एआई, मशीन लर्निंग और डेटा साइंस का इस्तेमाल स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, उद्योग और सरकारी सेवाओं सहित कई क्षेत्रों में बढ़ रहा है। ऐसे में इन तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण युवाओं को उभरते रोजगार क्षेत्रों के लिए तैयार करने में मदद कर सकता है।
हालांकि, योजना का वास्तविक असर इस बात पर निर्भर करेगा कि लैब कब तक शुरू होती हैं, विद्यार्थियों को कितने समय का प्रशिक्षण मिलता है और प्रशिक्षण के बाद रोजगार या आगे की पढ़ाई के कितने अवसर मिलते हैं। फिलहाल सरकार का जोर चयनित संस्थानों में जरूरी संसाधन विकसित करने और युवाओं को आधुनिक तकनीकी कौशल से जोड़ने पर है।

