- पांच मतदान केंद्रों पर 10 बूथ बनाए गए, 7 अक्टूबर को मतदान कार्मिकों का प्रशिक्षण; 15 अक्टूबर को होगी मतगणना, प्रशासन ने बिजली-पानी समेत सभी व्यवस्थाएं समय से पूरा करने के निर्देश दिए
भारत 19
कानपुर। नगर पंचायत बिठूर के अध्यक्ष पद के उपचुनाव को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। 13 अक्टूबर को सुबह सात बजे से शाम पांच बजे तक मतदान होगा, जबकि 15 अक्टूबर को मतगणना कराई जाएगी। चुनाव कार्यक्रम के अनुसार अध्यक्ष पद की यह सीट अनारक्षित है। जिला प्रशासन की समीक्षा बैठक में मतदान केंद्रों, बूथों, मतदान कार्मिकों के प्रशिक्षण, निर्वाचन सामग्री और सुरक्षा व्यवस्था समेत चुनाव से जुड़ी तैयारियों की समीक्षा की गई। नगर पंचायत क्षेत्र में पांच मतदान केंद्रों पर कुल 10 बूथ बनाए गए हैं।
7 अक्टूबर को मतदान कार्मिकों का प्रशिक्षण
मतदान प्रक्रिया में लगाए गए कार्मिकों का प्रशिक्षण 7 अक्टूबर को कराया जाएगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रशिक्षण के दौरान मतदान प्रक्रिया और कार्मिकों की जिम्मेदारियों से जुड़ी सभी जानकारी विस्तार से दी जाए, ताकि मतदान के दिन किसी तरह की दिक्कत न आए। प्रशासन ने मतदान केंद्रों पर बिजली, पेयजल, प्रकाश, साफ-सफाई और अन्य जरूरी सुविधाओं का समय रहते सत्यापन कराने के निर्देश दिए हैं। निर्वाचन से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं निर्धारित समयसीमा में पूरी करने और राज्य निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।
13 अक्टूबर को मतदान, 15 को नतीजे
बिठूर नगर पंचायत अध्यक्ष पद के लिए मतदान 13 अक्टूबर को सुबह 7 से शाम 5 बजे तक होगा। इसके बाद 15 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू होगी। चुनाव कार्यक्रम के मुताबिक नामांकन प्रक्रिया 18 से 24 सितंबर तक चली थी, 25 सितंबर को नामांकन पत्रों की जांच और 28 सितंबर को नाम वापसी हुई। 29 सितंबर को चुनाव चिह्न आवंटित किए गए। इस उपचुनाव में भाजपा और कांग्रेस ने अपने प्रत्याशी उतारे हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार भाजपा ने बिठूर विधायक अभिजीत सिंह सांगा के भाई राणा समरेन्द्र सिंह को प्रत्याशी बनाया है, जबकि कांग्रेस ने प्रदीप द्विवेदी को मैदान में उतारा है। समाजवादी पार्टी ने अपना प्रत्याशी नहीं उतारा है।
प्रशासन ने समय से तैयारी पूरी करने को कहा
समीक्षा बैठक में संबंधित अधिकारियों को निर्वाचन से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं को समय से पूरा करने के निर्देश दिए गए। प्रशासन का जोर मतदान प्रक्रिया को सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने, मतदान केंद्रों पर जरूरी सुविधाएं उपलब्ध रखने और निर्वाचन आयोग के निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित करने पर है।


