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कानपुर के व्यापारी यूपीआई पर एमडीआर को लेकर फिक्रमंद

  • 15 अक्टूबर से प्रस्तावित व्यवस्था पर व्यापार मंडल ने जताई चिंता, छोटे और फुटकर व्यापारियों के लिए यूपीआई भुगतान शुल्क-मुक्त रखने की मांग

कानपुर। यूपीआई भुगतान पर प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) को लेकर कानपुर के व्यापारी फिक्रमंद हैं। कानपुर उद्योग व्यापार मंडल ने सरकार से छोटे और फुटकर व्यापारियों को यूपीआई भुगतान पर किसी तरह के अतिरिक्त शुल्क से राहत देने और मौजूदा शुल्क-मुक्त व्यवस्था जारी रखने की मांग की है। जिला अध्यक्ष सुनील बजाज के नेतृत्व में व्यापारियों ने प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन कानपुर के सांसद रमेश अवस्थी को सौंपा। व्यापारियों ने कहा कि यूपीआई ने देश में डिजिटल भुगतान को आम लोगों और छोटे दुकानदारों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इससे भुगतान प्रक्रिया आसान, पारदर्शी और सुविधाजनक हुई है।

एमडीआर से बढ़ सकती है छोटे व्यापारियों की लागत

व्यापार मंडल का कहना है कि यूपीआई लेनदेन पर एमडीआर का अतिरिक्त भार छोटे व्यापारियों की वास्तविक लागत बढ़ा सकता है। व्यापारियों के मुताबिक कारोबार में आने वाली किसी भी अतिरिक्त लागत को लंबे समय तक अपनी जेब से वहन करना मुश्किल होगा। व्यापारियों ने कहा कि अतिरिक्त लागत का असर व्यापारियों की लागत पर पड़ेगा और आगे चलकर इसका प्रभाव ग्राहकों पर भी पड़ने की आशंका है।

छोटे कारोबारियों के लिए यूपीआई शुल्क-मुक्त रखने की मांग

व्यापार मंडल ने मांग की है कि छोटे और फुटकर व्यापारियों पर एमडीआर के प्रभाव का व्यापक अध्ययन कराया जाए। छोटे व्यापारियों के लिए यूपीआई भुगतान को पूरी तरह शुल्क-मुक्त रखने पर विचार किया जाए, ताकि डिजिटल भुगतान की मौजूदा व्यवस्था पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े। व्यापारियों ने यह भी मांग की कि एमडीआर की सीमा तय करते समय केवल यूपीआई से प्राप्त मासिक राशि को आधार न बनाया जाए। इसके साथ व्यापारी के वास्तविक कारोबार और व्यापारिक स्वरूप को भी ध्यान में रखा जाए।

एमडीआर लागू हो तो छोटे व्यापारियों को मिले संरक्षण

व्यापार मंडल ने कहा कि यदि किसी श्रेणी में एमडीआर लागू करना आवश्यक समझा जाता है तो छोटे व्यापारियों को पर्याप्त संरक्षण दिया जाना चाहिए। इससे डिजिटल भुगतान व्यवस्था मजबूत होने के साथ व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ को सीमित रखने में मदद मिलेगी। व्यापारियों ने 15 अक्टूबर 2026 से प्रस्तावित व्यवस्था लागू करने से पहले प्रमुख व्यापारिक संगठनों के साथ व्यापक विचार-विमर्श करने की मांग भी की है।

सांसद से प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री तक बात रखने का आग्रह

महामंत्री कृपा शंकर त्रिवेदी ने सांसद रमेश अवस्थी से पूर्व व्यवस्था जारी रखने का आग्रह किया। सांसद ने ज्ञापन लेने के बाद व्यापारियों को आश्वासन दिया कि उनकी बात प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री के समक्ष रखी जाएगी तथा व्यापारियों को राहत दिलाने का प्रयास किया जाएगा। ज्ञापन देने वालों में संरक्षक रामेश्वर गुप्ता लाला, नीरज दीक्षित, महेंद्र गुप्ता, युवा अध्यक्ष विराट गुप्ता, दीपक राज गुप्ता, केबी सिंह और गुलशन जायसवाल समेत कई व्यापारी मौजूद रहे।

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